वर्षों से राष्ट्र की सेवा में समर्पित Virarjun अर्जुनस्य प्रतिज्ञे द्वे, न दैन्यं, न पलायनम् ।

मु"भेड़ में कुख्यात बदमाश घायल

प्रकाशित: 14-08-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
नई दिल्ली , (वीअ)। दिल्ली पुलिस द्वारा पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार कर राष्ट्रीय राजधानी लाए जा रहे एक कुख्यात आरोपी ने कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी की पिस्तौल छीनकर गोलीबारी कर दी। इस घटना में एक उपनिरीक्षक घायल हो गया, जबकि जवाबी कार्वाई में आरोपी भी जख्मी हो गया।उत्तर-पश्चिमी दिल्ली की पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) आकांक्षा यादव ने बृहस्पतिवार को बताया कि जहांगीरपुरी इलाके में जुलाई में हुई हत्या के मामले में वांछित आरोपी वसीम अकरम उर्फ लंबू (29) ने 11 अगस्त की देर रात ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाए जाते समय उत्तर प्रदेश के मथुरा में शौच के बहाने पुलिस वाहन रुकवाया और एक कांस्टेबल की पिस्तौल छीन ली।
आरोपी 118 आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। पुलिस ने बताया कि जहांगीरपुरी थाने द्वारा बुरे चरित्र (बीसी) का व्यक्ति घोषित अकरम ने यात्रा के दौरान बार-बार शौचालय जाने का अनुरोध किया था, जिसके लिए पुलिस टीम ने कई बार वाहन रोका था। डीसीपी ने कहा, wजब वाहन यमुना एक्सप्रेसवे के मथुरा खंड पर पहुंचा, तो इसे फिर से सड़क के बाईं ओर रोका गया और पांच पुलिसकर्मियों की कड़ी निगरानी में अकरम को बाहर निकाला गया।wउन्होंने आरोप लगाया कि अकरम ने अचानक हेड कांस्टेबल हरीश से सरकारी पिस्तौल छीन ली और भागने की कोशिश की और रुकने की चेतावनी के बावजूद, वह कथित तौर पर भागता रहा और पुलिस टीम पर गोलियां चलाता रहा।पुलिस ने कहा कि एक गोली उपनिरीक्षक अजय कुमार की बाईं बांह में लगी, जिससे वह घायल हो गए।पुलिस ने कहा कि आरोपी को फिर से आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया, लेकिन उसने कथित तौर पर चेतावनियों को नजरअंदाज कर दिया और पिस्तौल को हेड कांस्टेबल नरसी राम की ओर तान दिया। यादव ने कहा wअपनी जान और साथी पुलिसकर्मियों की जान को आसन्न खतरा महसूस करते हुएw नरसी राम ने आत्मरक्षा में आरोपी के पैर में गोली मारी जिससे वह जमीन पर गिर गया जिसके बाद पुलिस टीम ने उसे काबू में कर लिया और हिरासत में ले लिया।पुलिस ने बताया कि अकरम और अजय कुमार दोनों को इलाज के लिए पास के अस्पताल ले जाया गया। डीसीपी ने हत्या के मामले का ब्योरा साझा करते हुए बताया कि अकरम 18 जुलाई को हुई इरफान नाम के व्यक्ति की हत्या के सिलसिले में वांछित था। पुलिस के मुताबिक, घटना वाली रात करीब आ" बजे, जहांगीरपुरी में गश्त कर रही एक टीम ने 15-20 पुरुषों और पांच-छह महिलाओं के एक समूह को इरफान पर घूंसे और चाकू से हमला करते देखा। अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने हस्तक्षेप किया और पीड]ित को बचाने की कोशिश की। हालांकि, अकरम और उसके सहयोगियों ने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों से हाथापाई की और उन पर चाकू से हमला कर दिया। अधिकारी ने कहा कि हमलावरों ने कथित तौर पर पुलिस कर्मियों को घेर लिया, उन्हें जबरन पास के एक घर में ले गए और इरफान को उनकी हिरासत से घसीट कर ले गए। इरफान पर चाकू से कई वार किए गए, जबकि पुलिस कर्मियों के साथ भी कथित तौर पर मारपीट की गई।पुलिस ने बताया कि मौके पर भीड़ जमा होने पर आरोपी भाग गए जिसके बाद दो पुलिसकर्मी इरफान को बाबू जगजीवन राम मेमोरियल अस्पताल ले गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया और पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की।पुलिस ने बताया कि अकरम का आपराधिक इतिहास एक दशक से भी ज्यादा पुराना है।डीसीपी ने कहा कि उसकी कथित संलिप्तता शस्त्र अधिनियम, डकैती और लूट, खतरनाक हथियारों से चोट पहुंचाने, हत्या के प्रयास, लोक सेवकों पर हमला, यौन अपराध, पॉक्सो अधिनियम के तहत अपराध, चोरी, जबरन वसूली और आपराधिक धमकी से जुड़े मामलों में है।