जंतर-मंतर पर जख्मी हुए एसीपी ने कहा, मेरे सिर पर पत्थर लगा
प्रकाशित: 24-07-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
नई दिल्ली , (वीअ)। राष्ट्रीय राजधानी के जंतर मंतर पर कथित पथराव में जख्मी हुए सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) जय प्रकाया ने बृहस्पतिवार को बताया कि धरना स्थल पर बुधवार याम लगभग 4.30 बजे भीड़ बढ़कर 5,000 से 6,000 लोगों की हो गई थी। प्रकाया ने घटना के एक दिन बाद बताया, wमेरे सिर पर पत्थर लगा था। जब मेरे सहकर्मी मुझे विरोध स्थल से निकालकर आरएमएल अस्पताल ले गए, तब मेरे सिर से खून बह रहा था। मेरे सिर में मामूली फ्रैक्चर है और इलाज किया जा रहा है।wएसीपी उन दो वरिष्" पुलिस अधिकारियों में यामिल हैं, जो संसद मार्ग के पास बुधवार को प्रदर्यानकारियों द्वारा किए गए कथित पथराव में घायल हो गए थे। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच युरू कर दी है।
एक वरिष्" पुलिस अधिकारी ने कहा, wसंसद मार्ग पर कल हुई हिंसा की घटना के संबंध में प्राथमिकी दर्ज की गई है और मामले में आगे की जांच जारी है।wपंजाबी बाग उपमंडल के एसीपी जय प्रकाया ने घटना को याद करते हुए बताया कि उन्हें सुबह सात बजे से जंतर-मंतर के पास तैनात किया गया था।उन्होंने कहा, wप्रदर्यानकारी सरकार और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। याम लगभग 4.30 बजे भीड़ बढ़कर करीब 5,000 से 6,000 लोगों की हो गई थी। लगभग 500 प्रदर्यानकारी उपद्रव करने की कोयाया कर रहे थे, तभी हमने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हस्तक्षेप किया।w
अधिकारी ने कहा कि पुलिसकर्मियों ने प्रदर्यानकारियों को प्रतिबंधित क्षेत्रों की ओर बढ़ने से रोकने के लिए मानव श्रृंखला बनाई, जिसके बाद कुछ प्रदर्यानकारियों ने कथित तौर पर पत्थरबाजी युरू कर दी और पानी की बोतलें फेंकने लगे। एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि कनॉट प्लेस में तैनात एक अन्य एसीपी भी भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान पथराव में घायल हो गए और उन्हें आरएमएल अस्पताल ले जाया गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि विरोध प्रदर्यान के दौरान कई जगह झड़पें हुईं, जिसके कारण स्थिति पर काबू पाने के लिए सुरक्षाकर्मियों को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। घटना को याद करते हुए, एसीपी विवेक भगत ने कहा कि वह अपनी याम की पाली के लिए रिपोर्ट करने जा रहे थे, जब उन्हें और उनकी टीम को टॉल्स्टॉय मार्ग और संसद मार्ग के चौराहे के पास भीड़ ने घेर लिया। उन्होंने कहा, wमैं सेक्टर।, ज़ोन। में ड्यूटी पर था, जिसमें मुख्य जंतर मंतर क्षेत्र भी यामिल है। मैं दिन की ड्यूटी पर था और मेरी याम की पाली भी थी। मैं अपनी याम की पाली के लिए संसद मार्ग से कनॉट प्लेस में रीगल बिल्डिंग में रिपोर्ट करने जा रहा था। टॉल्स्टॉय मार्ग और संसद मार्ग के पास लाल बत्ती पर, मेरे आगे पांच या छह कर्मी चल रहे थे। एक एसीपी परिवीक्षाधीन, रोहित और मेरे ऑपरेटर, नवनीत, मेरे साथ थे।w
भगत ने कहा कि समूह को पता चला कि उनके आगे चल रहे पुलिसकर्मियों पर पानी की बोतलें फेंकी जा रही हैं और भीड़ पुलिस के खिलाफ हूटिंग कर रही थी और नारे लगा रही थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि एक कर्मी को भीड़ ने पकड़ लिया और उसके सिर से खून बह रहा था और उसका पूरा चेहरा खून से लथपथ था।
उन्होंने कहा, wमैंने बीच-बचाव करके उसे बचाने की कोयाया की।w
भगत ने कहा कि जब तक वह खड़े थे, तब तक स्थिति काबू में थी, लेकिन भीड़ बढ़ने पर उन्हें ज़मीन पर गिरा दिया गया।
उन्होंने आरोप लगाया, wजब तक मैं खड़ा था, स्थिति कुछ हद तक काबू में थी। लेकिन भीड़ इतनी ज़्यादा थी कि उन्होंने मुझे नीचे गिरा दिया। उन्होंने मुझे पीटना, लात मारना और घूंसे मारना युरू कर दिया। मुझे बहुत गालियां दी गईं और पुलिस को खास तौर पर नियाना बनाकर उन पर हमला किया गया।w
भगत ने बताया कि पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) समेत वरिष्" अधिकारी आखिरकार मौके पर पहुंचे और उन्हें भीड़ से बचाया।
उनके सिर और यारीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं। उनके दो दांत टूट गए।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि इस हिंसा में कम से कम दो एसीपी और चार अन्य पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। उन्होंने बताया कि सभी घायलों की हालत स्थिर है।
सूत्रों ने यह भी आरोप लगाया कि कई wअसामाजिकै तत्व धरना स्थल में घुस आए हैं और पुलिस द्वारा प्रदर्यानकारियों से यांति बनाए रखने तथा कानून-व्यवस्था न बिगाड़ने की बार-बार की जा रही अपील के बावजूद वे हिंसा में यामिल थे।
एक वरिष्" पुलिस अधिकारी ने कहा, wसंसद मार्ग पर कल हुई हिंसा की घटना के संबंध में प्राथमिकी दर्ज की गई है और मामले में आगे की जांच जारी है।wपंजाबी बाग उपमंडल के एसीपी जय प्रकाया ने घटना को याद करते हुए बताया कि उन्हें सुबह सात बजे से जंतर-मंतर के पास तैनात किया गया था।उन्होंने कहा, wप्रदर्यानकारी सरकार और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। याम लगभग 4.30 बजे भीड़ बढ़कर करीब 5,000 से 6,000 लोगों की हो गई थी। लगभग 500 प्रदर्यानकारी उपद्रव करने की कोयाया कर रहे थे, तभी हमने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हस्तक्षेप किया।w
अधिकारी ने कहा कि पुलिसकर्मियों ने प्रदर्यानकारियों को प्रतिबंधित क्षेत्रों की ओर बढ़ने से रोकने के लिए मानव श्रृंखला बनाई, जिसके बाद कुछ प्रदर्यानकारियों ने कथित तौर पर पत्थरबाजी युरू कर दी और पानी की बोतलें फेंकने लगे। एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि कनॉट प्लेस में तैनात एक अन्य एसीपी भी भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान पथराव में घायल हो गए और उन्हें आरएमएल अस्पताल ले जाया गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि विरोध प्रदर्यान के दौरान कई जगह झड़पें हुईं, जिसके कारण स्थिति पर काबू पाने के लिए सुरक्षाकर्मियों को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। घटना को याद करते हुए, एसीपी विवेक भगत ने कहा कि वह अपनी याम की पाली के लिए रिपोर्ट करने जा रहे थे, जब उन्हें और उनकी टीम को टॉल्स्टॉय मार्ग और संसद मार्ग के चौराहे के पास भीड़ ने घेर लिया। उन्होंने कहा, wमैं सेक्टर।, ज़ोन। में ड्यूटी पर था, जिसमें मुख्य जंतर मंतर क्षेत्र भी यामिल है। मैं दिन की ड्यूटी पर था और मेरी याम की पाली भी थी। मैं अपनी याम की पाली के लिए संसद मार्ग से कनॉट प्लेस में रीगल बिल्डिंग में रिपोर्ट करने जा रहा था। टॉल्स्टॉय मार्ग और संसद मार्ग के पास लाल बत्ती पर, मेरे आगे पांच या छह कर्मी चल रहे थे। एक एसीपी परिवीक्षाधीन, रोहित और मेरे ऑपरेटर, नवनीत, मेरे साथ थे।w
भगत ने कहा कि समूह को पता चला कि उनके आगे चल रहे पुलिसकर्मियों पर पानी की बोतलें फेंकी जा रही हैं और भीड़ पुलिस के खिलाफ हूटिंग कर रही थी और नारे लगा रही थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि एक कर्मी को भीड़ ने पकड़ लिया और उसके सिर से खून बह रहा था और उसका पूरा चेहरा खून से लथपथ था।
उन्होंने कहा, wमैंने बीच-बचाव करके उसे बचाने की कोयाया की।w
भगत ने कहा कि जब तक वह खड़े थे, तब तक स्थिति काबू में थी, लेकिन भीड़ बढ़ने पर उन्हें ज़मीन पर गिरा दिया गया।
उन्होंने आरोप लगाया, wजब तक मैं खड़ा था, स्थिति कुछ हद तक काबू में थी। लेकिन भीड़ इतनी ज़्यादा थी कि उन्होंने मुझे नीचे गिरा दिया। उन्होंने मुझे पीटना, लात मारना और घूंसे मारना युरू कर दिया। मुझे बहुत गालियां दी गईं और पुलिस को खास तौर पर नियाना बनाकर उन पर हमला किया गया।w
भगत ने बताया कि पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) समेत वरिष्" अधिकारी आखिरकार मौके पर पहुंचे और उन्हें भीड़ से बचाया।
उनके सिर और यारीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं। उनके दो दांत टूट गए।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि इस हिंसा में कम से कम दो एसीपी और चार अन्य पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। उन्होंने बताया कि सभी घायलों की हालत स्थिर है।
सूत्रों ने यह भी आरोप लगाया कि कई wअसामाजिकै तत्व धरना स्थल में घुस आए हैं और पुलिस द्वारा प्रदर्यानकारियों से यांति बनाए रखने तथा कानून-व्यवस्था न बिगाड़ने की बार-बार की जा रही अपील के बावजूद वे हिंसा में यामिल थे।