पंजाब सरकार द्वारा बुजुर्गों के कल्याण के लिए चलाई जा रही विभिन्न गतिविधियों में 1.11 लाख से अधिक बुजुर्गों की भागीदारी दर्ज: डॉ. बलजीत कौर
प्रकाशित: 22-06-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
चंडीगढ़, (पवन आश्री)। मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार प्रदेश भर के बुजुर्गों के लिए सम्मानजनक, सुरक्षित और स्वस्थ जीवन सुनिश्चित करने हेतु लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान बुजुर्गों के लिए चलाई गई विभिन्न कल्याणकारी, स्वास्थ्य, जागरूकता तथा सामाजिक सहभागिता गतिविधियों में बुजुर्गों की कुल भागीदारी का आंकड़ा 1.11 लाख से अधिक दर्ज किया गया है, जो बुजुर्गों के सािढय और स्वस्थ जीवन के प्रति सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि बुजुर्गों का कल्याण पंजाब सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं, सामुदायिक सहभागिता कार्पामों, जागरूकता अभियानों और सहायता प्रणालियों के माध्यम से सरकार ऐसा वातावरण तैयार करने के लिए कार्य कर रही है, जहां प्रत्येक वरिष्ठ नागरिक स्वयं को सम्मानित, सुरक्षित और सामाजिक रूप से जुड़ा हुआ महसूस करे। मंत्री ने बताया कि पंजाब भर में आयोजित व्यापक स्वास्थ्य शिविरों के दौरान 7,552 गैर-संचारी रोगों (ऱण्अ) की पीनिंग, 2,181 कैंसर पीनिंग, 6,234 हड्डी संबंधी परीक्षण (ऑर्थोपेडिक आकलन), 11,991 नेत्र परीक्षण, 3,395 नाक-कान-गला (ऱिंऊ) जांच तथा 2,202 फिजियोथेरेपी सत्र आयोजित किए गए। इसके अतिरिक्त 1,520 सफल मोतियाबिंद ऑपरेशन कराए गए, जिससे लाभार्थी बुजुर्गों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
बुजुर्गों को सािढय रखने और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश भर में 230 अंतरपीढ़ी (इंटरजेनरेशनल) गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनमें 11,692 बुजुर्गों और युवाओं ने भाग लिया। इससे वरिष्ठ नागरिकों और नई पीढ़ी के बीच संवाद और संबंध मजबूत हुए। इसी प्रकार 83 उत्पादक वृद्धावस्था (प्रोडक्टिव एजिंग) पहलों के अंतर्गत 3,266 लाभार्थियों की भागीदारी दर्ज की गई, जिससे बुजुर्ग समाज में सािढय योगदान देने के लिए प्रेरित हुए।
डॉ. बलजीत कौर ने आगे बताया कि पुलिस कर्मियों, प्रशासनिक अधिकारियों, पंचायती राज संस्थाओं, युवा क्लबों और सामाजिक संगठनों की भागीदारी वाले जागरूकता कार्पामों के माध्यम से 8,070 लोगों तक पहुंच बनाई गई तथा उन्हें बुजुर्गों के अधिकारों, कल्याण और सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। उन्होंने बताया कि समग्र कल्याण शिविरों के अंतर्गत 29,186 पंजीकरण दर्ज किए गए। इसके अलावा योग और ध्यान सत्रों में 6,331 तथा कौशल विकास एवं मनोरंजन गतिविधियों में 6,562 लाभार्थियों ने भाग लिया। ‘राष्ट्रीय वयोश्री योजना' के तहत पात्र लाभार्थियों को श्रवण यंत्र, छड़ी, व्हीलचेयर आदि सहायक उपकरण भी उपलब्ध कराए गए।
“बुजुर्ग हमारे परिवारों और समाज की नींव हैं। उनकी बुद्धिमत्ता, अनुभव और जीवनभर के योगदान सर्वोच्च सम्मान और देखभाल के पात्र हैं। पंजाब सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि प्रत्येक वरिष्ठ नागरिक सम्मान, सुरक्षा, अच्छे स्वास्थ्य और अपनत्व की भावना के साथ जीवन व्यतीत करे।'' - डॉ. बलजीत कौर
मंत्री ने आगे बताया कि सरकारी डे-केयर सेंटरों के माध्यम से बुजुर्ग लाभार्थियों को इंडोर गेम्स, शारीरिक गतिविधियों के लिए ट्रेडमिल, मरीजों के लिए बेड, थेरेपी एवं मसाज मशीनों जैसी सुविधाएं प्रदान कर भावनात्मक और शारीरिक सहायता उपलब्ध कराई गई है। बुजुर्गों के कल्याण और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए ‘अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस', ‘विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस' तथा ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस' के अवसर पर विशेष कार्पाम भी आयोजित किए गए। जनता से अपील करते हुए डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि यदि बुजुर्गों के साथ किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार, उपेक्षा, हिंसा या शोषण का मामला सामने आता है तो उसकी तुरंत सूचना एल्डर हेल्पलाइन 14567 पर दी जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान और कल्याण की रक्षा करना हमारी सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी है तथा समाज के सभी वर्गों से बुजुर्गों के लिए संवेदनशील और सुरक्षित वातावरण बनाने में सािढय योगदान देने का आह्वान किया।
सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार प्रदेश भर के बुजुर्गों की देखभाल, सुरक्षा, सशक्तिकरण और समग्र कल्याण सुनिश्चित करने वाले प्रयासों को और अधिक मजबूत बनाना जारी रखेगी।
बुजुर्गों को सािढय रखने और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश भर में 230 अंतरपीढ़ी (इंटरजेनरेशनल) गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनमें 11,692 बुजुर्गों और युवाओं ने भाग लिया। इससे वरिष्ठ नागरिकों और नई पीढ़ी के बीच संवाद और संबंध मजबूत हुए। इसी प्रकार 83 उत्पादक वृद्धावस्था (प्रोडक्टिव एजिंग) पहलों के अंतर्गत 3,266 लाभार्थियों की भागीदारी दर्ज की गई, जिससे बुजुर्ग समाज में सािढय योगदान देने के लिए प्रेरित हुए।
डॉ. बलजीत कौर ने आगे बताया कि पुलिस कर्मियों, प्रशासनिक अधिकारियों, पंचायती राज संस्थाओं, युवा क्लबों और सामाजिक संगठनों की भागीदारी वाले जागरूकता कार्पामों के माध्यम से 8,070 लोगों तक पहुंच बनाई गई तथा उन्हें बुजुर्गों के अधिकारों, कल्याण और सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। उन्होंने बताया कि समग्र कल्याण शिविरों के अंतर्गत 29,186 पंजीकरण दर्ज किए गए। इसके अलावा योग और ध्यान सत्रों में 6,331 तथा कौशल विकास एवं मनोरंजन गतिविधियों में 6,562 लाभार्थियों ने भाग लिया। ‘राष्ट्रीय वयोश्री योजना' के तहत पात्र लाभार्थियों को श्रवण यंत्र, छड़ी, व्हीलचेयर आदि सहायक उपकरण भी उपलब्ध कराए गए।
“बुजुर्ग हमारे परिवारों और समाज की नींव हैं। उनकी बुद्धिमत्ता, अनुभव और जीवनभर के योगदान सर्वोच्च सम्मान और देखभाल के पात्र हैं। पंजाब सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि प्रत्येक वरिष्ठ नागरिक सम्मान, सुरक्षा, अच्छे स्वास्थ्य और अपनत्व की भावना के साथ जीवन व्यतीत करे।'' - डॉ. बलजीत कौर
मंत्री ने आगे बताया कि सरकारी डे-केयर सेंटरों के माध्यम से बुजुर्ग लाभार्थियों को इंडोर गेम्स, शारीरिक गतिविधियों के लिए ट्रेडमिल, मरीजों के लिए बेड, थेरेपी एवं मसाज मशीनों जैसी सुविधाएं प्रदान कर भावनात्मक और शारीरिक सहायता उपलब्ध कराई गई है। बुजुर्गों के कल्याण और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए ‘अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस', ‘विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस' तथा ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस' के अवसर पर विशेष कार्पाम भी आयोजित किए गए। जनता से अपील करते हुए डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि यदि बुजुर्गों के साथ किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार, उपेक्षा, हिंसा या शोषण का मामला सामने आता है तो उसकी तुरंत सूचना एल्डर हेल्पलाइन 14567 पर दी जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान और कल्याण की रक्षा करना हमारी सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी है तथा समाज के सभी वर्गों से बुजुर्गों के लिए संवेदनशील और सुरक्षित वातावरण बनाने में सािढय योगदान देने का आह्वान किया।
सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार प्रदेश भर के बुजुर्गों की देखभाल, सुरक्षा, सशक्तिकरण और समग्र कल्याण सुनिश्चित करने वाले प्रयासों को और अधिक मजबूत बनाना जारी रखेगी।