श्रमिकों को विश्वास में लिए बिना बना दिए कानून
प्रकाशित: 19-01-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
चेंबर ऑफ कॉमर्स में एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया। जिसमें उनका कहना था कि भारत सरकार द्वारा 21 नवंबर को 29 श्रम कानून को समाप्त कर 4 श्रम संहिताओं को लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इन कानून से जुड़े किसी भी स्टॉक होल्डर या श्रमिक संगठनों को विश्वास में लिए बिना इन कानून को लागू किया है। केवल देश के कॉर्पोरेट लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए इन्हें पारित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा दिसंबर 2025 में संसद के शीतकालीन सत्र में सबका बीमा सब की सुरक्षा के नाम से बीमा कानून संशोधन 2025 पारित कर बीमा उद्योग में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा 74 प्रतिशत से बढ़कर शत प्रतिशत कर दी गई है। सरकार का तर्क है कि सन् 2047 में देश के प्रत्येक नागरिक को सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बीमा उद्योग में विदेशी निवेश की सीमा शत प्रतिशत करना आवश्यक है। इससे देश में विदेशी निवेश आएगा तथा देश के करोड़ों लोगों को सामाजिक सुरक्षा प्राप्त होगी।
इस दौरान उन्होंने भारतीय जीवन बीमा निगम में अभिलंब भारती की भी मांग की है।। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा अपना निर्णय नहीं लिया गया तो फरवरी माह में मेरठ डिवीजन इंश्योरेंस एम्पलाइज यूनियन 1 दिन की हड़ताल करेगा।
इस दौरान उन्होंने भारतीय जीवन बीमा निगम में अभिलंब भारती की भी मांग की है।। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा अपना निर्णय नहीं लिया गया तो फरवरी माह में मेरठ डिवीजन इंश्योरेंस एम्पलाइज यूनियन 1 दिन की हड़ताल करेगा।