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मेघवाल ने ऊंची कूद में रजत जीतकर इतिहास रचा

प्रकाशित: 10-08-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
यूजीन (अमेरिका), (भाषा)। बसंत कुमार मेघवाल विश्व एथलेटिक्स अंडर-20 चैंपियनशिप में ऊंची कूद में पदक जीतने वाले पहले भारतीय बन गए हैं, जबकि शाहनवाज खान ने लंबी कूद में कांस्य पदक जीता, जिससे भारत के लिए यह दिन यादगार बन गया और प्रतियोगिता में उसके कुल पदकों की संख्या तीन पहुंच गई। राजस्थान के श्री गंगानगर जिले के सीमावर्ती शहर अनूपगढ़ के रहने वाले 19 वर्षीय मेघवाल ने शनिवार को चैंपियनशिप के चौथे दिन 2.21 मीटर की कूद लगाकर अपना सर्वश्रेष्" प्रदर्शन किया और रजत पदक जीता।
अल्जीरिया के यूनेस अयाची ने स्वर्ण पदक, जबकि ब्रिटेन के ओटिस पूल ने कांस्य पदक हासिल किया। तीनों पदक विजेता केवल 2.21 मीटर की ऊंचाई तक कूद लगा सके और 2.24 मीटर की ऊंचाई पार करने में असफल रहे। ऐसी स्थिति में पिछली ऊंचाई को पार करने के प्रयासों की संख्या के आधार पर स्थानों का निर्धारण किया गया। अयाची ने अपने पहले प्रयास में ही 2.21 मीटर की ऊंचाई पार कर ली थी, जबकि मेघवाल और पूल ने क्रमश: अपने दूसरे और तीसरे प्रयास में यह ऊंचाई हासिल की थी। भारतीय नौसेना में कार्यरत मेघवाल के रजत पदक ने उन्हें विश्व् अंडर-20 चैंपियनशिप में ऊंची कूद में पदक जीतने वाला पहला भारतीय भी बना दिया। भारतीय महिला ऊंची कूद की पूर्व राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक सहाना कुमारी से प्रशिक्षण लेने वाले मेघवाल ने इस सत्र में अपने प्रदर्शन में 10 सेंटीमीटर का सुधार किया है। इससे पहले उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्" प्रदर्शन 2.11 मीटर था। उन्होंने 2025 और 2026 में राष्ट्रीय जूनियर फेड कप में स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने इस साल मई में एशियाई अंडर-20 चैंपियनशिप का खिताब हासिल किया। मेघवाल फिलहाल भारतीय नौसेना में कार्यरत हैं। राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के सीमावर्ती कस्बे अनूपगढ़ के पास स्थित 12 ए-बी गांव के रहने वाले हैं। राजस्थान के सीमा क्षेत्र के कई गांवों के नाम सिंचाई योजना के ब्लॉक नंबरों के आधार पर रखे गए थे। उनके पिता गंगाराम मेघवाल किसान हैं। इसके साथ ही वे ड्राइवर और दिहाड़ी मजदूर के रूप में भी काम करते हैं। मेघवाल को खेलों में आगे बढ़ाने के पीछे उनके पिता की सबसे बड़ी भूमिका रही। इसके बाद शाहनवाज ने पुरुषों की लंबी कूद में 7.84 मीटर के सर्वश्रेष्" प्रयास के साथ कांस्य पदक जीतकर चैंपियनशिप में भारत के पदकों की संख्या को तीन तक पहुंचा दिया। इस 18 वर्षीय खिलाड़ी ने अपने तीसरे प्रयास में सर्वश्रेष्" छलांग लगाई। उन्होंने क्रमश: 7.67 मीटर, 7.72 मीटर, 7.84 मीटर, 7.52 मीटर, 7.83 मीटर और 5.37 मीटर छलांग लगाई। फाइनल में पहुंचने वाले दूसरे भारतीय आरसी जिथिन अर्जुनान ने अपने पहले और चौथे प्रयास में 7.59 मीटर की सर्वश्रेष्" छलांग लगाकर आ"वां स्थान हासिल किया। इटली के डेनियल इन्जोली ने 7.97 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक जीता, जबकि ऑस्ट्रेलिया के मेसन मैकग्रोडर ने 7.96 मीटर के अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्" प्रदर्शन के साथ रजत पदक हासिल किया। शाहनवाज देश के सबसे होनहार लंबी कूद खिलाड़ियों में शामिल हैं। राष्ट्रमंडल खेलों के रजत पदक विजेता मुरली श्रीशंकर भी उनकी जमकर तारीफ कर चुके हैं। शहनवाज 8.30 मीटर के साथ राष्ट्रीय अंडर-20 रिकॉर्डधारी हैं और मौजूदा एशियाई अंडर-20 चैंपियन भी हैं। इस सत्र में 8.30 मीटर की कूद के साथ वह एशिया की सीनियर रैंकिंग में तीसरे स्थान पर हैं। जून में राष्ट्रीय अंतर्राज्यीय चैंपियनशिप में उन्होंने 8.30 मीटर की छलांग लगाई, लेकिन 8.38 मीटर के साथ मुरली श्रीशंकर उनसे आगे रहे। मई में एशियाई अंडर-20 चैंपियनशिप में उन्होंने 7.84 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक जीता था। पिछले चार महीनों में शहनवाज ने अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्" प्रदर्शन 8.23 मीटर से बढ़ाकर 8.30 मीटर कर लिया है।
इतनी कम उम्र में उनका यह प्रदर्शन भारतीय खिलाड़ियों में अब तक का तीसरा सर्वश्रेष्" है। उनसे आगे केवल जेस्विन एल्ड्रिन (8.42 मीटरा) और मुरली श्रीशंकर (8.41 मीटर) हैं।
उन्होंने भारतीय एथलेटिक्स महासंघ द्वारा तय 2026 एशियाई खेलों का द्रालिफिकेशन मानक भी हासिल कर लिया है।
शाहनवाज उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के मढ़ईपुर गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता नसीमुद्दीन टैक्सी चालक थे जिनका 2018 में कैंसर से निधन हो गया था। तब शाहनवाज केवल 10 साल के थे। इसके बाद उनके चाचाओं ाराष्ट्रीय स्तर के एथलीट रह चुका ने उनका मार्गदर्शन किया।
चैंपियनशिप का एक दिन बाकी रहते भारत ने 2021 और 2022 चरणों के बराबर पदक हासिल कर लिए हैं। भारत के अभियान की शुरुआत शुक्रवार को हुई थी, जब आशीष यादव ने पुरुष भाला फेंक में रजत पदक खाता खोला था।
यादव विश्व् अंडर-20 चैंपियनशिप में भाला फेंक में रजत पदक जीतने वाले दूसरे भारतीय बन गए हैं। उनसे पहले नीरज चोपड़ा ने यह उपलब्धि हासिल की थी। चोपड़ा ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि यह अभी केवल शुरुआत है।
2002 से 2028 के बीच भारत ने विश्व् अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में अब तक केवल चार पदक जीते हैं। इनमें नीरज चोपड़ा ापुरुष भाला फेंका और हिमा दास ामहिला 400 मीटरा के स्वर्ण पदक शामिल हैं। 2024 के चरण में भारत ने एक पदक जीता था।
पुरुष चक्का फेंक में राष्ट्रीय अंडर-20 रिकॉर्डधारी निश्चय फोगाट 59.46 मीटर के सर्वश्रेष्" प्रयास के साथ द्रालीफिकेशन में कुल 16वें स्थान पर रहे और फाइनल में जगह नहीं बना सके।
ट्रैक स्पर्धाओं में भारतीय महिला चार गुणा 400 मीटर रिले टीम ने 3:39.53 मिनट का समय लेकर अपनी हीट में तीसरा स्थान हासिल किया और फाइनल में प्रवेश किया। टीम में भूमिका नेहाते, तहुरा खातून, तनु चौधरी और थिया अरुमुगम शामिल थीं।
हालांकि, भारतीय महिला चार गुणा 100 मीटर रिले टीम और पुरुष चार गुणा 400 मीटर रिले टीम फाइनल में जगह बनाने में असफल रहीं।
महिला चार गुणा 100 मीटर रिले टीम ारुजुला अमोल भोंसले, जी भावना, आरती और अनन्या सुरेशा ने 45.91 सेकेंड के समय के साथ अपनी हीट में छ"ा स्थान हासिल किया।
वहीं पुरुष चार गुणा 400 मीटर रिले टीम ासैयद सबीर, रंजीत कुमार, पीयूष राज और मोहम्मद अशफाका 3:08.56 मिनट के समय के साथ अपनी हीट में पांचवें स्थान पर रहे।
दोनों स्पर्धाओं में प्रत्येक हीट की शीर्ष तीन टीम ने फाइनल के लिए द्रालीफाई किया।
पुरुषों की 5000 मीटर पैदल चाल के फाइनल में नितिन गुप्ता 19:32.30 मिनट के समय के साथ छ"s स्थान पर रहे।