वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत में 90 अरब डॉलर से अधिक निवेश की घोषणा
प्रकाशित: 27-06-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
नई दिल्ली, (भाषा)। भू-राजनीतिक तनाव, व्यापारिक व्यवधानों और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद वैश्विक कंपनियों तथा संस्थागत निवेशकों ने हाल के महीनों में भारत में 90 अरब डॉलर से अधिक के नए निवेश की घोषणा की है। यह भारत की दीर्घकालिक आर्थिक वृद्धि की संभावनाओं और निवेश गंतव्य के रूप में उसकी बढ़ती वैश्विक साख को दर्शाता है।
सूत्रों ने बताया कि प्रस्तावित निवेश कृत्रिम मेधा (एआई), क्लाउड कंप्यूटिंग, डिजिटल अवसंरचना, विनिर्माण और औद्योगिक प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में किया जाएगा। इससे वैश्विक कंपनियों के लिए आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाने तथा उच्च वृद्धि वाले बाजारों में विस्तार के बीच अहम निवेश गंतव्य के रूप में भारत की स्थिति और मजबूत होगी। अमेजन के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एंडी जेसी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मुलाकात के बाद कंपनी ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह वर्ष 2030 तक भारत में अपने कुल निवेश की प्रतिबद्धता बढ़ाकर 48 अरब डॉलर करेगा। यह निवेश क्लाउड अवसंरचना, एआई और डिजिटल सेवाओं के विस्तार में किया जाएगा। इस महीने की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया की डेटा सेंटर कंपनी एयरट्रंक ने 2030 तक भारत में पांच गीगावाट डेटा सेंटर क्षमता विकसित करने के लिए 30 अरब डॉलर निवेश करने की योजना की घोषणा की थी। यह देश में अब तक के सबसे बड़े डिजिटल अवसंरचना निवेशों में से एक है। फ्रांस की निर्माण सामग्री से जुड़ी कंपनी सेंट-गोबेन ने 18 जून को कहा था कि वह अगले पांच वर्षों में भारत में अतिरिक्त एक अरब यूरो (1.15 अरब डॉलर) का निवेश करेगी। कंपनी ने भारत को अपने सबसे तेजी से बढ़ते वैश्विक बाजारों में से एक बताया। कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड (सीपीपीआईबी) ने भी सीटीआरएलएस डाटासेंटर्स के साथ मिलकर हाइपरस्केल डेटा सेंटर क्षमता बढ़ाने के लिए 7,000 करोड़ रुपये तक निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है। वहीं औद्योगिक प्रौद्योगिकी कंपनी एबीबी ने मार्च में भारत में अपने विनिर्माण और अनुसंधान नेटवर्क के विस्तार के लिए 7.5 करोड़ डॉलर के निवेश की घोषणा की थी। गूगल ने भारत में एआई अवसंरचना के विस्तार के लिए पांच वर्षों में 15 अरब डॉलर की योजना की घोषणा फरवरी में की थी।
सूत्रों ने बताया कि प्रस्तावित निवेश कृत्रिम मेधा (एआई), क्लाउड कंप्यूटिंग, डिजिटल अवसंरचना, विनिर्माण और औद्योगिक प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में किया जाएगा। इससे वैश्विक कंपनियों के लिए आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाने तथा उच्च वृद्धि वाले बाजारों में विस्तार के बीच अहम निवेश गंतव्य के रूप में भारत की स्थिति और मजबूत होगी। अमेजन के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एंडी जेसी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मुलाकात के बाद कंपनी ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह वर्ष 2030 तक भारत में अपने कुल निवेश की प्रतिबद्धता बढ़ाकर 48 अरब डॉलर करेगा। यह निवेश क्लाउड अवसंरचना, एआई और डिजिटल सेवाओं के विस्तार में किया जाएगा। इस महीने की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया की डेटा सेंटर कंपनी एयरट्रंक ने 2030 तक भारत में पांच गीगावाट डेटा सेंटर क्षमता विकसित करने के लिए 30 अरब डॉलर निवेश करने की योजना की घोषणा की थी। यह देश में अब तक के सबसे बड़े डिजिटल अवसंरचना निवेशों में से एक है। फ्रांस की निर्माण सामग्री से जुड़ी कंपनी सेंट-गोबेन ने 18 जून को कहा था कि वह अगले पांच वर्षों में भारत में अतिरिक्त एक अरब यूरो (1.15 अरब डॉलर) का निवेश करेगी। कंपनी ने भारत को अपने सबसे तेजी से बढ़ते वैश्विक बाजारों में से एक बताया। कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड (सीपीपीआईबी) ने भी सीटीआरएलएस डाटासेंटर्स के साथ मिलकर हाइपरस्केल डेटा सेंटर क्षमता बढ़ाने के लिए 7,000 करोड़ रुपये तक निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है। वहीं औद्योगिक प्रौद्योगिकी कंपनी एबीबी ने मार्च में भारत में अपने विनिर्माण और अनुसंधान नेटवर्क के विस्तार के लिए 7.5 करोड़ डॉलर के निवेश की घोषणा की थी। गूगल ने भारत में एआई अवसंरचना के विस्तार के लिए पांच वर्षों में 15 अरब डॉलर की योजना की घोषणा फरवरी में की थी।