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मीराबाई ने ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक जीता

प्रकाशित: 27-07-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
मीराबाई ने ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक जीता

ग्लास्गो, (भाषा)। स्टार भारोत्तोलक साइखोम मीराबाई चानू ने रविवार को यहां ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में रिकॉर्ड वजन उ"ाते हुए महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग का खिताब जीतकर भारत के स्वर्ण पदक का खाता खोल दिया।
इकतीस वर्षीय मीराबाई ने स्नैच में 85 किलोग्राम वजन उ"ाया जो राष्ट्रमंडल और राष्ट्रमंडल खेलों दोनों का नया रिकॉर्ड है। इसके बाद उन्होंने क्लीन एंव जर्क में 105 किलोग्राम वजन उ"ाकर राष्ट्रमंडल खेलों का एक और नया रिकॉर्ड बनाया। इस तरह उन्होंने कुल 190 किलोग्राम वजन उ"ाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। यह राष्ट्रमंडल खेलों में मीराबाई का लगातार तीसरा स्वर्ण पदक है। इससे पहले उन्होंने 2018 और 2022 के चरणों में भी स्वर्ण पदक जीते थे। तोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता मीराबाई ने ग्लास्गो में 2014 राष्ट्रमंडल खेलों में भी रजत पदक हासिल किया था। मीराबाई की जीत को लेकर किसी तरह का संदेह नहीं था। बस सवाल यह था कि मीराबाई अपनी सीमाओं को कितना आगे ले जाएंगी। और 31 साल की इस सुपरस्टार ने ताकत और संयम के शानदार प्रदर्शन के साथ रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज कराते हुए जबरदस्त अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने स्नैच स्पर्धा में राष्ट्रमंडल और राष्ट्रमंडल खेलों का नया रिकॉर्ड बनाया जबकि क्लीन एंव जर्क और कुल वजन में भी राष्ट्रमंडल खेलों के नए कीर्तिमान स्थापित किए। मीराबाई ने कुल 190 किलोग्राम, स्नैच में 85 किलोग्राम और क्लीन एंव जर्क में 105 किलोग्राम वजन उ"ाया। उनका दबदबा इतना जबरदस्त था कि रजत पदक जीतने वाली नाइजीरिया की रूथ असुओद्रो न्योंग कुल 168 किलोग्राम वजन ही उ"ा सकीं जो मीराबाई से पूरे 22 किलोग्राम कम था।
मीराबाई का मुकाबला तब शुरू हुआ, जब बाकी सभी प्रतिभागी अपना प्रदर्शन पूरा कर चुके थे। हालांकि, इस स्वर्णिम सफर की शुरुआत थोड़ी तनावपूर्ण रही। स्नैच में 82 किलोग्राम के अपने पहले प्रयास में वह सफल नहीं हो सकीं। लेकिन एक सच्ची चैंपियन की तरह उन्होंने तुरंत वापसी की और अपने शानदार जज्बे तथा अनुभव का परिचय देते हुए लय हासिल कर ली। यही गुण उनके पूरे करियर की पहचान रहे हैं। क्लीन एंव जर्क में भी उन्हें शुरुआती झटका लगा और वह अपने पहले प्रयास में 105 किलोग्राम वजन उ"ाने में सफल नहीं हो सकीं। हालांकि ओलंपिक रजत पदक विजेता मीराबाई ने दूसरे प्रयास में उसी 105 किलोग्राम वजन को बेहद सहजता से उ"ाकर स्वर्ण पदक लगभग सुनिश्चित कर दिया। इस सफल प्रयास के साथ उन्होंने क्लीन एंव जर्क और कुल वजन, दोनों में राष्ट्रमंडल खेलों के नए रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिए। स्वर्ण पदक लगभग तय हो जाने के बाद मीराबाई ने कोई अनावश्यक जोखिम नहीं लिया और दो महीने से भी कम समय बाद होने वाले एशियाई खेलों को ध्यान में रखते हुए अपना तीसरा प्रयास नहीं किया। यह राष्ट्रमंडल खेलों में मीराबाई का लगातार तीसरा स्वर्ण पदक है। इससे पहले उन्होंने 2018 और 2022 के चरणों में भी स्वर्ण पदक जीते थे। तोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता मीराबाई ने ग्लास्गो में 2014 राष्ट्रमंडल खेलों में भी रजत पदक हासिल किया था।