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मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली सचिवालय से चार ‘मोबाइल नमो श्रमिक सेवा केंद्र वैन' को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

प्रकाशित: 23-09-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
वीर अर्जुन संवाददाता
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के जन्मदिन पर शुरू किए गए ‘सेवा संकल्प अभियान' के अंतर्गत दिल्ली सरकार ने श्रमिकों और कामगारों तक सरकारी सेवाओं को सीधे पहुंचाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने मंगलवार को दिल्ली सचिवालय से चार ‘मोबाइल नमो श्रमिक सेवा केंद्र वैन' का शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि श्रमिकों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ लेने के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, बल्कि आवश्यक सुविधाएं उनके क्षेत्र तक ही पहुंचें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली के निर्माण और विकास में श्रमिकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। दिन-रात मेहनत कर दिल्ली को आगे बढ़ाने वाले श्रमिकों तक सरकार की सुविधाएं पहुंचाना सरकार की जिम्मेदारी है। ‘मोबाइल नमो श्रमिक सेवा केंद्र' इसी सोच के साथ तैयार किया गया है, ताकि सेवा केवल कार्यालय तक सीमित न रहे, बल्कि जरूरतमंद श्रमिक तक स्वयं पहुंचे। इस अवसर पर दिल्ली के श्रम मंत्री श्री कपिल मिश्रा, विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।
मोबाइल नमो श्रमिक सेवा केंद्र चलती-फिरती सुविधा इकाई के रूप में काम करेगा। इसके माध्यम से श्रमिकों को उनके क्षेत्र में ही श्रमिक पंजीकरण एवं नवीनीकरण, सरकारी योजनाओं की जानकारी, आवश्यक दस्तावेजों से जुड़ी सहायता, डिजिटल सेवाओं तक पहुंच और सरकारी सुविधाओं और लाभों के लिए मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। इसका उद्देश्य श्रमिकों को केवल पंजीकरण की सुविधा देना नहीं, बल्कि उन्हें विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना और योजनाओं की जानकारी, आवेदन प्रािढया तथा आवश्यक दस्तावेजों के संबंध में सहायता प्रदान करना भी है। खासतौर पर उन श्रमिकों को इससे सुविधा मिलेगी, जिन्हें अपने काम से समय निकालकर दूर स्थित सरकारी कार्यालयों तक जाना कठिन होता है। सरकार का प्रयास है कि श्रमिकों को सरल, सुलभ और सुविधाजनक व्यवस्था मिले, ताकि अलग-अलग सेवाओं और योजनाओं के लिए उन्हें अलग-अलग स्थानों पर जाने की जरूरत कम हो। इसके साथ ही गिग वर्कर्स के लिए विश्राम और आवश्यक सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि अब तक निर्माण श्रमिकों तक सरकार की योजनाओं का लाभ पूरी तरह पहुंच पाने में एक बड़ी चुनौती उनका व्यवस्थित पंजीकरण न होना रही है। वास्तविक निर्माण श्रमिकों का पंजीकरण सुनिश्चित नहीं होने के कारण वे कई सरकारी सुविधाओं और योजनाओं से वंचित रह जाते थे। श्रमिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस व्यवस्था को तैयार किया है। इसके तहत दिल्ली के प्रत्येक जिले में एक-एक मोबाइल वैन, यानी कुल 13 वैन, संचालित की जाएंगी।