भारत का कुख्यात ड्रग माफिया सलीम डोला तुर्किये में गिरफ्तार, अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क पर बड़ा वार, दाऊद का है करीबी
प्रकाशित: 25-04-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
नई दिल्ली:
भारत के कुख्यात ड्रग माफिया और अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क के बड़े खिलाड़ी सलीम डोला को तुर्किये की सुरक्षा एजेंसियों ने इस्तांबुल में बड़ी कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार कर लिया है. भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने भी उसकी गिरफ्तारी की पुष्टि की है. इस कार्रवाई को अंडरवर्ल्ड और नारकोटिक्स नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कामयाबी माना जा रहा है.
सूत्रों के मुताबिक, सलीम डोला लंबे समय से ग्लोबल सिंथेटिक ड्रग नेटवर्क को चला रहा था, जिसके तार कई देशों तक फैले हुए थे. जांच एजेंसियों का दावा है कि उसके नेटवर्क के संपर्क भारत के मोस्ट वांटेड अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम के गिरोह से भी जुड़े हुए हैं.
दुबई से ऑपरेट करता था ड्रग सिंडिकेट
कुख्यात ड्रग माफिया सलीम डोला को दाऊद इब्राहिम का करीबी माना जाता रहा है. शुरुआती दौर में वह मुंबई में सक्रिय था, जिसके बाद दुबई से पूरे ड्रग सिंडिकेट का संचालन करने लगा. सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि भारत में ड्रग्स की सप्लाई का बड़ा चैनल उसी के नियंत्रण में था.
अक्टूबर 2025 में मुंबई क्राइम ब्रांच ने उसके प्रमुख सहयोगी मोहम्मद सलीम सोहेल शेख को दुबई से प्रत्यर्पित कर भारत लाया था. इसके बाद नवंबर 2025 में मुंबई पुलिस ने सलीम डोला के बेटे ताहिर डोला समेत उसके परिवार के चार सदस्यों को भी दुबई से भारत लाकर गिरफ्तार किया था.
रेड कॉर्नर नोटिस और इनाम घोषित
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने सलीम डोला पर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था. उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस (RCN) भी जारी किया गया था. मुंबई पुलिस ने भी उसे वांछित अपराधी घोषित कर रखा था. सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, सलीम डोला के पास सऊदी अरब का पासपोर्ट है. जिस देश में उसे गिरफ्तार किया गया है, वहां से उसका सीधे भारत डिपोर्ट या प्रत्यर्पण फिलहाल संभव नहीं है. ऐसे में भारतीय एजेंसियां UAE के जरिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रयास कर रही हैं, ताकि उसे भारत लाया जा सके.
दाऊद नेटवर्क से पुराना नाता
अधिकारियों के मुताबिक, सलीम डोला के पिता ने लंबे समय तक दाऊद इब्राहिम के साथ मुंबई में काम किया था. बाद में सलीम डोला खुद दुबई पहुंचा और डी कंपनी के लिए काम करते हुए नारकोटिक्स कारोबार में गहराई से शामिल हो गया.
बड़े खुलासों की उम्मीद
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि सलीम डोला की गिरफ्तारी से अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क, हवाला चैनल और अंडरवर्ल्ड कनेक्शन से जुड़े कई बड़े खुलासे हो सकते हैं. आने वाले दिनों में उससे पूछताछ के आधार पर पूरी ड्रग सिंडिकेट की संरचना सामने आने की उम्मीद है.
यह गिरफ्तारी भारत और विदेशी एजेंसियों के बीच बढ़ते सहयोग का भी संकेत मानी जा रही है, जिससे अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के खिलाफ लड़ाई को नई ताकत मिलने की संभावना है.
भारत के कुख्यात ड्रग माफिया और अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क के बड़े खिलाड़ी सलीम डोला को तुर्किये की सुरक्षा एजेंसियों ने इस्तांबुल में बड़ी कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार कर लिया है. भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने भी उसकी गिरफ्तारी की पुष्टि की है. इस कार्रवाई को अंडरवर्ल्ड और नारकोटिक्स नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कामयाबी माना जा रहा है.
सूत्रों के मुताबिक, सलीम डोला लंबे समय से ग्लोबल सिंथेटिक ड्रग नेटवर्क को चला रहा था, जिसके तार कई देशों तक फैले हुए थे. जांच एजेंसियों का दावा है कि उसके नेटवर्क के संपर्क भारत के मोस्ट वांटेड अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम के गिरोह से भी जुड़े हुए हैं.
दुबई से ऑपरेट करता था ड्रग सिंडिकेट
कुख्यात ड्रग माफिया सलीम डोला को दाऊद इब्राहिम का करीबी माना जाता रहा है. शुरुआती दौर में वह मुंबई में सक्रिय था, जिसके बाद दुबई से पूरे ड्रग सिंडिकेट का संचालन करने लगा. सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि भारत में ड्रग्स की सप्लाई का बड़ा चैनल उसी के नियंत्रण में था.
अक्टूबर 2025 में मुंबई क्राइम ब्रांच ने उसके प्रमुख सहयोगी मोहम्मद सलीम सोहेल शेख को दुबई से प्रत्यर्पित कर भारत लाया था. इसके बाद नवंबर 2025 में मुंबई पुलिस ने सलीम डोला के बेटे ताहिर डोला समेत उसके परिवार के चार सदस्यों को भी दुबई से भारत लाकर गिरफ्तार किया था.
रेड कॉर्नर नोटिस और इनाम घोषित
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने सलीम डोला पर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था. उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस (RCN) भी जारी किया गया था. मुंबई पुलिस ने भी उसे वांछित अपराधी घोषित कर रखा था. सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, सलीम डोला के पास सऊदी अरब का पासपोर्ट है. जिस देश में उसे गिरफ्तार किया गया है, वहां से उसका सीधे भारत डिपोर्ट या प्रत्यर्पण फिलहाल संभव नहीं है. ऐसे में भारतीय एजेंसियां UAE के जरिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रयास कर रही हैं, ताकि उसे भारत लाया जा सके.
दाऊद नेटवर्क से पुराना नाता
अधिकारियों के मुताबिक, सलीम डोला के पिता ने लंबे समय तक दाऊद इब्राहिम के साथ मुंबई में काम किया था. बाद में सलीम डोला खुद दुबई पहुंचा और डी कंपनी के लिए काम करते हुए नारकोटिक्स कारोबार में गहराई से शामिल हो गया.
बड़े खुलासों की उम्मीद
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि सलीम डोला की गिरफ्तारी से अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क, हवाला चैनल और अंडरवर्ल्ड कनेक्शन से जुड़े कई बड़े खुलासे हो सकते हैं. आने वाले दिनों में उससे पूछताछ के आधार पर पूरी ड्रग सिंडिकेट की संरचना सामने आने की उम्मीद है.
यह गिरफ्तारी भारत और विदेशी एजेंसियों के बीच बढ़ते सहयोग का भी संकेत मानी जा रही है, जिससे अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के खिलाफ लड़ाई को नई ताकत मिलने की संभावना है.