एनसीआर में विकसित होंगे चार ग्रीनफील्ड शहर
प्रकाशित: 17-06-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
विशेष प्रतिनिधि
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) की क्षेत्रीय योजना-2041 के तहत संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने के लिए नमो सिटीज़ नाम से चार ग्रीनफील्ड शहर विकसित किए जाएंगे।
यह फैसला केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (एनसीआरपीबी) की बै"क में लिया गया।क्षेत्रीय योजना-2041 के अनुसार, 2031 तक एनसीआर की शहरी आबादी लगभग 57 प्रतिशत और 2041 तक लगभग 67 प्रतिशत हो जाएगी। खट्टर ने संवाददाताओं से कहा, बै"क में यह तय किया गया कि चार ग्रीनफील्ड शहर विकसित किए जाएंगे। इन शहरों को नमो सिटीज़ कहा जाएगा। उन्होंने कहा कि इन शहरों के लिए 5,000 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे। मंत्री ने कहा कि राज्य अपने प्रस्ताव सौंपेंगे, जिनके आधार पर इन चार शहरों का चयन किया जाएगा।दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राजस्थान तथा उत्तर प्रदेश के शहरी विकास मंत्रियों ने बै"क में हिस्सा लिया।मंगलवार को जिस मसौदा योजना पर चर्चा हुई, उसमें उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में नए आर्थिक और रिहायशी केंद्र बनाकर विकेंद्रीकृत शहरी विकास की एक लंबी अवधि की रणनीति बताई गई है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बैठक के उपरांत संवाददाताओं से बातचीत के दौरान जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। आज बैठक में तय किया गया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के क्षेत्रीय दायरे में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा और वर्तमान सीमा बनी रहेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि बैठक में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का रीजनल प्लान-2041 पर चर्चा हुई। इसमें एनसीआर के भविष्य के विकास, शहरी नियोजन, पर्यावरण संरक्षण, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और सस्टेनेबल ग्रोथ से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा की गई। रीजनल प्लान-2041 को अंतिम रूप देने के लिए केंद्र सरकार और संबंधित राज्य सरकारों (हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान एवं दिल्ली) के वरिष्ठ अधिकारियों की एक सब-कमेटी गठित की गई है। यह सब-कमेटी 15 अगस्त, 2026 तक अपनी अंतिम रिपोर्ट बोर्ड को सौंपेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी योजना बोर्ड की अगली बैठक दिसंबर 2026 में गुरुग्राम (हरियाणा) में आयोजित की जाएगी। आज की बैठक में आरआरटीएस (रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम) के साथ-साथ चार नए ग्रीनफील्ड शहर विकसित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। बोर्ड के सभी सदस्य राज्य एक-एक नए ग्रीन फील्ड शहर की विकास योजना भेजेंगे।
नमो सिटी के नाम से विकसित होने वाले यह शहर आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल और आत्मनिर्भर शहरी केंद्र के रूप में विकसित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री सैनी ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी योजना बोर्ड के इन निर्णयों से दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र का संतुलित और सशक्त विकास सुनिश्चित होगा। हरियाणा सरकार एनसीआर के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और ग्रीनफील्ड शहरों तथा आरआरटीएस परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाएगी।
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) की क्षेत्रीय योजना-2041 के तहत संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने के लिए नमो सिटीज़ नाम से चार ग्रीनफील्ड शहर विकसित किए जाएंगे।
यह फैसला केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (एनसीआरपीबी) की बै"क में लिया गया।क्षेत्रीय योजना-2041 के अनुसार, 2031 तक एनसीआर की शहरी आबादी लगभग 57 प्रतिशत और 2041 तक लगभग 67 प्रतिशत हो जाएगी। खट्टर ने संवाददाताओं से कहा, बै"क में यह तय किया गया कि चार ग्रीनफील्ड शहर विकसित किए जाएंगे। इन शहरों को नमो सिटीज़ कहा जाएगा। उन्होंने कहा कि इन शहरों के लिए 5,000 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे। मंत्री ने कहा कि राज्य अपने प्रस्ताव सौंपेंगे, जिनके आधार पर इन चार शहरों का चयन किया जाएगा।दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राजस्थान तथा उत्तर प्रदेश के शहरी विकास मंत्रियों ने बै"क में हिस्सा लिया।मंगलवार को जिस मसौदा योजना पर चर्चा हुई, उसमें उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में नए आर्थिक और रिहायशी केंद्र बनाकर विकेंद्रीकृत शहरी विकास की एक लंबी अवधि की रणनीति बताई गई है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बैठक के उपरांत संवाददाताओं से बातचीत के दौरान जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। आज बैठक में तय किया गया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के क्षेत्रीय दायरे में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा और वर्तमान सीमा बनी रहेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि बैठक में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का रीजनल प्लान-2041 पर चर्चा हुई। इसमें एनसीआर के भविष्य के विकास, शहरी नियोजन, पर्यावरण संरक्षण, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और सस्टेनेबल ग्रोथ से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा की गई। रीजनल प्लान-2041 को अंतिम रूप देने के लिए केंद्र सरकार और संबंधित राज्य सरकारों (हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान एवं दिल्ली) के वरिष्ठ अधिकारियों की एक सब-कमेटी गठित की गई है। यह सब-कमेटी 15 अगस्त, 2026 तक अपनी अंतिम रिपोर्ट बोर्ड को सौंपेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी योजना बोर्ड की अगली बैठक दिसंबर 2026 में गुरुग्राम (हरियाणा) में आयोजित की जाएगी। आज की बैठक में आरआरटीएस (रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम) के साथ-साथ चार नए ग्रीनफील्ड शहर विकसित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। बोर्ड के सभी सदस्य राज्य एक-एक नए ग्रीन फील्ड शहर की विकास योजना भेजेंगे।
नमो सिटी के नाम से विकसित होने वाले यह शहर आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल और आत्मनिर्भर शहरी केंद्र के रूप में विकसित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री सैनी ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी योजना बोर्ड के इन निर्णयों से दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र का संतुलित और सशक्त विकास सुनिश्चित होगा। हरियाणा सरकार एनसीआर के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और ग्रीनफील्ड शहरों तथा आरआरटीएस परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाएगी।