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राघव चड्ढा फिर देंगे झटका? अरविंद केजरीवाल की बढ़ी टेंशन, जानें क्या है दिल्ली के 22 AAP विधायकों से कनेक्शन

प्रकाशित: 25-04-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
राघव चड्ढा फिर देंगे झटका? अरविंद केजरीवाल की बढ़ी टेंशन, जानें क्या है दिल्ली के 22 AAP विधायकों से कनेक्शन
राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) जॉइन कर ली है। राघव के साथ 6 और सांसदों ने AAP छोड़ी है। लेकिन 7 सांसदों के जाने से आम आदमी पार्टी में भूचाल आ गया है। पंजाब के सांसदों का कोटा खाली हो गया है। अब पंजाब से आम आदमी पार्टी के सिर्फ 3 सासंद रह गए हैं। इस फूट ने अरविंद केजरीवाल के सामने 2 नई टेंशन खड़ी कर दी हैं, जिनका जल्द समाधान निकालना AAP के लिए बेहद जरूरी है।
दो तिहाई सांसदों ने छोड़ी आम आदमी पार्टी
14 साल के इतिहास में आम आदमी पार्टी ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन इतने बड़े लेवल पर फूट पहली बार देखी है। पार्टी के दो तिहाई सांसद साथ छोड़कर BJP में चले गए। इस घटनाक्रम ने अरविंद केजरीवाल के लिए 2 नई टेंशन खड़ी की है। एक तो इन 7 खाली सीटों को जल्द से जल्द से भरना होगा। अगर ऐसा नहीं हुआ तो सीटें हाथ से निकल जाएंगी। दूसरी टेंशन दिल्ली के 22 विधायकों को एकजुट रखने की है, क्योंकि वे टूट सकते हैं।
22 विधायकों को एकजुट रखना बड़ी चुनौती
अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के लिए सबसे बड़ी चुनौती ही दिल्ली के 22 विधायक हैं। क्योंकि पार्टी के सबसे मजबूत और पुराने गढ़ दिल्ली को बचाकर रखना होगा। 22 विधायकों को टूटने से रोकना होगा। राघव चड्ढा पहले ही इशारों-इशारों में कहा चुके हैं कि जिस तरह की टूटफूट का वह सूत्रधार बन चुके हैं, उनकी बात को अब AAP हल्के में लेने का जोखिम नहीं उठा सकती, यानी राघव चड्ढा फिर कोई गेम खेलने की फिराक में हैं।
पंजाब AAP नेताओं को तोड़ सकते राघव-BJP
पंजाब AAP कार्यकर्ताओं के अनुसार, ईडी के छापे निर्देशों पर पड़े थे। जिन सांसदों ने पार्टी छोड़ी है। उनमें से ज्यादातर बिजनेसमैन हैं। 2027 के पंजाब चुनाव के लिए वे अब पंजाब से AAP नेताओं को तोड़ सकते हैं। उनके कई समर्थक तो अब उनके साथ ही BJP के कार्यकर्ता बन चुके हैं। अब दिल्ली और पंजाब में विधायकों को भी उनका बनने से रोकना होगा। इसके लिए अरविंद केजरीवाल को जल्द से जल्द कोई बड़ा फैसला लेना होगा।
राघव चड्ढा कह भी चुके हैं कि अभी तो आम आदमी पार्टी के दो तिहाई सांसदों ने साथ छोड़ा है। अभी तो और भी लोग जाएंगे। हमारे साथ आएंगे, यानी उन्होंने आम आदमी पार्टी में और टूट फूट होने के संकेत दिए हैं।