दिल्ली में 4 अगस्त 2026 तक 137 साफ हवा के दिन
प्रकाशित: 06-08-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
वीर अर्जुन संवाददाता
नई दिल्ली। मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार वायु प्रदूषण को कम करने के लिए निरंतर और प्रभावी प्रयास कर रही है। इसी ाढम में दिल्ली ने वायु प्रदूषण के विरुद्ध अपनी लड़ाई में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए 4 अगस्त, 2026 तक 137 साफ हवा के दिन दर्ज किए हैं, जबकि वर्ष 2025 की समान अवधि में यह संख्या 130 थी। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2016 में पूरे वर्ष के दौरान केवल 110 स्वच्छ वायु दिवस दर्ज किए गए थे। वर्ष 2026 के अभी लगभग पाँच महीने शेष रहते हुए यह उपलब्धि राजधानी की वायु गुणवत्ता में आए उल्लेखनीय सुधार को दर्शाती है। आज दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 64 दर्ज किया गया, जो 'संतोषजनक' श्रेणी में है। राजधानी में लगातार पाँच दिनों से वायु गुणवत्ता सूचकांक 'संतोषजनक' श्रेणी में बना हुआ है। प्रदूषण हॉटस्पॉट्स में शामिल विवेक विहार का वायु गुणवत्ता सूचकांक 43 दर्ज किया गया, जो गुड कैटेगरी पर में है। यह लक्षित प्रदूषण नियंत्रण उपायों की प्रभावशीलता का सकारात्मक संकेत है। दिल्ली सरकार के माननीय पर्यावरण मंत्री श्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, दिल्ली की वायु गुणवत्ता में लगातार हो रहा सुधार सुनियोजित रणनीति, वैज्ञानिक हस्तक्षेप, विभिन्न सरकारी एजेंसियों के चौबीसों घंटे किए गए समन्वित प्रयासों तथा नागरिकों द्वारा अपनाई जा रही पर्यावरण-अनुकूल और सतत जीवनशैली का परिणाम है।
हम कड़े प्रवर्तन, उन्नत धूल नियंत्रण उपायों, लिगेसी वेस्ट की बायोमाइनिंग, प्रदूषण हॉटस्पॉट्स के प्रभावी प्रबंधन और सतत निगरानी के माध्यम से और बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारा लक्ष्य दिल्ली को विश्व की सबसे स्वच्छ और हरित राजधानियों में शामिल करना है। दिल्ली सरकार ने विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों के माध्यम से राजधानी में प्रदूषण नियंत्रण अभियान को और अधिक तेज़ किया है। पिछले 24 घंटों के दौरान लगभग 2,243 मीट्रिक टन निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट का वैज्ञानिक तरीके से संग्रहण एवं निस्तारण किया गया। वहीं, वाहनजनित प्रदूषण से संबंधित उल्लंघनों के खिलाफ 11,797 चालान जारी किए गए। समेकित अपशिष्ट प्रबंधन के तहत भलस्वा, गाज़ीपुर और ओखला स्थित नगर निगम के ठोस अपशिष्ट स्थलों पर बायोमाइनिंग के माध्यम से लगभग 12,277 मीट्रिक टन लिगेसी वेस्ट का प्रसंस्करण किया गया। राजधानी में सड़कों पर जमी धूल को नियंत्रित करने के लिए प्रतिदिन चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत 81 मैकेनिकल रोड स्वीपर्स तैनात किए गए, जिन्होंने लगभग 2,502 किलोमीटर सड़कों की सफाई की। इस दौरान लगभग 169 मीट्रिक टन सड़क की धूल एकत्र कर उसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया गया। इसके साथ ही वैज्ञानिक धूल नियंत्रण उपायों को लागू किया जा रहा है, प्रदूषण हॉटस्पॉट्स की लगातार निगरानी की जा रही है तथा दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के समन्वय से यातायात प्रबंधन के माध्यम से वाहनजनित उत्सर्जन और जाम को कम करने के प्रयास भी जारी हैं।
पर्यावरण मंत्री श्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, प्रदूषण के खिलाफ यह लड़ाई केवल सरकार के प्रयासों से नहीं जीती जा सकती। प्रत्येक नागरिक की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका है। खुले में कचरा जलाने से बचना, प्रदूषण नियंत्रण मानकों का पालन करना, वाहनों का नियमित रखरखाव करना, अनावश्यक वाहन उपयोग कम करना, अधिक से अधिक वृक्षारोपण करना तथा अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। आइए, हम सब मिलकर दिल्ली को एक स्वच्छ, हरित और विश्वस्तरीय महानगर बनाएं, जहाँ आने वाली पीढ़ियाँ स्वच्छ हवा में स्वस्थ जीवन जी सकें।
नई दिल्ली। मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार वायु प्रदूषण को कम करने के लिए निरंतर और प्रभावी प्रयास कर रही है। इसी ाढम में दिल्ली ने वायु प्रदूषण के विरुद्ध अपनी लड़ाई में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए 4 अगस्त, 2026 तक 137 साफ हवा के दिन दर्ज किए हैं, जबकि वर्ष 2025 की समान अवधि में यह संख्या 130 थी। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2016 में पूरे वर्ष के दौरान केवल 110 स्वच्छ वायु दिवस दर्ज किए गए थे। वर्ष 2026 के अभी लगभग पाँच महीने शेष रहते हुए यह उपलब्धि राजधानी की वायु गुणवत्ता में आए उल्लेखनीय सुधार को दर्शाती है। आज दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 64 दर्ज किया गया, जो 'संतोषजनक' श्रेणी में है। राजधानी में लगातार पाँच दिनों से वायु गुणवत्ता सूचकांक 'संतोषजनक' श्रेणी में बना हुआ है। प्रदूषण हॉटस्पॉट्स में शामिल विवेक विहार का वायु गुणवत्ता सूचकांक 43 दर्ज किया गया, जो गुड कैटेगरी पर में है। यह लक्षित प्रदूषण नियंत्रण उपायों की प्रभावशीलता का सकारात्मक संकेत है। दिल्ली सरकार के माननीय पर्यावरण मंत्री श्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, दिल्ली की वायु गुणवत्ता में लगातार हो रहा सुधार सुनियोजित रणनीति, वैज्ञानिक हस्तक्षेप, विभिन्न सरकारी एजेंसियों के चौबीसों घंटे किए गए समन्वित प्रयासों तथा नागरिकों द्वारा अपनाई जा रही पर्यावरण-अनुकूल और सतत जीवनशैली का परिणाम है।
हम कड़े प्रवर्तन, उन्नत धूल नियंत्रण उपायों, लिगेसी वेस्ट की बायोमाइनिंग, प्रदूषण हॉटस्पॉट्स के प्रभावी प्रबंधन और सतत निगरानी के माध्यम से और बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारा लक्ष्य दिल्ली को विश्व की सबसे स्वच्छ और हरित राजधानियों में शामिल करना है। दिल्ली सरकार ने विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों के माध्यम से राजधानी में प्रदूषण नियंत्रण अभियान को और अधिक तेज़ किया है। पिछले 24 घंटों के दौरान लगभग 2,243 मीट्रिक टन निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट का वैज्ञानिक तरीके से संग्रहण एवं निस्तारण किया गया। वहीं, वाहनजनित प्रदूषण से संबंधित उल्लंघनों के खिलाफ 11,797 चालान जारी किए गए। समेकित अपशिष्ट प्रबंधन के तहत भलस्वा, गाज़ीपुर और ओखला स्थित नगर निगम के ठोस अपशिष्ट स्थलों पर बायोमाइनिंग के माध्यम से लगभग 12,277 मीट्रिक टन लिगेसी वेस्ट का प्रसंस्करण किया गया। राजधानी में सड़कों पर जमी धूल को नियंत्रित करने के लिए प्रतिदिन चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत 81 मैकेनिकल रोड स्वीपर्स तैनात किए गए, जिन्होंने लगभग 2,502 किलोमीटर सड़कों की सफाई की। इस दौरान लगभग 169 मीट्रिक टन सड़क की धूल एकत्र कर उसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया गया। इसके साथ ही वैज्ञानिक धूल नियंत्रण उपायों को लागू किया जा रहा है, प्रदूषण हॉटस्पॉट्स की लगातार निगरानी की जा रही है तथा दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के समन्वय से यातायात प्रबंधन के माध्यम से वाहनजनित उत्सर्जन और जाम को कम करने के प्रयास भी जारी हैं।
पर्यावरण मंत्री श्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, प्रदूषण के खिलाफ यह लड़ाई केवल सरकार के प्रयासों से नहीं जीती जा सकती। प्रत्येक नागरिक की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका है। खुले में कचरा जलाने से बचना, प्रदूषण नियंत्रण मानकों का पालन करना, वाहनों का नियमित रखरखाव करना, अनावश्यक वाहन उपयोग कम करना, अधिक से अधिक वृक्षारोपण करना तथा अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। आइए, हम सब मिलकर दिल्ली को एक स्वच्छ, हरित और विश्वस्तरीय महानगर बनाएं, जहाँ आने वाली पीढ़ियाँ स्वच्छ हवा में स्वस्थ जीवन जी सकें।