अमेरिकी नागरिकों के परिवारों ने नेपाल में लापता परिजनों का पता लगाने के लिए रुबियो से मदद मांगी
प्रकाशित: 05-09-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
वाशिंगटन, (भाषा)। नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ के बाद से लापता अमेरिकी नागरिकों के परिवारों ने अपने परिजनों का पता लगाने के लिए बचाव अभियान का दायरा बढ़ाने की मांग करते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो को पत्र लिखा है।
नेपाल के उत्तरी और मध्य हिस्सों में 26 अगस्त को अचानक आई विनाशकारी बाढ़ के बाद से कम से कम 90 अमेरिकी नागरिकों का कोई पता नहीं चल पाया है। लापता अमेरिकी नागरिकों के परिजनों ने 29 अगस्त को लिखे पत्र में कहा, हम चाहते हैं कि सभी लापता लोगों का पता लगाया जाए। अमेरिकी नागरिक होने के नाते हमें अपनी सरकार से उम्मीद है कि वह इनमें शामिल अमेरिकी नागरिकों को खोजने के लिए और अधिक प्रयास करेगी। पत्र पर 57 लापता लोगों के परिजनों और मित्रों ने हस्ताक्षर किए हैं। इनमें 31 अमेरिकी और अन्य देशों के 26 नागरिक शामिल हैं। लापता लोगों में अधिकतर कैलाश पर्वत की तीर्थयात्रा पर थे। यह मार्ग रसुवा जिले से होकर गुजरता है और गिरोंग में तिब्बत में प्रवेश करता है। परिजनों ने कहा, हमें घाटी में किसी अमेरिकी विमान, खोजी दल या वाणिज्य दूतावास के अधिकारी की मौजूदगी के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय की ओर से उपलब्ध कराए गए फोन नंबरों पर उन्होंने दो दिन तक संपर्क करने की कोशिश की लेकिन कोई मदद नहीं मिली। परिजनों ने अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में काम करने में सक्षम विमानों और खोज उपकरणों की तैनाती, उपग्रह तस्वीरों एवं उन्नत विश्लेषण की मदद लेने, स्टारलिंक के जरिये आपात संचार सुविधा उपलब्ध कराने, अमेरिकी वाणिज्य दूतावासों और नेपाल के मंत्रालयों के बीच सीधे समन्वय, खोज एवं बचाव दलों की तैनाती तथा बचाव अभियान के लिए बड़े स्तर पर धन उपलब्ध कराए जाने की मांग की है। अमेरिका के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय व्हाइट हाउस के पूर्व सलाहकार और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के नेता अजय भूटोरिया ने कहा, संकट के समय त्वरित एकजुटता और कार्रवाई हमारे सबसे मजबूत साधन होते हैं।
परिजनों ने अमेरिकी सरकार से चीन से संपर्क कर वाणिज्य दूतावास की पहुंच और जरूरी जानकारी हासिल करने तथा अन्य देशों की सरकारों के साथ मिलकर बचाव प्रयासों में समन्वय करने का भी अनुरोध किया है। पत्र में कहा गया, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, भारत और सिंगापुर के साथ भी समन्वय किया जाए क्योंकि इन देशों के नागरिक भी उन्हीं यात्रा समूहों में थे, जिनमें हमारे परिजन शामिल थे। नेपाल में अचानक आई बाढ़ से मृतकों की संख्या पावार को बढ़कर 1,282 हो गई तथा 4,700 से अधिक लापता लोगों की तलाश के लिए बचाव एवं खोज अभियान जारी है।
नेपाल के उत्तरी और मध्य हिस्सों में 26 अगस्त को अचानक आई विनाशकारी बाढ़ के बाद से कम से कम 90 अमेरिकी नागरिकों का कोई पता नहीं चल पाया है। लापता अमेरिकी नागरिकों के परिजनों ने 29 अगस्त को लिखे पत्र में कहा, हम चाहते हैं कि सभी लापता लोगों का पता लगाया जाए। अमेरिकी नागरिक होने के नाते हमें अपनी सरकार से उम्मीद है कि वह इनमें शामिल अमेरिकी नागरिकों को खोजने के लिए और अधिक प्रयास करेगी। पत्र पर 57 लापता लोगों के परिजनों और मित्रों ने हस्ताक्षर किए हैं। इनमें 31 अमेरिकी और अन्य देशों के 26 नागरिक शामिल हैं। लापता लोगों में अधिकतर कैलाश पर्वत की तीर्थयात्रा पर थे। यह मार्ग रसुवा जिले से होकर गुजरता है और गिरोंग में तिब्बत में प्रवेश करता है। परिजनों ने कहा, हमें घाटी में किसी अमेरिकी विमान, खोजी दल या वाणिज्य दूतावास के अधिकारी की मौजूदगी के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय की ओर से उपलब्ध कराए गए फोन नंबरों पर उन्होंने दो दिन तक संपर्क करने की कोशिश की लेकिन कोई मदद नहीं मिली। परिजनों ने अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में काम करने में सक्षम विमानों और खोज उपकरणों की तैनाती, उपग्रह तस्वीरों एवं उन्नत विश्लेषण की मदद लेने, स्टारलिंक के जरिये आपात संचार सुविधा उपलब्ध कराने, अमेरिकी वाणिज्य दूतावासों और नेपाल के मंत्रालयों के बीच सीधे समन्वय, खोज एवं बचाव दलों की तैनाती तथा बचाव अभियान के लिए बड़े स्तर पर धन उपलब्ध कराए जाने की मांग की है। अमेरिका के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय व्हाइट हाउस के पूर्व सलाहकार और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के नेता अजय भूटोरिया ने कहा, संकट के समय त्वरित एकजुटता और कार्रवाई हमारे सबसे मजबूत साधन होते हैं।
परिजनों ने अमेरिकी सरकार से चीन से संपर्क कर वाणिज्य दूतावास की पहुंच और जरूरी जानकारी हासिल करने तथा अन्य देशों की सरकारों के साथ मिलकर बचाव प्रयासों में समन्वय करने का भी अनुरोध किया है। पत्र में कहा गया, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, भारत और सिंगापुर के साथ भी समन्वय किया जाए क्योंकि इन देशों के नागरिक भी उन्हीं यात्रा समूहों में थे, जिनमें हमारे परिजन शामिल थे। नेपाल में अचानक आई बाढ़ से मृतकों की संख्या पावार को बढ़कर 1,282 हो गई तथा 4,700 से अधिक लापता लोगों की तलाश के लिए बचाव एवं खोज अभियान जारी है।