नौसेना का लांस नायक निकला ISI का ‘जासूस’, पाकिस्तान को भेज रहा था सेना के सीक्रेट्स
प्रकाशित: 11-03-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
ताजनगरी आगरा से राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और सैन्य खुफिया एजेंसी ने एक संयुक्त ऑपरेशन में भारतीय नौसेना के एक लांस नायक को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार जवान की पहचान आगरा के रहने वाले लांस नायक के रूप में हुई है, जो केरल में तैनात था. आरोप है कि यह जवान सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के संपर्क में था और भारत की बेहद संवेदनशील जानकारियां सरहद पार साझा कर रहा था. एटीएस ने उसे अदालत में पेश किया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है.
कैसे पकड़ा गया आरोपी?
मिलिट्री इंटेलिजेंस को काफी समय से डिजिटल संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिल रही थी. जब रडार पर आगरा का यह जवान आया तो यूपी STF को सक्रिय किया गया. कड़ी निगरानी के बाद, पुख्ता सबूत मिलते ही उसे दबोच लिया गया. जांच में यह भी सामने आया कि वह कथित तौर पर रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण भारतीय युद्धपोतों और सैन्य गतिविधियों से जुड़ी तस्वीरें और जानकारी ISI एजेंटों के साथ साझा कर रहा था. आरोपी के पास से बरामद इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि अब तक कितनी और कैसी जानकारी लीक हो चुकी है.
बैंक खाते में संदिग्ध लेनदेन के संकेत
एटीएस की शुरुआती जांच में आरोपी के बैंक खाते में संदिग्ध लेनदेन के संकेत भी मिले हैं. जांच एजेंसियों को शक है कि उसे संवेदनशील जानकारी साझा करने के बदले पैसे मिलते थे. अब एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं. फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस नेटवर्क में कुछ और लोग भी शामिल हैं और क्या इसके बदले उसे कोई बड़ी रकम ट्रांसफर की गई थी. उस पर आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है.
कैसे पकड़ा गया आरोपी?
मिलिट्री इंटेलिजेंस को काफी समय से डिजिटल संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिल रही थी. जब रडार पर आगरा का यह जवान आया तो यूपी STF को सक्रिय किया गया. कड़ी निगरानी के बाद, पुख्ता सबूत मिलते ही उसे दबोच लिया गया. जांच में यह भी सामने आया कि वह कथित तौर पर रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण भारतीय युद्धपोतों और सैन्य गतिविधियों से जुड़ी तस्वीरें और जानकारी ISI एजेंटों के साथ साझा कर रहा था. आरोपी के पास से बरामद इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि अब तक कितनी और कैसी जानकारी लीक हो चुकी है.
बैंक खाते में संदिग्ध लेनदेन के संकेत
एटीएस की शुरुआती जांच में आरोपी के बैंक खाते में संदिग्ध लेनदेन के संकेत भी मिले हैं. जांच एजेंसियों को शक है कि उसे संवेदनशील जानकारी साझा करने के बदले पैसे मिलते थे. अब एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं. फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस नेटवर्क में कुछ और लोग भी शामिल हैं और क्या इसके बदले उसे कोई बड़ी रकम ट्रांसफर की गई थी. उस पर आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है.