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पूर्ण बहुमत की डरी-सहमी भाजपा सरकार सदन नहां चला पाई: आराधना मिश्रा मोना, नेता विधानमंडल दल कांग्रेस

प्रकाशित: 06-08-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
लखनऊ,(वीअ)। प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के द्वारा मानसून सत्र को समय से पहले स्थगित किए जाने पर कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता श्रीमती आराधना मिश्रा मोना ने कड़ी प्रािढया व्यक्त की , आराधना मिश्रा मोना ने सरकार को जनता के मुद्दों पर चर्चा से भागने और प्रदेश में भगवान रामलला के मंदिर में चंदा और चढ़ावे की चोरी पर चर्चा से बचने का आरोप लगाते हुए पूर्ण बहुमत की सरकार को डरी और सहमी हुई बताया ।
श्रीमती आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि हमने नियम 311 और नियम 56 के अंतर्गत भगवान रामलला के मंदिर में हुई चंदा और चढ़ावे की चोरी और उसके साथ-साथ प्रदेश में किसानों की खाद की किल्लत को लेकर सदन में चर्चा की मांग की थी लेकिन सरकार की नियत ही लोकतंत्र विरोधी है, वह संविधान और सदन की नियम परम्पराओं का पालन नही करना चाहती इसीलिए कार्य मंत्रणा में तय होने के बावजूद सदन को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया , हमारा सवाल है कि आखिर सरकार चर्चा से क्यों भाग रही है , न तो उत्तर प्रदेश सरकार चर्चा कर रही न प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सामने राम मंदिर में चंदा & चढ़ावा चोरी पर जवाब दें रहे , भाजपा योगी आदित्यनाथ सरकार राम मंदिर के चढ़ावा और चंदा चोरी से इतनी डर गई है कि बजट बिना चर्चा किए पास करा किया , क्योंकि जनता जान चुकी है कि भगवान रामलला मंदिर में चंदे & चढ़ावे की संगठित और सुनियोजित लूट और डकैती भाजपा सरकार के संरक्षण में संघ और विश्व हिंदू परिषद के लोगों ने की इसीलिए लुटेरों को बचाया जा रहा है । आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि भगवान रामलला के मंदिर के चंदे - चढ़ावे, भूमि खरीद, आयोजनों और खर्चों में हेराफेरी की गई है, श्रद्धालुओं की आस्था के साथ धोखा दिया गया और जो ट्रस्ट में बैठे लोग हैं वह सभी जानते हैं कि वह संघ Rएए और भाजपा से जुड़े विश्व हिंदू परिषद से जुड़े लोग हैं इसीलिए जिम्मेदार लोगों पर न तो इघ्R की गई न गिरफ्तारी और कोई कार्यवाही हुई आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि ये सरकार लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन करने में माहिर है , जब पूर्ण बहुमत की सरकार थी तो बजट तो पास ही हो जाता लेकिन जनता के मुद्दों पर सरकार चर्चा करने से कतरा रही है, सरकार तो पूर्ण बहुमत की थी तो आखिर डर क्यों, लेकिन डर था कि राम मंदिर में चंदा और चढ़ावा चोरी और छात्रों पर गोली चलाने पर सरकार के पास जवाब नही था ।