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दक्षता विकास केंद्र युवाओं के कौशल और उज्जवल भविष्य की आधारशिलाः मुख्यमंत्री नायब सैनी

प्रकाशित: 14-08-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
चंडीगढ़, (पवन आश्री)। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने गुरुवार को सोनीपत स्थित दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मुरथल में क्षेत्रीय दक्षता विकास केंद्र का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह केंद्र प्रदेश के युवाओं के कौशल, आत्मविश्वास और उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है, इस कौशल प्रयोगशाला से सीखकर युवा सीधे उद्योगों तक पहुंचेगा। उनके सपनों को रोजगार, उद्यम तथा राष्ट्र-निर्माण की शक्ति मिलेगी। इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने विश्वविद्यालय के मेधावी स्कॉलर और शिक्षकों को एक्सीलेंस अवॉर्ड दिए। उन्होंने दक्षता विकास केंद्र लैब का स्वयं अवलोकन किया और विद्यार्थियों से बातचीत करके उन्हें बधाई भी दी। उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय का नाम किसान मसीहा दीनबंधु सर छोटू राम जी के नाम पर है। जिन्होंने सपना देखा था कि भारत में परिश्रम करने वालों को सम्मान मिले। आज यह केंद्र सर छोटूराम के विचार का आधुनिक विस्तार है। आज हमारे युवाओं का कौशल विकसित भारत और विकसित हरियाणा की दिशा तय कर रहा है। सर छोटू राम जी का कृषि-विजन और आधुनिक तकनीक का यह संगम मुरथल से पूरे प्रदेश के लिए नई प्रेरणा बनेगा।
उन्होंने वीई कमर्शियल व्हीकल्स लिमिटेड और वोल्वो समूह और आइशर मोटर्स के इस संयुक्त उद्यम की प्रशंसा की और उनके इस प्रयास को उद्योग और अकादमिक जगत के बीच विश्वास का सेतु बताया। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने विद्यार्थियों से तीन संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि पहला संकल्प जीवन भर सीखते रहें, क्योंकि तकनीक बदलती है और सीखना ही हमें प्रासंगिक रखता है। दूसरा संकल्प कौशल के साथ चरित्र निर्माण करें, क्योंकि ज्ञान शक्ति देता है, पर ईमानदारी उस शक्ति को सही दिशा देती है। तीसरा संकल्प जो सीखें, उसका कुछ अंश समाज को लौटाएं, क्योंकि सफलता का सर्वोच्च रूप सेवा है। उन्होंने कहा कि याद रखिए, डिग्री आपको पहला अवसर दे सकती है, लेकिन अनुशासन, परिश्रम और संवेदनशीलता ही आपको दूर तक ले जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने हमारे सामने वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प रखा है। आज रखी जा रही इस आधारशिला और हमारे प्रयासों का वास्तविक परिणाम भविष्य में हमारे सामने आएगा।
ङहरियाणा का युवा तकनीक में आ रहे बदलाव का दर्शक नहीं बल्कि नायक बनेङ
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि इस विश्वविद्यालय में स्थापित वोल्वो-आइशर लेबोरट्री ने शिक्षकों और विद्यार्थियों को आधुनिक कमर्शियल व्हीकल टेक्नोलॉजी से जोड़ने का काम किया है। इस केंद्र की सफलता इसके प्रशिक्षित युवाओं, पेटेंट, स्टार्टअप, सुरक्षित वाहनों और बेहतर सेवाओं से तय होगी। उन्होंने कहा कि आज ऑटोमोबाइल क्षेत्र बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। इसलिए कौशल भी स्थिर नहीं रह सकता, जो कल मैकेनिक था, आज वह मेका-ट्रॉनिक्स तकनीशियन है। जो कल कमी देखकर अनुमान लगाता था, आज वह डेटा पढ़कर निदान करता है। मैं चाहता हूं कि हरियाणा का युवा इस बदलाव का दर्शक नहीं, नायक बने। यही हमारी सरकार का संकल्प है।
ङयुवाओं को तराशने के लिए निरंतर कौशल विकास पर हो रहा कार्यङ
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि युवाओं को तराशने के लिए हरियाणा सरकार निरंतर कौशल विकास पर कार्य कर रही है। हरियाणा कौशल विकास मिशन का गठन किया गया है तथा जिला पलवल के दुधौला में श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पंचकूला में राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान, कुरुक्षेत्र में एनआईईएलआईटी, रोहतक में आईआईएम, उमरी में एनआईडी और सोनीपत में आईआईटी दिल्ली के विस्तार केंद्र स्थापित किए गए हैं। अब तक 1 लाख 56 हजार युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जबकि राज्य के 60 आईटीआई संस्थानों को लगभग 3,000 करोड़ रुपये की लागत से उन्नत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में 106 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में 295 औद्योगिक प्रतिष्ठानों के सहयोग से आधुनिक मशीनों पर ऑन द जॉब प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही 'नई स्टार्टअप नीति' के तहत प्रदेश में 10 हजार से अधिक युवा स्टार्टअप स्थापित किए जा चुके हैं।
ङकौशल के दम पर युवा नौकरी मांगने वाला नहीं रोजगार देने वाला बनेङ
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा की पहचान किसान, जवान, खिलाड़ी और अब तेजी से आगे बढ़ते तकनीकी कौशल से है। हमें ऐसी शिक्षा चाहिए जिसमें हमारा युवा विश्वस्तरीय तकनीक सीख सके। हमारी बेटियां ऑटोमोबाइल डिजाइन, इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा और डायग्नोस्टिक्स में नेतृत्व कर सकें। आईटीआई, पॉलिटेक्निक, विश्वविद्यालय और उद्योग एक-दूसरे से जुड़े रहें और कौशल के बल पर युवा नौकरी मांगने वाला ही नहीं, रोजगार देने वाला बने। यही 'वोकल फॉर लोकल' से 'लोकल फॉर ग्लोबल' की यात्रा है। यही आत्मनिर्भर हरियाणा से आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर भारत से विकसित भारत की यात्रा है।