हंगामे के बीच लोस में विनियोग विधेयक पारित
प्रकाशित: 05-08-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
विशेष प्रतिनिधि
नई दिल्ली। राम मंदिर चढ़ावा चोरी और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दों पर लोकसभा में विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच मंगलवार को एक विनियोग विधेयक पारित किया गया।
सदन की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद अपराह्न दो बजे शुरू होने पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विनियोग (संख्यांक 3) विधेयक को चर्चा और पारित करने के लिए पेश किया।विधेयक का उद्देश्य भारत की संचित निधि से उन खर्चों के लिए पैसे निकालने की मंजूरी देना है, जो व्यय 31 मार्च 2023 को खत्म हुए वित्त वर्ष के दौरान कुछ खास सेवाओं पर, उन सेवाओं और उस वर्ष के लिए मंजूर की गई रकम से अधिक किए गए थे।शोर-शराबे के बीच, सदन ने विनियोग (संख्यांक 3) विधेयक, 2026 को बिना चर्चा के ध्वनिमत से पारित कर दिया। इससे पहले, सीतारमण ने कराधान एवं अन्य विधियां संशोधन विधेयक, 2026 भी पेश किया। यह विधेयक उस अध्यादेश की जगह लेने के लिए है, जिसके तहत सरकारी प्रतिभूतियों में विदेशी निवेश पर आयकर खत्म कर दिया गया था।
विपक्ष के जिन सदस्यों ने भी कराधान एवं अन्य विधियां संशोधन विधेयक, 2026 को पेश किए जाने के विरोध में बोलने के लिए नोटिस दिया था, उन्होंने आसन द्वारा नाम पुकारे जाने के बावजूद ऐसा नहीं किया।
इस विधेयक का उद्देश्य संदाय एवं निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007, आयकर अधिनियम, 2025 और वित्त अधिनियम, 2026 में संशोधन करना है।इस बीच, राम मंदिर चढ़ावा चोरी और अन्य मुद्दों को लेकर विपक्षी सांसदों का हंगामा जारी रहा। पी"ासीन सभापति दिलीप सैकिया द्वारा बार-बार आग्रह किये जाने के बावजूद भी शोरगुल नहीं थमने पर अपराह्न दो बजकर 17 मिनट पर सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।
नई दिल्ली। राम मंदिर चढ़ावा चोरी और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दों पर लोकसभा में विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच मंगलवार को एक विनियोग विधेयक पारित किया गया।
सदन की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद अपराह्न दो बजे शुरू होने पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विनियोग (संख्यांक 3) विधेयक को चर्चा और पारित करने के लिए पेश किया।विधेयक का उद्देश्य भारत की संचित निधि से उन खर्चों के लिए पैसे निकालने की मंजूरी देना है, जो व्यय 31 मार्च 2023 को खत्म हुए वित्त वर्ष के दौरान कुछ खास सेवाओं पर, उन सेवाओं और उस वर्ष के लिए मंजूर की गई रकम से अधिक किए गए थे।शोर-शराबे के बीच, सदन ने विनियोग (संख्यांक 3) विधेयक, 2026 को बिना चर्चा के ध्वनिमत से पारित कर दिया। इससे पहले, सीतारमण ने कराधान एवं अन्य विधियां संशोधन विधेयक, 2026 भी पेश किया। यह विधेयक उस अध्यादेश की जगह लेने के लिए है, जिसके तहत सरकारी प्रतिभूतियों में विदेशी निवेश पर आयकर खत्म कर दिया गया था।
विपक्ष के जिन सदस्यों ने भी कराधान एवं अन्य विधियां संशोधन विधेयक, 2026 को पेश किए जाने के विरोध में बोलने के लिए नोटिस दिया था, उन्होंने आसन द्वारा नाम पुकारे जाने के बावजूद ऐसा नहीं किया।
इस विधेयक का उद्देश्य संदाय एवं निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007, आयकर अधिनियम, 2025 और वित्त अधिनियम, 2026 में संशोधन करना है।इस बीच, राम मंदिर चढ़ावा चोरी और अन्य मुद्दों को लेकर विपक्षी सांसदों का हंगामा जारी रहा। पी"ासीन सभापति दिलीप सैकिया द्वारा बार-बार आग्रह किये जाने के बावजूद भी शोरगुल नहीं थमने पर अपराह्न दो बजकर 17 मिनट पर सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।