वीडियो एआई मॉडल वार्या पेश, सरकार ने कहा-भारत नहीं है किसी से पीछे
प्रकाशित: 13-06-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
नई दिल्ली, (भाषा)। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी सचिव एस कृष्णन ने शुक्रवार को कहा कि भारत आधारभूत कृत्रिम मेधा (एआई) मॉडल विकसित करने के प्रयासों से पीछे नहीं रहेगा और इंडिया एआई मिशन के तहत विकसित किए जा रहे मॉडल देश की क्षमताओं पर उ" रहे सवालों का जवाब हैं।
कृष्णन ने स्टार्टअप अवतार.एआई की तरफ से देश के पहले वीडियो आधारभूत एआई मॉडल की पेशकश के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि सरकार ने केवल भाषायी मॉडल ही नहीं, बल्कि विभिन्न अनुप्रयोगों के लिए कई तरह के एआई मॉडल को समर्थन दिया है। उन्होंने कहा, जो लोग कहते हैं कि भारत में इस तरह के मॉडल विकसित नहीं हो सकते हैं, उनके लिए यह मंच एक जवाब है। यह दिखाता है कि भारत इस क्षेत्र में किसी से पीछे नहीं रहेगा। अवतार.एआई ने वार्या नाम का स्वदेशी एआई वीडियो मॉडल पेश किया है, जिसे इंडिया एआई मिशन के समर्थन से विकसित किया गया है। कंपनी का दावा है कि यह मंच वीडियो निर्माण को सस्ता, आसान और अधिक सुलभ बनाएगा। इस मंच पर उपयोगकर्ता तस्वीर और असंपादित वीडियो अपलोड कर सकते हैं और अपने वांछित वीडियो के बारे में लिखित निर्देश दे सकते हैं। उसके आधार पर यह मंच अपने-आप संपादित वीडियो तैयार कर देता है। अवतार.एआई के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एवं सह-संस्थापक श्रवंत अलूरु ने कहा कि उपयोगकर्ता इस मंच के जरिये 100 रुपये की लागत में ही 211 सेकंड का वीडियो बना सकेंगे। उन्होंने दावा किया कि वार्या वीडियो बनाने की प्रक्रिया को 50 चरणों से घटाकर चार चरणों में ले आता है, जिससे यह मौजूदा एआई मॉडलों की तुलना में करीब 10 गुना अधिक कुशल है। अलूरु ने कहा, हम वीडियो निर्माण में करीब 27 गुना तेज और उतने ही सस्ते हैं। भारत में उत्पादकता बढ़ाने के लिए किफायती एआई जरूरी है। कंपनी के अनुसार, इस वीडियो मंच को 14 अरब मानकों का इस्तेमाल करते हुए विकसित किया गया है। ये मानक एआई मॉडल की क्षमता और जटिलता को दर्शाते हैं। वीडियो एआई खंड में रोजगार पर संभावित प्रभावों पर अलूरु ने कहा कि एआई के साथ काम करने के लिए लोगों को नए कौशल सीखने होंगे। उन्होंने कहा कि यह तकनीक रचनात्मकता को बढ़ावा देगी और केवल मेहनत वाले काम को कम करेगी।
उन्होंने कहा, wहम रचनाकारों के विचारों को तेजी से वास्तविक वीडियो में बदलने में मदद कर रहे हैं। मौलिकता और मानवीय सोच की भूमिका आगे भी बनी रहेगी।
कृष्णन ने स्टार्टअप अवतार.एआई की तरफ से देश के पहले वीडियो आधारभूत एआई मॉडल की पेशकश के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि सरकार ने केवल भाषायी मॉडल ही नहीं, बल्कि विभिन्न अनुप्रयोगों के लिए कई तरह के एआई मॉडल को समर्थन दिया है। उन्होंने कहा, जो लोग कहते हैं कि भारत में इस तरह के मॉडल विकसित नहीं हो सकते हैं, उनके लिए यह मंच एक जवाब है। यह दिखाता है कि भारत इस क्षेत्र में किसी से पीछे नहीं रहेगा। अवतार.एआई ने वार्या नाम का स्वदेशी एआई वीडियो मॉडल पेश किया है, जिसे इंडिया एआई मिशन के समर्थन से विकसित किया गया है। कंपनी का दावा है कि यह मंच वीडियो निर्माण को सस्ता, आसान और अधिक सुलभ बनाएगा। इस मंच पर उपयोगकर्ता तस्वीर और असंपादित वीडियो अपलोड कर सकते हैं और अपने वांछित वीडियो के बारे में लिखित निर्देश दे सकते हैं। उसके आधार पर यह मंच अपने-आप संपादित वीडियो तैयार कर देता है। अवतार.एआई के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एवं सह-संस्थापक श्रवंत अलूरु ने कहा कि उपयोगकर्ता इस मंच के जरिये 100 रुपये की लागत में ही 211 सेकंड का वीडियो बना सकेंगे। उन्होंने दावा किया कि वार्या वीडियो बनाने की प्रक्रिया को 50 चरणों से घटाकर चार चरणों में ले आता है, जिससे यह मौजूदा एआई मॉडलों की तुलना में करीब 10 गुना अधिक कुशल है। अलूरु ने कहा, हम वीडियो निर्माण में करीब 27 गुना तेज और उतने ही सस्ते हैं। भारत में उत्पादकता बढ़ाने के लिए किफायती एआई जरूरी है। कंपनी के अनुसार, इस वीडियो मंच को 14 अरब मानकों का इस्तेमाल करते हुए विकसित किया गया है। ये मानक एआई मॉडल की क्षमता और जटिलता को दर्शाते हैं। वीडियो एआई खंड में रोजगार पर संभावित प्रभावों पर अलूरु ने कहा कि एआई के साथ काम करने के लिए लोगों को नए कौशल सीखने होंगे। उन्होंने कहा कि यह तकनीक रचनात्मकता को बढ़ावा देगी और केवल मेहनत वाले काम को कम करेगी।
उन्होंने कहा, wहम रचनाकारों के विचारों को तेजी से वास्तविक वीडियो में बदलने में मदद कर रहे हैं। मौलिकता और मानवीय सोच की भूमिका आगे भी बनी रहेगी।