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आप पार्टी को गहरा घाव पहुँचाकर राघव चड्ढा अब बीजेपी में शामिल

प्रकाशित: 25-04-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
आप पार्टी को गहरा घाव पहुँचाकर राघव चड्ढा अब बीजेपी में शामिल
आदित्य नरेन्द्र
आम आदमी पार्टी (आप) में एक बार फिर बड़ा विद्रोह हो गया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने आज आप से इस्तीफा दे दिया और भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। उनके साथ आप के राज्यसभा के लगभग दो-तिहाई सांसद भी बीजेपी में विलय हो रहे हैं। यह घटना दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए बड़ा झटका है।
राघव चड्ढा ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “मैं गलत पार्टी में सही आदमी था। आप अब अपने मूल सिद्धांतों से भटक चुकी है। भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने वाली पार्टी अब खुद भ्रष्टाचार और सत्ता के चंगुल में फंस गई है।’’ उन्होंने दावा किया कि संवैधानिक प्रावधानों के तहत आप के राज्यसभा के 10 में से 7 सांसद बीजेपी में शामिल हो रहे हैं। इनमें संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल आदि शामिल हैं।
आप ने खुद तैयार किया अपना अंत कुछ हफ्ते पहले ही आप ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में डिप्टी लीडर पद से हटा दिया था। पार्टी ने संसद सचिवालय को चिट्ठी लिखकर कहा था कि चड्ढा को बोलने का समय न दिया जाए। चड्ढा को “साइलेंस’’ करने की कोशिश की गई, लेकिन वे चुप रहने वाले नहीं थे। आप के सीनियर नेता संजय सिंह ने चड्ढा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, “हमने राघव को सब कुछ दिया, लेकिन वह बीजेपी की गोद में जा बैठा। पंजाब की जनता के साथ विश्वासघात हुआ है।’’ लेकिन विपक्षी दलों का कहना है कि आप में आंतरिक कलह, केजरीवाल का एकल नेतृत्व और पार्टी के मूल्यों से भटकना ही इस विद्रोह की वजह है। राघव चड्ढा आप के चेहरे थे। पंजाब से राज्यसभा सांसद, प्रभावशाली वक्ता और युवा चेहरा। लेकिन पार्टी में उनकी आवाज दबाई जाने लगी। जब बड़े-बड़े नेता जेल जा रहे थे, तब चड्ढा को “सॉफ्ट इश्यूज’’ जैसे एयरपोर्ट पर समोसे की कीमत उठाने के लिए टारगेट किया गया। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि चड्ढा को “कम्प्रोमाइज्ड’’ बताकर साइडलाइन कर दिया गया।
बीजेपी में स्वागत बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने राघव चड्ढा का पार्टी दफ्तर में लड्डू खिलाकर स्वागत किया। बीजेपी नेताओं ने इसे “कंसाइंस की पुकार’’ और “AAझ् पर सबसे बड़ा राजनीतिक कूप’’ बताया। इस विलय से राज्यसभा में बीजेपी की ताकत बढ़ेगी और आप कमजोर हो जाएगी।
राजनीतिक विश्लेषण यह घटना आप के लिए घातक साबित हो सकती है। दिल्ली, पंजाब और अन्य राज्यों में पार्टी पहले ही संकट में है। केजरीवाल की गिरफ्तारी, भ्रष्टाचार के आरोप और आंतरिक कलह ने पार्टी को कमजोर किया। वहीं, राघव चड्ढा जैसे युवा और प्रभावशाली नेता का जाना आप की विश्वसनीयता को और नुकसान पहुंचाएगा। राघव चड्ढा का बयान साफ है- आप अब ईमानदार राजनीति से दूर हो गई है।’’ उनके फैसले ने साबित कर दिया कि सत्ता और परिवारवाद ने एक बार फिर एक नई पार्टी को बर्बाद कर दिया। क्या आप अब टूटने की कगार पर है? समय बताएगा। लेकिन आज का दिन आप के लिए “स्व-निर्मित विनाश’’ का दिन साबित हुआ है। राघव चड्ढा आप से निकलकर नई शुरुआत करने जा रहे हैं।