डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में भोपाल-विदिशा 4-लेन के लिए 1,757 करोड़ से अधिक की स्वीकृति
प्रकाशित: 12-08-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
राम मोहन यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक संपन्न हुई। मंत्रि-परिषद ने भोपाल को मेट्रोपोलिटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस पहल करते हुए भोपाल-विदिशा मार्ग के 2-लेन से 4-लेन उन्नयन एवं निर्माण के लिए 1757.57 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। इस मार्ग के निर्माण से तेजी से औद्योगिक निवेश बढ़ेगा और अधोसंरसचना का भी व्यवस्थित विकास हो पायेगा। मंत्रि-परिषद ने भोपाल बासपास को 6-लेन बनाने के दृष्टिगत भोपाल बायपास- टोल टैक्स शुल्क संग्रहण की अनुमति 2031 तक बढ़ाने की मंजूरी दी है। एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में मंत्रि-परिषद ने स्थानीय मजदूरों और क्षेत्र के रहवासियों को लाभांश वितरण के लिए वन विभाग द्वारा संचालित संयुक्त वन प्रबंध समितियों को लाभांश का प्रदाय योजना के तहत वर्ष 2030-31 तक निरंतर रखे जाने की 918 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। मंत्रि-परिषद ने किसान वर्ष में किसानों को बड़ी सौगात देते हुए भारत सरकार के अंतर्गत गठित उपाम नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट की स्थापना के लिए सीहोर जिले की इछावर तहसील के गांव भाउखेड़ी में 20 हेक्टेयर भूमि स्थायी पट्टे पर आवंटित किये जाने का निर्णय लिया है। और महिला सशक्तिकरण को गति देने के लिए 47 हजार 990 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की है। इसमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 28,083.47 करोड़ रुपये और आयुष्मान भारत योजना के लिए 12 हजार 123 करोड़ 81 लाख रुपये शामिल हैं। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए मंत्रि-परिषद ने हर तरह की परिस्थितियों में समाज सेवा करने वाली महिलाओं के लिए 'रानी दुर्गावती राज्य स्तरीय पुरस्कार' की राशि भी 2 लाख रुपये करने की स्वीकृति दी है और 'रानी अवंती बाई राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार' की राशि को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये करने की मंजूरी दी है। इसी तरह जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के आगामी 5 वर्षों के संचालन के लिए 795 करोड़ 59 लाख रुपये की मंजूरी दी गई। देवास पटाखा फैक्ट्री दुर्घटना जांच आयोग की अवधि 3 माह बढ़ाने तथा एम.पी.पी.एस.सी के वार्षिक प्रतिवेदनों को विधानसभा के पटल पर रखने का अनुमोदन भी बैठक में किया गया। मंत्रि-परिषद ने वन विभाग अंतर्गत संयुक्त वन प्रबंधन समितियों को लाभांश प्रदाय से संबंधित योजना को वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 918 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। मंत्रि-परिषद ने हर परिस्थिति में संघर्ष करते हुये समाज सेवा करने वाली एक महिला को प्रतिवर्ष राज्य स्तरीय रानी दुर्गावती पुरस्कार राशि 2 लाख रूपये प्रदाय करने और वर्ष 2006 से प्रदाय किए जा रहे रानी अवन्ती बाई राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार की राशि को भी एक लाख रूपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये किये जाने की स्वीकृति दी है। वर्तमान में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा कुल 6 पुरस्कार यथा रानी अवंती बाई राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार, राजमाता विजयाराजे सिंधिया समाज सेवा पुरस्कार, श्री विष्णु कुमार महिला बाल कल्याण समाज सेवा सम्मान पुरस्कार, मुख्यमंत्री नारी सम्मान रक्षा पुरस्कार, अरुणा शानबाग वीरता पुरस्कार और राष्ट्रमाता पद्मावती पुरस्कार प्रदाय किये जा रहे हैं। मंत्रि-परिषद ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग अंतर्गत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, आयुष्मान भारत - प्रधानमंत्री जन आरोग्य और आयुष्मान भारत (नॉन एस. ई. सी. सी. हितग्राही), बहुउद्देशीय रोग नियंत्रण कार्पाम, स्वास्थ्य संस्थाओं की सुरक्षा एवं सफाई व्यवस्था, जिला स्तरीय अमला से संबंधित योजनाओं के 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालन के लिए कुल 44 हजार 515.13 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 28,083.47 करोड़ रूपये स्वीकृत किए गए है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन भारत सरकार से 60:40 के अनुपात में संचालित है। यह योजना केन्द्र प्रवर्तित है एवं प्रमुख राष्ट्रीय कार्पाम जैसे मातृ स्वास्थ्य, शिशु स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, टीकाकरण, टी.बी. उन्मूलन, शिशु स्वास्थ्य पोषण, सिकल सेल, किशोर स्वास्थ्य, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, गैर-संचारी कार्पाम, अंधत्व निवारण, कुष्ठ उन्मूलन, प्रधानमंत्री डायलिसिस सेवा, निशुल्क दवा एवं जांच इत्यादि स्वास्थ्य कार्पामों का संचालन किया जाता है।
मंत्रि-परिषद ने जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय को वेतन भत्तों मानदेय आदि के लिए ब्लाक ग्राण्ट योजना के आगामी 05 वर्षो वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 795 करोड़ 59 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। वर्तमान में विश्वविद्यालय के अधीन 11 महाविद्यालय और 8 अनुसंधान केन्द्र संचालित हैं, जिनके माध्यम से कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं कृषि विस्तार संबंधी गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। विश्वविद्यालय में कार्यरत अधिकारियों, वैज्ञानिकों और कर्मचारियों के अतिरिक्त लगभग 500 ओल्ड पेंशनरों के वेतन, भत्तों, मानदेय एवं पेंशन संबंधी वित्तीय दायित्वों के साथ-साथ संस्थानों के आवश्यक प्रशासनिक एवं आकस्मिक व्ययों की पूर्ति राज्य शासन द्वारा ब्लॉक ग्रांट के माध्यम से की जाती है।
मंत्रि-परिषद ने खनिज साधन विभाग अंतर्गत विभागीय परिसंपत्तियों के संधारण से संबंधित योजना के वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 2 करोड़ 50 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। खनिज साधन विभाग में कुल 54 खनिज भवन है। खनिज भवनों को निर्मित हुए 10 वर्ष से अधिक की अवधि हो चुकी है इसलिए योजना अंतर्गत भवनों में मरम्मत तथा संधारण का कार्य निरंतर रूप से कराया जा रहा है।
मंत्रि-परिषद द्वारा देवास जिले में 14 मई 2026 को टोकंकला में स्थित पटाखा फैक्ट्री में घटित दुखद अग्नि दुर्घटना की न्यायिक जाँच के लिए श्री सुभाष काकड़े सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति, उच्च न्यायालय जबलपुर की अध्यक्षता में एकल सदस्यीय न्यायिक जाँच आयोग गठित किये जाने और जॉच आयोग के कार्यकाल में तीन माह 14 अगस्त 2026 तक की वृद्धि किये जाने के संबंध में जारी अधिसूचना का अनुसमर्थन किया गया।
मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के 63वें, 64वें और 68वें वार्षिक प्रतिवेदन एवं जिन प्रकरणों में आयोग की सलाह स्वीकार नहीं की गई है, उनके संबंध में ज्ञापन के साथ विधान सभा के पटल पर रखे जाने का अनुमोदन दिया है।
भोपाल। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक संपन्न हुई। मंत्रि-परिषद ने भोपाल को मेट्रोपोलिटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस पहल करते हुए भोपाल-विदिशा मार्ग के 2-लेन से 4-लेन उन्नयन एवं निर्माण के लिए 1757.57 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। इस मार्ग के निर्माण से तेजी से औद्योगिक निवेश बढ़ेगा और अधोसंरसचना का भी व्यवस्थित विकास हो पायेगा। मंत्रि-परिषद ने भोपाल बासपास को 6-लेन बनाने के दृष्टिगत भोपाल बायपास- टोल टैक्स शुल्क संग्रहण की अनुमति 2031 तक बढ़ाने की मंजूरी दी है। एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में मंत्रि-परिषद ने स्थानीय मजदूरों और क्षेत्र के रहवासियों को लाभांश वितरण के लिए वन विभाग द्वारा संचालित संयुक्त वन प्रबंध समितियों को लाभांश का प्रदाय योजना के तहत वर्ष 2030-31 तक निरंतर रखे जाने की 918 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। मंत्रि-परिषद ने किसान वर्ष में किसानों को बड़ी सौगात देते हुए भारत सरकार के अंतर्गत गठित उपाम नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट की स्थापना के लिए सीहोर जिले की इछावर तहसील के गांव भाउखेड़ी में 20 हेक्टेयर भूमि स्थायी पट्टे पर आवंटित किये जाने का निर्णय लिया है। और महिला सशक्तिकरण को गति देने के लिए 47 हजार 990 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की है। इसमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 28,083.47 करोड़ रुपये और आयुष्मान भारत योजना के लिए 12 हजार 123 करोड़ 81 लाख रुपये शामिल हैं। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए मंत्रि-परिषद ने हर तरह की परिस्थितियों में समाज सेवा करने वाली महिलाओं के लिए 'रानी दुर्गावती राज्य स्तरीय पुरस्कार' की राशि भी 2 लाख रुपये करने की स्वीकृति दी है और 'रानी अवंती बाई राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार' की राशि को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये करने की मंजूरी दी है। इसी तरह जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के आगामी 5 वर्षों के संचालन के लिए 795 करोड़ 59 लाख रुपये की मंजूरी दी गई। देवास पटाखा फैक्ट्री दुर्घटना जांच आयोग की अवधि 3 माह बढ़ाने तथा एम.पी.पी.एस.सी के वार्षिक प्रतिवेदनों को विधानसभा के पटल पर रखने का अनुमोदन भी बैठक में किया गया। मंत्रि-परिषद ने वन विभाग अंतर्गत संयुक्त वन प्रबंधन समितियों को लाभांश प्रदाय से संबंधित योजना को वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 918 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। मंत्रि-परिषद ने हर परिस्थिति में संघर्ष करते हुये समाज सेवा करने वाली एक महिला को प्रतिवर्ष राज्य स्तरीय रानी दुर्गावती पुरस्कार राशि 2 लाख रूपये प्रदाय करने और वर्ष 2006 से प्रदाय किए जा रहे रानी अवन्ती बाई राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार की राशि को भी एक लाख रूपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये किये जाने की स्वीकृति दी है। वर्तमान में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा कुल 6 पुरस्कार यथा रानी अवंती बाई राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार, राजमाता विजयाराजे सिंधिया समाज सेवा पुरस्कार, श्री विष्णु कुमार महिला बाल कल्याण समाज सेवा सम्मान पुरस्कार, मुख्यमंत्री नारी सम्मान रक्षा पुरस्कार, अरुणा शानबाग वीरता पुरस्कार और राष्ट्रमाता पद्मावती पुरस्कार प्रदाय किये जा रहे हैं। मंत्रि-परिषद ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग अंतर्गत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, आयुष्मान भारत - प्रधानमंत्री जन आरोग्य और आयुष्मान भारत (नॉन एस. ई. सी. सी. हितग्राही), बहुउद्देशीय रोग नियंत्रण कार्पाम, स्वास्थ्य संस्थाओं की सुरक्षा एवं सफाई व्यवस्था, जिला स्तरीय अमला से संबंधित योजनाओं के 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालन के लिए कुल 44 हजार 515.13 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 28,083.47 करोड़ रूपये स्वीकृत किए गए है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन भारत सरकार से 60:40 के अनुपात में संचालित है। यह योजना केन्द्र प्रवर्तित है एवं प्रमुख राष्ट्रीय कार्पाम जैसे मातृ स्वास्थ्य, शिशु स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, टीकाकरण, टी.बी. उन्मूलन, शिशु स्वास्थ्य पोषण, सिकल सेल, किशोर स्वास्थ्य, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, गैर-संचारी कार्पाम, अंधत्व निवारण, कुष्ठ उन्मूलन, प्रधानमंत्री डायलिसिस सेवा, निशुल्क दवा एवं जांच इत्यादि स्वास्थ्य कार्पामों का संचालन किया जाता है।
मंत्रि-परिषद ने जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय को वेतन भत्तों मानदेय आदि के लिए ब्लाक ग्राण्ट योजना के आगामी 05 वर्षो वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 795 करोड़ 59 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। वर्तमान में विश्वविद्यालय के अधीन 11 महाविद्यालय और 8 अनुसंधान केन्द्र संचालित हैं, जिनके माध्यम से कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं कृषि विस्तार संबंधी गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। विश्वविद्यालय में कार्यरत अधिकारियों, वैज्ञानिकों और कर्मचारियों के अतिरिक्त लगभग 500 ओल्ड पेंशनरों के वेतन, भत्तों, मानदेय एवं पेंशन संबंधी वित्तीय दायित्वों के साथ-साथ संस्थानों के आवश्यक प्रशासनिक एवं आकस्मिक व्ययों की पूर्ति राज्य शासन द्वारा ब्लॉक ग्रांट के माध्यम से की जाती है।
मंत्रि-परिषद ने खनिज साधन विभाग अंतर्गत विभागीय परिसंपत्तियों के संधारण से संबंधित योजना के वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 2 करोड़ 50 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। खनिज साधन विभाग में कुल 54 खनिज भवन है। खनिज भवनों को निर्मित हुए 10 वर्ष से अधिक की अवधि हो चुकी है इसलिए योजना अंतर्गत भवनों में मरम्मत तथा संधारण का कार्य निरंतर रूप से कराया जा रहा है।
मंत्रि-परिषद द्वारा देवास जिले में 14 मई 2026 को टोकंकला में स्थित पटाखा फैक्ट्री में घटित दुखद अग्नि दुर्घटना की न्यायिक जाँच के लिए श्री सुभाष काकड़े सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति, उच्च न्यायालय जबलपुर की अध्यक्षता में एकल सदस्यीय न्यायिक जाँच आयोग गठित किये जाने और जॉच आयोग के कार्यकाल में तीन माह 14 अगस्त 2026 तक की वृद्धि किये जाने के संबंध में जारी अधिसूचना का अनुसमर्थन किया गया।
मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के 63वें, 64वें और 68वें वार्षिक प्रतिवेदन एवं जिन प्रकरणों में आयोग की सलाह स्वीकार नहीं की गई है, उनके संबंध में ज्ञापन के साथ विधान सभा के पटल पर रखे जाने का अनुमोदन दिया है।