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अनुकंपा नियुक्पि में तृतीय श्रेणी पदों पर सीलिंग समाप्त करने एवं स्थानांतरण प्रतिबंध हटाकर नई नीति लागू करने की मांग

प्रकाशित: 07-08-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
रायपुर, (छत्तीसगढ़ ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों से जुड़े दो अत्यंत महत्वपूर्ण एवं लंबे समय से लंबित विषयों को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को विस्तृत मांग-पत्र सौंपते हुए त्वरित निर्णय लेने का अनुरोध किया है।फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा, महासचिव चंद्रशेखर तिवारी, उप संयोजक पवन शर्मा, रोहित तिवारी, संजय सिंह, प्रदेश प्रवक्पा पंकज पांडे ने संयुक्प विज्ञप्ति जारी कर बताया कि वर्तमान में सामान्य प्रशासन विभाग के दिनांक 23 फरवरी 2019 के आदेश के कारण तृतीय श्रेणी के पदों पर अनुकंपा नियुक्पि के लिए सीधी भर्ती के पदों पर 10 प्रतिशत की सीमा (सीलिंग) निर्धारित है। इस सीमा के कारण अनेक दिवंगत शासकीय सेवकों के उच्च शिक्षित एवं पात्र आश्रित वर्षों से अनुकंपा नियुक्पि की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इसके विपरीत चतुर्थ श्रेणी के पदों पर अनुकंपा नियुक्पि के लिए किसी प्रकार की सीलिंग लागू नहीं है।
फेडरेशन ने मांग की है कि मानवीय संवेदनाओं को ध्यान में रखते हुए तृतीय श्रेणी के पदों पर भी चतुर्थ श्रेणी की भांति सीलिंग समाप्त की जाए, ताकि दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को समयबद्ध न्याय मिल सके तथा उन्हें आर्थिक एवं सामाजिक संकट से राहत प्राप्त हो।इसके साथ ही फेडरेशन ने वर्ष 2025 की स्थानांतरण नीति में आवश्यक संशोधन करते हुए स्थानांतरण पर लगे प्रतिबंध को तत्काल हटाने तथा नई स्थानांतरण नीति जारी करने की मांग की है।फेडरेशन ने मांग-पत्र में कहा है कि नई स्थानांतरण नीति में निम्नलिखित प्रावधानों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएपति-पत्नी प्रकरणों में पारस्परिक स्थानांतरण का स्पष्ट प्रावधान। मान्यता प्राप्त कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों को स्थानांतरण में पूर्ववत छूट। दिव्यांग, कैंसर, किडनी प्रत्यारोपण, हृदय शल्य चिकित्सा एवं अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित शासकीय सेवकों को विशेष प्राथमिकता एवं स्थानांतरण में छूट। फेडरेशन ने कहा कि ये दोनों विषय प्रदेश के हजारों शासकीय कर्मचारियों एवं उनके परिवारों से सीधे जुड़े हुए हैं। अनुकंपा नियुक्पि में अनावश्यक विलंब से पीड़ित परिवार आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं, वहीं स्थानांतरण नीति में व्यावहारिक प्रावधानों के अभाव में अनेक कर्मचारी पारिवारिक एवं सामाजिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने मुख्यमंत्री से इन दोनों जनहितैषी एवं कर्मचारी हितैषी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया है।