जंगलराज से विकासराज तक : उत्तर प्रदेश की बदलती तस्वीर
प्रकाशित: 22-06-2026 | लेखक: संपादकीय टीम
उत्तर प्रदेश लंबे समय तक देश के सबसे अधिक जनसंख्या वाले राज्य के रूप में जाना जाता रहा, लेकिन अब उसकी पहचान तेजी से बदल रही है। आज उत्तर प्रदेश केवल आबादी के आधार पर नहीं, बल्कि विकास, निवेश, उद्योग, आधारभूत संरचना और आर्थिक प्रगति के कारण देश की अग्रणी शक्ति के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य ने पिछले कुछ वर्षों में जिस गति से विकास कार्यों को आगे बढ़ाया है, उसने प्रदेश की छवि को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान प्रदान की है। कभी कानून-व्यवस्था और पिछड़ेपन की चर्चा के लिए सुर्खियों में रहने वाला उत्तर प्रदेश आज एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, औद्योगिक कॉरिडोर और निवेश परियोजनाओं के लिए जाना जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्नाव में 570 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के दौरान प्रदेश के विकास मॉडल को रेखांकित करते हुए कहा कि अब उत्तर प्रदेश में योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि धरातल पर उतरती हैं और जनता तक उनका लाभ पहुंचता है।
उन्होंने कहा कि उन्नाव को स्टेट कैपिटल रीजन का हिस्सा बनाया गया है और लखनऊ से उन्नाव होते हुए कानपुर तक रैपिड रेल चलाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। यह परियोजना न केवल परिवहन को गति देगी, बल्कि औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगी।
-कांतिलाल मांडोत,
सूरत, गुजरात।
उन्होंने कहा कि उन्नाव को स्टेट कैपिटल रीजन का हिस्सा बनाया गया है और लखनऊ से उन्नाव होते हुए कानपुर तक रैपिड रेल चलाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। यह परियोजना न केवल परिवहन को गति देगी, बल्कि औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगी।
-कांतिलाल मांडोत,
सूरत, गुजरात।