जीवन जीने की कला सिखाती है श्री राम कथा ः भार्गव मुनीष महाराज
प्रकाशित: 26-12-2025 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
आकाश तिवारी
मैनपुरी। शहर के पंजाबी कॉलोनी स्थित माहेश्वरी धर्मशाला में श्रीराम कथा समिति के तत्वावधान में आयोजित श्रीराम कथा एवं अष्टोत्तरशत् रुद्राभिषेक के प्रथम दिवस अयोध्या के कथा व्यास भार्गव मुनीष महाराज द्वारा श्रीराम कथा का रसपान कराया गया। कथा के शुभारंभ में कथा के मुख्य यजमान सपत्नी राम खिलाड़ी यादव व रवीश मित्तल ने व्यास पूजन किया तथा आरती की।
कथा व्यास भार्गव मुनीष महाराज ने कहा कि श्री राम कथा कोई साधारण कथा नहीं है। इस कथा के श्रवण मात्र से मानव जीवन तर जाता है। श्री राम कथा जीवन जीने की कला सिखाती है। राम कथा रूपी इस सरोबर के पास रहना चाहिये इस सरोवर के पास रहने से कोई भी आग नही जला सकती है।
कलयुग जैसा कोई युग नहीं है 4 युग है सतयुग में हजारों वर्ष तप करने से भगवान मिलते थे। जो हजारो वर्ष तप, वृत, यज्ञ आदि करने से पुण्य नही मिलता वह कलयुग में नाम जप करने से वह पुण्यफल प्राप्त हो जाता है। महाराज श्री ने कहा कि कलयुग के समान युग नहीं है यह तब सिद्ध होता है जब व्यक्ति का उसमें विश्वास हो जिस दिन आपका विश्वास प्रवल हो जायेगा तब अयोध्या वाले भगवान राम आपके घर प्रकट हो जाएंगे। कथा व्यास भार्गव मुनीष महाराज ने कहा कि श्री राम कथा प्रेम और त्याग की कथा है। कथा के दौरान महाराज श्री ने नाम कीर्तन करो तुम सुधर जाओगे....., रामा रामा रटते बीते रे उमरिया.... आदि भजन, कीर्तन सुनाकर श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर कर दिया।
कथा में संजीव मिश्रा वैद्य जी, अवध विहारी पांडेय, सुरेश चन्द्र बंसल बीनू, अशोक गुप्ता पप्पू, कौशलेंद्र दीक्षित, घनश्याम दास गुप्ता, के के गुप्ता, कलश यात्रा संयोजक राधा रानी दुबे बुआ जी, अमित राय, भगवत नारायण अवस्थी, मनीष तापड़िया, दीपक गुप्ता, संजय गुप्ता आदि के अलावा बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन मौजूद रहे।
मैनपुरी। शहर के पंजाबी कॉलोनी स्थित माहेश्वरी धर्मशाला में श्रीराम कथा समिति के तत्वावधान में आयोजित श्रीराम कथा एवं अष्टोत्तरशत् रुद्राभिषेक के प्रथम दिवस अयोध्या के कथा व्यास भार्गव मुनीष महाराज द्वारा श्रीराम कथा का रसपान कराया गया। कथा के शुभारंभ में कथा के मुख्य यजमान सपत्नी राम खिलाड़ी यादव व रवीश मित्तल ने व्यास पूजन किया तथा आरती की।
कथा व्यास भार्गव मुनीष महाराज ने कहा कि श्री राम कथा कोई साधारण कथा नहीं है। इस कथा के श्रवण मात्र से मानव जीवन तर जाता है। श्री राम कथा जीवन जीने की कला सिखाती है। राम कथा रूपी इस सरोबर के पास रहना चाहिये इस सरोवर के पास रहने से कोई भी आग नही जला सकती है।
कलयुग जैसा कोई युग नहीं है 4 युग है सतयुग में हजारों वर्ष तप करने से भगवान मिलते थे। जो हजारो वर्ष तप, वृत, यज्ञ आदि करने से पुण्य नही मिलता वह कलयुग में नाम जप करने से वह पुण्यफल प्राप्त हो जाता है। महाराज श्री ने कहा कि कलयुग के समान युग नहीं है यह तब सिद्ध होता है जब व्यक्ति का उसमें विश्वास हो जिस दिन आपका विश्वास प्रवल हो जायेगा तब अयोध्या वाले भगवान राम आपके घर प्रकट हो जाएंगे। कथा व्यास भार्गव मुनीष महाराज ने कहा कि श्री राम कथा प्रेम और त्याग की कथा है। कथा के दौरान महाराज श्री ने नाम कीर्तन करो तुम सुधर जाओगे....., रामा रामा रटते बीते रे उमरिया.... आदि भजन, कीर्तन सुनाकर श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर कर दिया।
कथा में संजीव मिश्रा वैद्य जी, अवध विहारी पांडेय, सुरेश चन्द्र बंसल बीनू, अशोक गुप्ता पप्पू, कौशलेंद्र दीक्षित, घनश्याम दास गुप्ता, के के गुप्ता, कलश यात्रा संयोजक राधा रानी दुबे बुआ जी, अमित राय, भगवत नारायण अवस्थी, मनीष तापड़िया, दीपक गुप्ता, संजय गुप्ता आदि के अलावा बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन मौजूद रहे।