किसानों की समृद्धि के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है : डॉ मोहन यादव
प्रकाशित: 06-08-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
भोपाल (ब्यूरो प्रमुख )। राज्य स्तरीय बलराम कृषि महोत्सव को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने कहा कि नर्मदापुरम वह 11वाँ जिला है, जहाँ वे बलराम कृषि महोत्सव के माध्यम से किसानों से सीधे संवाद कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के हित में संचालित विभिन्न योजनाओं, अभियानों एवं कृषि विकास संबंधी पहलों की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार किसानों की समृद्धि और आय वृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
सहकारिता विभाग की "कवच योजना" को अनुमोदित किया गया है। यह योजना सहकारी समितियों के ऐसे लगभग 5 हजार किसानों के लिए है, जिनके ऋण खाते में गड़बड़ियां हुई हैं और जांच में देरी की वजह से किसान सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। अब ऐसे किसानो को मुख्य धारा में लाकर योजना के तहत नया ऋण मिल सकेगा। निर्णय के अनुसार प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए अपैक्स बैंक और जिला सहकारी बैंकों द्वारा अपने स्तर से 50 करोड़ रूपये की सीमा तक की नीधि का निर्माण किया जायेगा। राज्य सरकार भी किसान हित में 25 करोड़ रूपये की अंशपूजी की सहायता एक बार उपलब्ध करायेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि अब खातों का पलटा छह-छह माह के बजाय वर्ष में एक बार किया जाएगा, जिससे किसानों को अनावश्यक कर्ज़ एवं तनाव से मुक्ति मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने बलराम महोत्सव के दौरान कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा गर्मी की मूंग का 60 प्रतिशत उपार्जन किया जाएगा तथा उड़द पर भी बोनस प्रदान किया गया है। इसके साथ ही धान एवं सरसों को भी भावांतर योजना का लाभ दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब समय आ गया है कि किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ फसल विविधीकरण पर भी विशेष ध्यान दें। नर्मदापुरम जिले में राज्य स्तरीय कृषि महोत्सव के अंतर्गत इटारसी कृषि उपज मंडी प्रांगण में आयोजित कार्पाम में हजारों की संख्या में किसानों ने सहभागिता की। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि प्रदेश में गेहूं का रिकॉर्ड उपार्जन हुआ है और नर्मदापुरम का शरबती गेहूं अपनी गुणवत्ता एवं स्वाद के कारण देशभर में विशेष पहचान रखता है। उन्होंने कहा कि नर्मदापुरम में उच्च गुणवत्ता का धान, रेशम, बांस सहित अनेक कृषि उत्पाद जिले की विशिष्ट पहचान हैं। उन्होंने बताया कि श्रीअन्न योजना के अंतर्गत अब कोदो-कुटकी की खरीदी भी की जाएगी। साथ ही मोहासा-बाबई क्षेत्र को प्रदेश के तेजी से विकसित होते औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा रहा है तथा लॉजिस्टिक सुविधाओं के विस्तार से किसानों को लाभ मिलेगा। पिपरिया एवं पचमढ़ी क्षेत्र के रहवासियों एवं किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए भी प्रभावी कदम उठाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदापुरम जिले में उद्यानिकी फसलों की अपार संभावनाएं हैं। आम, अमरूद, संतरा, केला, पपीता एवं अनार जैसी फसलों के बागानों के साथ शेडनेट हाउस एवं पॉलीहाउस को सरकार प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने कहा कि जिले में फूड प्रोसेसिंग इकाइयों की स्थापना की भी व्यापक संभावनाएं हैं, जिनके लिए सरकार 50 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए केवल फसल उत्पादन ही नहीं, बल्कि दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन, पुष्प उत्पादन, कुक्कुट पालन एवं बकरी पालन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश में दूध उत्पादन को 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है तथा दुग्ध सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित की जा रही है। इसके अलावा गोपाल पुरस्कार, पशुधन बीमा योजना सहित अनेक किसान हितैषी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण के लिए "एक बगिया मां के नाम" अभियान का उल्लेख करते हुए इसमें अधिक से अधिक सहभागिता का आह्वान किया। उन्होंने कृषि कल्याण वर्ष के अंतर्गत आधुनिक कृषि यंत्रों, प्राकृतिक खेती एवं सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर भी विशेष बल दिया। कार्पाम में कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कृषकों तथा मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिलेवासियों को आगामी स्वतंत्रता दिवस, रक्षाबंधन एवं जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए हर घर तिरंगा अभियान में सािढय भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश सहित नर्मदापुरम जिले में भी तिरंगा यात्रा पूरे उत्साह, गौरव एवं देशभक्ति की भावना के साथ निकाली जाए।
सहकारिता विभाग की "कवच योजना" को अनुमोदित किया गया है। यह योजना सहकारी समितियों के ऐसे लगभग 5 हजार किसानों के लिए है, जिनके ऋण खाते में गड़बड़ियां हुई हैं और जांच में देरी की वजह से किसान सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। अब ऐसे किसानो को मुख्य धारा में लाकर योजना के तहत नया ऋण मिल सकेगा। निर्णय के अनुसार प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए अपैक्स बैंक और जिला सहकारी बैंकों द्वारा अपने स्तर से 50 करोड़ रूपये की सीमा तक की नीधि का निर्माण किया जायेगा। राज्य सरकार भी किसान हित में 25 करोड़ रूपये की अंशपूजी की सहायता एक बार उपलब्ध करायेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि अब खातों का पलटा छह-छह माह के बजाय वर्ष में एक बार किया जाएगा, जिससे किसानों को अनावश्यक कर्ज़ एवं तनाव से मुक्ति मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने बलराम महोत्सव के दौरान कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा गर्मी की मूंग का 60 प्रतिशत उपार्जन किया जाएगा तथा उड़द पर भी बोनस प्रदान किया गया है। इसके साथ ही धान एवं सरसों को भी भावांतर योजना का लाभ दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब समय आ गया है कि किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ फसल विविधीकरण पर भी विशेष ध्यान दें। नर्मदापुरम जिले में राज्य स्तरीय कृषि महोत्सव के अंतर्गत इटारसी कृषि उपज मंडी प्रांगण में आयोजित कार्पाम में हजारों की संख्या में किसानों ने सहभागिता की। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि प्रदेश में गेहूं का रिकॉर्ड उपार्जन हुआ है और नर्मदापुरम का शरबती गेहूं अपनी गुणवत्ता एवं स्वाद के कारण देशभर में विशेष पहचान रखता है। उन्होंने कहा कि नर्मदापुरम में उच्च गुणवत्ता का धान, रेशम, बांस सहित अनेक कृषि उत्पाद जिले की विशिष्ट पहचान हैं। उन्होंने बताया कि श्रीअन्न योजना के अंतर्गत अब कोदो-कुटकी की खरीदी भी की जाएगी। साथ ही मोहासा-बाबई क्षेत्र को प्रदेश के तेजी से विकसित होते औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा रहा है तथा लॉजिस्टिक सुविधाओं के विस्तार से किसानों को लाभ मिलेगा। पिपरिया एवं पचमढ़ी क्षेत्र के रहवासियों एवं किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए भी प्रभावी कदम उठाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदापुरम जिले में उद्यानिकी फसलों की अपार संभावनाएं हैं। आम, अमरूद, संतरा, केला, पपीता एवं अनार जैसी फसलों के बागानों के साथ शेडनेट हाउस एवं पॉलीहाउस को सरकार प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने कहा कि जिले में फूड प्रोसेसिंग इकाइयों की स्थापना की भी व्यापक संभावनाएं हैं, जिनके लिए सरकार 50 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए केवल फसल उत्पादन ही नहीं, बल्कि दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन, पुष्प उत्पादन, कुक्कुट पालन एवं बकरी पालन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश में दूध उत्पादन को 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है तथा दुग्ध सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित की जा रही है। इसके अलावा गोपाल पुरस्कार, पशुधन बीमा योजना सहित अनेक किसान हितैषी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण के लिए "एक बगिया मां के नाम" अभियान का उल्लेख करते हुए इसमें अधिक से अधिक सहभागिता का आह्वान किया। उन्होंने कृषि कल्याण वर्ष के अंतर्गत आधुनिक कृषि यंत्रों, प्राकृतिक खेती एवं सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर भी विशेष बल दिया। कार्पाम में कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कृषकों तथा मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिलेवासियों को आगामी स्वतंत्रता दिवस, रक्षाबंधन एवं जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए हर घर तिरंगा अभियान में सािढय भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश सहित नर्मदापुरम जिले में भी तिरंगा यात्रा पूरे उत्साह, गौरव एवं देशभक्ति की भावना के साथ निकाली जाए।