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कीर्ति आजाद के विवादित बयान पर भड़के ईशान किशन, मंदिर विवाद पर दी अपनी प्रतिक्रिया

प्रकाशित: 11-03-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
कीर्ति आजाद के विवादित बयान पर भड़के ईशान किशन, मंदिर विवाद पर दी अपनी प्रतिक्रिया
T20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी को मंदिर ले जाने पर विवाद हो गया है। टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद को झारखंड से कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने सपोर्ट किया है। कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी को मंदिर ले जाने के विवाद पर टिप्पणी की। सुखदेव भगत ने कहा कि पूर्व क्रिकेटर और मौजूदा टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद उस टीम का हिस्सा रहे हैं जिसने देश के लिए विश्व कप जीता था। कीर्ति आजाद एक सम्मानित सांसद हैं और उन्होंने जो मुद्दे उठाए हैं, वे चिंता का विषय हैं।
कीर्ति आजाद को सुखदेव भगत ने किया सपोर्ट
कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा, 'खेल हमेशा खेल भावना से खेला जाना चाहिए। जब देश जीतता है तो वह पूरे भारत की जीत होती है। यह किसी एक समुदाय, समूह या व्यक्ति की जीत नहीं होती।' दरअसल, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद कीर्ति आजाद ने गौतम गंभीर और जय शाह की आलोचना की थी। सुखदेव भगत ने कहा कि जब से भाजपा सरकार सत्ता में आई है, तब से ऐसे मामलों में बढ़ोतरी हुई है। समाज को अलग-अलग पहचान के आधार पर बांटने की कोशिश की जा रही है।
ट्रॉफी को मंदिर ले जाने पर कीर्ति को आपत्ति
टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने आरोप लगाया था कि टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी को अहमदाबाद के एक हिंदू मंदिर में ले जाना उचित नहीं है। कीर्ति आजाद का कहना था कि ये ट्रॉफी एक धर्मनिरपेक्ष देश का प्रतीक है, किसी एक धर्म का नहीं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 1983 की विश्व कप विजेता भारतीय टीम विभिन्न समुदायों के खिलाड़ियों से मिलकर बनी थी।
कीर्ति आजाद ने की मंदिर ले जाने पर आलोचना
TMC सांसद कीर्ति आजाद ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, 'टीम इंडिया पर शर्म आती है! जब हमने 1983 में कपिल देव की कप्तानी में विश्व कप जीता था, तब हमारी टीम में हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई खिलाड़ी थे। हम ट्रॉफी को अपनी धार्मिक जन्मभूमि, अपनी मातृभूमि भारत (हिंदुस्तान) में लेकर आए थे। भारतीय क्रिकेट ट्रॉफी को क्यों घसीटा जा रहा है? मस्जिद क्यों नहीं? चर्च क्यों नहीं? गुरुद्वारा क्यों नहीं? यह टीम भारत का प्रतिनिधित्व करती है - सूर्यकुमार यादव या जय शाह के परिवार का नहीं! सिराज ने कभी ट्रॉफी को मस्जिद में नहीं ले गए। संजू ने कभी इसे चर्च में नहीं ले गए। संजू ने इसमें अहम भूमिका निभाई थी और वह टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी थे। यह ट्रॉफी हर धर्म के 14 लाख भारतीयों की है - किसी एक धर्म की जीत का जश्न मनाने की जगह नहीं!'
T20 ट्रॉफी को मंदिर ले जाने का मामला क्या है?
दरअसल, आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 को टीम इंडिया ने लगातार दूसरी बात जीती। 8 मार्च की रात को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हरा दिया। तीसरी बार टी20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया। विश्व कप जीतने के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव, कोच गौतम गंभीर और आईसीसी चेयरमैन जय शाह ट्रॉफी को लेकर अहमदाबाद स्थित हनुमान मंदिर गए थे, जहां पूजा-अर्चना की गई।
इनपुट- आईएएनएस