रोहित चौधरी से जुड़ा भगोड़ा अपराधी उदयपुर से गिरफ्तार
प्रकाशित: 06-08-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
नयी दिल्ली, (भाषा) दिल्ली पुलिस ने रोहित चौधरी गिरोह से कथित रूप से जुड़े और तिहाड़ जेल के अंदर हत्या की कोशिश के मामले में वांछित एक भगोड़े अपराधी को राजस्थान के उदयपुर से गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने बुधवार को बताया कि आरोपी राहुल रावत (28) को विशेष प्रकोष्" ने 18 जुलाई को यहां से करीब 700 किलोमीटर दूर से गिरफ्तार किया।
पुलिस के एक वरिष्" अधिकारी ने बताया, wरावत को लूट और हत्या की कोशिश समेत चार आपराधिक मामलों में भगोड़ा अपराधी घोषित किया गया था। वह बार-बार गिरफ्तारी से बच रहा था और अदालतों में पेश नहीं हो रहा था।w
पुलिस के मुताबिक, रावत मई 2023 में हरि नगर थाने में दर्ज एक मामले में वांछित था। इस मामले में आरोप था कि तिहाड़ जेल के अंदर कैदियों के एक समूह ने नुकीले हथियारों से एक दूसरे कैदी पर हमला किया था। जेल कर्मियों ने समय रहते बीच-बचाव किया, जिससे पीड]ित की जान बच गई।
इस मामले का पीड]ित रणदीप भाटी गिरोह से जुड़ा था और बाद में जेल से रिहा होने के बाद हिमांशु उर्फ भाऊ गिरोह में शामिल हो गया था। पुलिस ने बताया कि फरवरी में आगरा में उत्तर प्रदेश विशेष कार्यबल (एसटीएफ) के साथ हुई मु"भेड़ में उसकी मौत हो गई थी।
अधिकारी ने कहा कि मामलों में जमानत हासिल करने के बाद रावत कथित तौर पर भूमिगत हो गया बार-बार "िकाना बदलता रहा।
गिरोह के फरार सदस्यों पर निगरानी के दौरान विशेष प्रकोष्" को सूचना मिली जिसपर कार्वाई करते हुए टीम ने दिल्ली से लगभग 700 किलोमीटर दूर उदयपुर में एक आवासीय कॉलोनी में रावत की उपस्थिति का पता लगाया। पुलिस ने कहा कि उसे 18 जुलाई को पकड़ा गया और आगे की जांच के लिए दिल्ली लाया गया।
पुलिस ने बुधवार को बताया कि आरोपी राहुल रावत (28) को विशेष प्रकोष्" ने 18 जुलाई को यहां से करीब 700 किलोमीटर दूर से गिरफ्तार किया।
पुलिस के एक वरिष्" अधिकारी ने बताया, wरावत को लूट और हत्या की कोशिश समेत चार आपराधिक मामलों में भगोड़ा अपराधी घोषित किया गया था। वह बार-बार गिरफ्तारी से बच रहा था और अदालतों में पेश नहीं हो रहा था।w
पुलिस के मुताबिक, रावत मई 2023 में हरि नगर थाने में दर्ज एक मामले में वांछित था। इस मामले में आरोप था कि तिहाड़ जेल के अंदर कैदियों के एक समूह ने नुकीले हथियारों से एक दूसरे कैदी पर हमला किया था। जेल कर्मियों ने समय रहते बीच-बचाव किया, जिससे पीड]ित की जान बच गई।
इस मामले का पीड]ित रणदीप भाटी गिरोह से जुड़ा था और बाद में जेल से रिहा होने के बाद हिमांशु उर्फ भाऊ गिरोह में शामिल हो गया था। पुलिस ने बताया कि फरवरी में आगरा में उत्तर प्रदेश विशेष कार्यबल (एसटीएफ) के साथ हुई मु"भेड़ में उसकी मौत हो गई थी।
अधिकारी ने कहा कि मामलों में जमानत हासिल करने के बाद रावत कथित तौर पर भूमिगत हो गया बार-बार "िकाना बदलता रहा।
गिरोह के फरार सदस्यों पर निगरानी के दौरान विशेष प्रकोष्" को सूचना मिली जिसपर कार्वाई करते हुए टीम ने दिल्ली से लगभग 700 किलोमीटर दूर उदयपुर में एक आवासीय कॉलोनी में रावत की उपस्थिति का पता लगाया। पुलिस ने कहा कि उसे 18 जुलाई को पकड़ा गया और आगे की जांच के लिए दिल्ली लाया गया।