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मप्र सरकार शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाने का कार्य कर रही हैः गौरव रणदिवे

प्रकाशित: 03-06-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
राम मोहन यादव
भोपाल । भाजपा प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे ने मंगलवार को मध्यप्रदेश मंत्रिपरिषद की बैठक में विभिन्न विकास व जनकल्याकारी योजनाओं की स्वीकृति देने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि स्वामित्व योजना के तहत प्रदेश के लाखों भूमिहीनों को जमीन की निशुल्क रजिस्ट्री कराकर सरकार उन्हें मालिकाना हक दे रही है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाने का कार्य कर रही है। प्रदेश के चहुंमुखी विकास, जन-कल्याण और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए 21 हजार 485 करोड़ रूपए स्वीकृति किए गए हैं। कक्षा 1 से 8 वीं तक के विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता की सिली हुई गणवेश प्रदाय करने का निर्णय सराहनीय है।
मंत्रिपरिषद ने स्वामित्व योजना के ािढयान्वयन के लिए विशेष अभियान के तहत अब तक कुल 68.11 लाख अधिकार अभिलेखों का निर्माण किया गया है। इसमें 48.32 लाख निजी संम्पत्तियां शामिल है। गरीबों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए डॉ. मोहन यादव ने रजिस्ट्री व अन्य शुल्क सरकार द्वारा वहन करने का निर्णय लिया है। मंत्रिपरिषद ने आज इस प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। सरकार लाखों गरीबों को जमीन का मालिकाना हक देने के लिए खर्च होने वाले 3800 करोड़ स्वयं वहन करेगी। इस योजना के लागू होने के बाद भूमिहीनों को उनके आबादी वाली जमीन की रजिस्ट्री मिलेगी। जिसके आधार पर वह गृह निर्माण, व्यवसाय, कृषि कार्य के लिए ऋण प्राप्त कर अपनी आजीविका एवं आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर सकेंगे।
अभी तक रजिस्ट्री नहीं होने से जमीन को बंधक नहीं रखा जा सकता था। मंत्रिपरिषद का यह निर्णय मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार की गरीबों, भूमिहीनों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है। मध्यप्रदेश पहला राज्य बन गया है जहां ग्रामीण क्षेत्रों की आबादी के नागरिकों के भू-खण्ड संबंधी अधिकार सुरक्षित कर उनकी आर्थिक उन्नति के मार्ग को प्रशस्त किया जा रहा है। रणदिवे ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार स्वास्थ्य व शिक्षा के क्षेत्र को और अधिक सशक्त बनाने का कार्य कर रही है। मंत्रिपरिषद ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत लगभग 17 हजार 59 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। चिकित्सा महाविद्यालय में पी.जी. पाठ्पाम के सुदृढ़ीकरण से संबंधित योजना के लिए 657 करोड़ रूपए मंजूर किए गए हैं। इसके अंतर्गत प्रदेश में संचालित चिकित्सा महाविद्यालयों में भारत सरकार के आर्थिक सहयोग से राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के मापदंडों के अनुरूप अतिरिक्त अधोसंरचना का निर्माण, नवीन मशीनें एवं उपकरणों के प्रतिस्थापन के फलस्वरूप अतिरिक्त स्नातकोत्तर पाठ्पाम सीटों में वृद्धि होगी। इससे राष्ट्रीय और प्रादेशिक स्तर पर चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के साथ-साथ जन सामान्य को सुदूर ग्रामीण अंचल से जिला स्तर तक चिकित्सा सुविधा के लिए चिकित्सीय मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी। 1200 करोड़ रूपए निर्माणाधीन चिकित्सा महाविद्यालयों के भवन निर्माण के लिए स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास व जनकल्याण के लिए मंत्रिपरिषद में लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों के लिए मैं एक बार पुन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का हृदय से आभार प्रकट करता हूं।