बुंदेलखंड विवि के 31वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने विजेता छात्र-छात्राओं को किया सम्मानित
प्रकाशित: 14-08-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
लखनऊ,(वीअ)। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी ने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झाँसी के 31वें दीक्षोत्सव के अवसर पर विश्वविद्यालय द्वारा उन्नत भारत अभियान के अंतर्गत गोद लिए गए पाँचों गाँवों के विद्यालयों में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के चयनित विजेता छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। राज्यपाल जी ने बच्चों की प्रतिभा और उनके द्वारा प्रस्तुत कार्पामों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए पाँचों गाँवों के विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए विभिन्न रचनात्मक, ज्ञानवर्धक एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन राज्यपाल जी के दिशानिर्देशन में किया गया। इन प्रतियोगिताओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ-साथ उनमें जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, आत्मनिर्भर एवं स्वच्छ-सुंदर गाँव तथा भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता विकसित करना रहा। इन प्रतियोगिताओं में ‘मेरी माँ' विषय पर भाषण, कबड्डी, खो-खो, रस्साकशी, चित्रकला एवं पेंटिंग, कहानी-कथन तथा आंगनबाड़ी स्वच्छता प्रतियोगिता सहित विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की गईं। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता और आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया। देशभक्ति गीतों तथा जल बचाओ, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी सभी का मन मोह लिया। पाँचों गोद लिए गए गाँवों से प्रथम चरण में चयनित प्रतिभागियों के बीच विश्वविद्यालय परिसर में अंतिम चरण की प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं। इनमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को विजेता के रूप में चयनित किया गया। दीक्षोत्सव के अवसर पर राज्यपाल जी ने भाषण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली कु0 वहार सहारिया, पुत्र/पुत्री श्री अरविन्द कुमार सहारिया, कक्षा-8, उच्च प्राथमिक विद्यालय, कोछाभाँवर, झाँसी; चित्रकला एवं पेंटिंग प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली कु0 प्रतिज्ञा कुशवाहा, पुत्री श्री रामस्वरूप कुशवाहा, कक्षा-8, उच्च प्राथमिक विद्यालय, कोछाभाँवर, झाँसी तथा कहानी-कथन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली कु0 श्रद्धा अहिरवार, पुत्री श्री नरेश अहिरवार, कक्षा-8, उच्च प्राथमिक विद्यालय, कोछाभाँवर, झाँसी को सम्मानित किया।भाषण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली कु0 वहार सहारिया को राज्यपाल जी ने मंच से माइक देकर अपनी प्रस्तुति सुनाने का अवसर दिया। बालिका ने ‘माँ-बेटी दोनों प्यार की परछाई' विषय पर काव्यात्मक भाषण प्रस्तुत किया, जिसमें एक माँ का अपनी बेटी के प्रति स्नेह, चिंता, सीख और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा अत्यंत भावपूर्ण ढंग से समाहित थी।
उसकी प्रस्तुति में माँ की ममता के साथ-साथ बेटी के सुरक्षित, संस्कारी और आत्मनिर्भर भविष्य की चिंता भी अभिव्यक्त हुई। राज्यपाल जी ने बालिका की प्रस्तुति को विशेष रूप से सराहा और उसके आत्मविश्वास एवं भावपूर्ण अभिव्यक्ति की प्रशंसा की। इसी ाढम में कहानी-कथन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली कु0 श्रद्धा अहिरवार ने राज्यपाल जी के कहने पर मंच से ‘धरती माँ का संरक्षण' विषय पर अपनी कहानी प्रस्तुत की। बालिका ने धरती, पर्यावरण और प्रकृति के संरक्षण का संदेश प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। राज्यपाल जी ने बच्चों की इन प्रस्तुतियों को ध्यानपूर्वक सुना और उनकी प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है।
विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए पाँचों गाँवों के विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए विभिन्न रचनात्मक, ज्ञानवर्धक एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन राज्यपाल जी के दिशानिर्देशन में किया गया। इन प्रतियोगिताओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ-साथ उनमें जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, आत्मनिर्भर एवं स्वच्छ-सुंदर गाँव तथा भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता विकसित करना रहा। इन प्रतियोगिताओं में ‘मेरी माँ' विषय पर भाषण, कबड्डी, खो-खो, रस्साकशी, चित्रकला एवं पेंटिंग, कहानी-कथन तथा आंगनबाड़ी स्वच्छता प्रतियोगिता सहित विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की गईं। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता और आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया। देशभक्ति गीतों तथा जल बचाओ, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी सभी का मन मोह लिया। पाँचों गोद लिए गए गाँवों से प्रथम चरण में चयनित प्रतिभागियों के बीच विश्वविद्यालय परिसर में अंतिम चरण की प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं। इनमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को विजेता के रूप में चयनित किया गया। दीक्षोत्सव के अवसर पर राज्यपाल जी ने भाषण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली कु0 वहार सहारिया, पुत्र/पुत्री श्री अरविन्द कुमार सहारिया, कक्षा-8, उच्च प्राथमिक विद्यालय, कोछाभाँवर, झाँसी; चित्रकला एवं पेंटिंग प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली कु0 प्रतिज्ञा कुशवाहा, पुत्री श्री रामस्वरूप कुशवाहा, कक्षा-8, उच्च प्राथमिक विद्यालय, कोछाभाँवर, झाँसी तथा कहानी-कथन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली कु0 श्रद्धा अहिरवार, पुत्री श्री नरेश अहिरवार, कक्षा-8, उच्च प्राथमिक विद्यालय, कोछाभाँवर, झाँसी को सम्मानित किया।भाषण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली कु0 वहार सहारिया को राज्यपाल जी ने मंच से माइक देकर अपनी प्रस्तुति सुनाने का अवसर दिया। बालिका ने ‘माँ-बेटी दोनों प्यार की परछाई' विषय पर काव्यात्मक भाषण प्रस्तुत किया, जिसमें एक माँ का अपनी बेटी के प्रति स्नेह, चिंता, सीख और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा अत्यंत भावपूर्ण ढंग से समाहित थी।
उसकी प्रस्तुति में माँ की ममता के साथ-साथ बेटी के सुरक्षित, संस्कारी और आत्मनिर्भर भविष्य की चिंता भी अभिव्यक्त हुई। राज्यपाल जी ने बालिका की प्रस्तुति को विशेष रूप से सराहा और उसके आत्मविश्वास एवं भावपूर्ण अभिव्यक्ति की प्रशंसा की। इसी ाढम में कहानी-कथन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली कु0 श्रद्धा अहिरवार ने राज्यपाल जी के कहने पर मंच से ‘धरती माँ का संरक्षण' विषय पर अपनी कहानी प्रस्तुत की। बालिका ने धरती, पर्यावरण और प्रकृति के संरक्षण का संदेश प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। राज्यपाल जी ने बच्चों की इन प्रस्तुतियों को ध्यानपूर्वक सुना और उनकी प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है।