महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का सशक्त मॉडल बनी विदुर प्रेरणा स्वदेशी हर्बल टी ः केशव प्रसाद मौर्य
प्रकाशित: 27-07-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
लखनऊ, (वीअ)। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री मा0 श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा अपने लोकप्रिय कार्पाम 'मन की बात' में बिजनौर जिले की महिलाओं द्वारा तैयार 'विदुर प्रेरणा स्वदेशी हर्बल टी' का उल्लेख किया जाना उत्तर प्रदेश की स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी लाखों महिलाओं के लिए गौरव, सम्मान और नई प्रेरणा का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में 'वोकल फॉर लोकल', 'आत्मनिर्भर भारत' और महिला सशक्तिकरण का संकल्प निरंतर नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है तथा यह उपलब्धि उसी परिवर्तनकारी सोच का सशक्त उदाहरण है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजनौर के विकास खंड कोतवाली के ग्राम लखीवाला की स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं द्वारा तैयार की जा रही 'विदुर प्रेरणा स्वदेशी हर्बल टी' स्थानीय संसाधनों, नवाचार और महिला उद्यमिता का उत्कृष्ट मॉडल बनकर उभरी है। लेमनग्रास, गिलोय, मुलेठी, तुलसी, कच्ची हल्दी, दालचीनी, इलायची और सौंफ जैसी प्राकृतिक सामग्री से तैयार यह हर्बल टी लगभग रू 01 लाख की छोटी शुरुआत से आज देश के प्रतिष्ठित संस्थानों तक अपनी पहचान बना चुकी है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अपनी संभावनाएं मजबूत कर रही है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए स्वयं सहायता समूह से जुड़ी सभी माताओं-बहनों एवं पूरी टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा श्मन की बातश् में इस पहल का उल्लेख उत्तर प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं के आत्मविश्वास को नई ऊर्जा देगा तथा स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजार तक पहुंचाने के अभियान को और गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं की मेहनत, गुणवत्ता, समर्पण और नवाचार ने यह सिद्ध कर दिया है कि ग्रामीण भारत की महिलाएं आज रोजगार सृजन के साथ-साथ देश की अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा दे रही हैं।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजनौर के विकास खंड कोतवाली के ग्राम लखीवाला की स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं द्वारा तैयार की जा रही 'विदुर प्रेरणा स्वदेशी हर्बल टी' स्थानीय संसाधनों, नवाचार और महिला उद्यमिता का उत्कृष्ट मॉडल बनकर उभरी है। लेमनग्रास, गिलोय, मुलेठी, तुलसी, कच्ची हल्दी, दालचीनी, इलायची और सौंफ जैसी प्राकृतिक सामग्री से तैयार यह हर्बल टी लगभग रू 01 लाख की छोटी शुरुआत से आज देश के प्रतिष्ठित संस्थानों तक अपनी पहचान बना चुकी है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अपनी संभावनाएं मजबूत कर रही है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए स्वयं सहायता समूह से जुड़ी सभी माताओं-बहनों एवं पूरी टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा श्मन की बातश् में इस पहल का उल्लेख उत्तर प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं के आत्मविश्वास को नई ऊर्जा देगा तथा स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजार तक पहुंचाने के अभियान को और गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं की मेहनत, गुणवत्ता, समर्पण और नवाचार ने यह सिद्ध कर दिया है कि ग्रामीण भारत की महिलाएं आज रोजगार सृजन के साथ-साथ देश की अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा दे रही हैं।