27 प्रतिषत आरक्षण को लेकर ओबीसी महासभा का विधानसभा घेराव
प्रकाशित: 21-07-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
राम मोहन यादव
भोपाल। ओबीसी महासभा ने 27 प्रतिषत आरक्षण लागू कराने और 13 प्रतिषत पदों को होल्ड फ्री करने की मांग को लेकर भोपाल के रंगमहल चौराहे पर धरना दिया। ओबीसी महासभा के बैनर तले बड़ी संख्या में कार्यकर्ता विधानसभा का घेराव करने निकले सदस्यों को भोपाल पुलिस ने रोका तो प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए बैरिकेड्स पर चढ़ने लगे। पुलिस के द्वारा पीछे धकेलने पर वे जवानों से भिड़ गए। बैरिकेड्स पार करने की कोशिश पर पुलिस ने वाटर कैनन चलाकर उन्हें तितर-बितर कर कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर बसों में बैठाकर मौके से हटाया।
महासभा के प्रदेश प्रभारी जीतू लोधी, विश्वजीत रतौनिया और राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य एडवोकेट धर्मेंद्र कुशवाहा ने कहा कि ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थी वर्षों से नौकरी का इंतजार करते-करते ओवरएज हो रहे हैं। उनका कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाएं 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण के आधार पर होती हैं, लेकिन नियुक्तियां केवल 14 प्रतिशत आरक्षण के अनुसार दी जा रही हैं। उन्होंने मांग की कि 13 प्रतिशत पदों पर लगा होल्ड तत्काल हटाकर 27 प्रतिशत आरक्षण का पूरा लाभ दिया जाए। 2019 में तत्कालीन सरकार ने 27 प्रतिशत आरक्षण लागू किया था, लेकिन बाद में इस पर रोक लग गई। अब न्यायिक प्रािढया पूरी होने के बावजूद सरकार 13 प्रतिशत होल्ड नहीं हटा रही है, जिससे हजारों योग्य अभ्यर्थी नियुक्ति से वंचित हैं। सरकार पिछड़ा वर्ग के साथ अन्याय कर रही है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने वीडियो जारी कर ओबीसी आरक्षण को लेकर किए जा रहे विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया और कहां की कांग्रेस सरकार आएगी तो निश्चित तौर पर ओबीसी आरक्षण लागू किया जाएगा। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा-बीजेपी एक तरफ समान नागरिकता की बात करती है। दूसरी तरफ पिछड़ों को आरक्षण भी नहीं देना चाहती। बीजेपी सिर्फ समाज को बांटना चाहती है। सरकार को ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण का लाभ तत्काल देना चाहिए। समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव ने कहा कि हमारी मांग है कि संख्या के आधार पर आरक्षण देना चाहिए।
ये निकम्मी बीजेपी सरकार वादे करती है लेकिन आरक्षण देती नहीं है। ओबीसी महासभा को समाजवादी पार्टी का समर्थन है। जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी के आधार पर आरक्षण मिलना ही चाहिए।
भोपाल। ओबीसी महासभा ने 27 प्रतिषत आरक्षण लागू कराने और 13 प्रतिषत पदों को होल्ड फ्री करने की मांग को लेकर भोपाल के रंगमहल चौराहे पर धरना दिया। ओबीसी महासभा के बैनर तले बड़ी संख्या में कार्यकर्ता विधानसभा का घेराव करने निकले सदस्यों को भोपाल पुलिस ने रोका तो प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए बैरिकेड्स पर चढ़ने लगे। पुलिस के द्वारा पीछे धकेलने पर वे जवानों से भिड़ गए। बैरिकेड्स पार करने की कोशिश पर पुलिस ने वाटर कैनन चलाकर उन्हें तितर-बितर कर कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर बसों में बैठाकर मौके से हटाया।
महासभा के प्रदेश प्रभारी जीतू लोधी, विश्वजीत रतौनिया और राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य एडवोकेट धर्मेंद्र कुशवाहा ने कहा कि ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थी वर्षों से नौकरी का इंतजार करते-करते ओवरएज हो रहे हैं। उनका कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाएं 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण के आधार पर होती हैं, लेकिन नियुक्तियां केवल 14 प्रतिशत आरक्षण के अनुसार दी जा रही हैं। उन्होंने मांग की कि 13 प्रतिशत पदों पर लगा होल्ड तत्काल हटाकर 27 प्रतिशत आरक्षण का पूरा लाभ दिया जाए। 2019 में तत्कालीन सरकार ने 27 प्रतिशत आरक्षण लागू किया था, लेकिन बाद में इस पर रोक लग गई। अब न्यायिक प्रािढया पूरी होने के बावजूद सरकार 13 प्रतिशत होल्ड नहीं हटा रही है, जिससे हजारों योग्य अभ्यर्थी नियुक्ति से वंचित हैं। सरकार पिछड़ा वर्ग के साथ अन्याय कर रही है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने वीडियो जारी कर ओबीसी आरक्षण को लेकर किए जा रहे विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया और कहां की कांग्रेस सरकार आएगी तो निश्चित तौर पर ओबीसी आरक्षण लागू किया जाएगा। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा-बीजेपी एक तरफ समान नागरिकता की बात करती है। दूसरी तरफ पिछड़ों को आरक्षण भी नहीं देना चाहती। बीजेपी सिर्फ समाज को बांटना चाहती है। सरकार को ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण का लाभ तत्काल देना चाहिए। समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव ने कहा कि हमारी मांग है कि संख्या के आधार पर आरक्षण देना चाहिए।
ये निकम्मी बीजेपी सरकार वादे करती है लेकिन आरक्षण देती नहीं है। ओबीसी महासभा को समाजवादी पार्टी का समर्थन है। जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी के आधार पर आरक्षण मिलना ही चाहिए।