दिल्ली पुलिस ने शहरव्यापी साइबर जागरूकता अभियान ‘सांता की सीख' चलाया
प्रकाशित: 26-12-2025 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने त्योहारी मौसम में व्यापक साइबर जागरूकता अभियान ‘सांता की सीख' का आयोजन करके साइबर सुरक्षा और डिजिटल जागरूकता को बढ़ावा देने के अपने प्रयासों को जारी रखा। यह अभियान दिल्ली के सभी 15 पुलिस जिलों में, बाजारों और मॉल जैसे भीड़भाड़ वाले प्रमुख स्थानों पर आयोजित किया गया, ताकि व्यापक और विविध जनसमूह तक प्रभावी ढंग से पहुंचा जा सके। इसका प्राथमिक उद्देश्य नागरिकों को साइबर अपराधों, ऑनलाइन धोखाधड़ी, सुरक्षित डिजिटल प्रथाओं और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग करते समय सुरक्षित रहने के लिए आवश्यक एहतियाती उपायों के बारे में शिक्षित करना था। सार्वजनिक सहभागिता और प्रभाव को अधिकतम करने के लिए नवीन और अंतािढयात्मक तरीकों का उपयोग करते हुए, साइबर जागरूकता पहल को सुनियोजित तरीके से ािढयान्वित किया गया। इसके तहत सभी 15 पुलिस जिलों में से प्रत्येक में एक प्रमुख स्थान पर जमीनी स्तर पर जागरूकता कार्पाम आयोजित किया गया। जनता को सािढय रूप से शामिल करने के लिए साइबर सुरक्षा प्रश्नोत्तरी और खेलों सहित कई अंतािढयात्मक शिक्षण गतिविधियों का आयोजन किया गया। भागीदारी को प्रोत्साहित करने और जन सहयोग को मान्यता देने के लिए, प्रतिभागियों को साइबर जागरूकता संदेशों वाले छोटे उपहार वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त, साइबर सुरक्षा जागरूकता पर स्टैंडी और पोस्टर कार्पाम स्थलों पर प्रदर्शित किए गए, व्याख्यान, प्रश्नोत्तर सत्र और ऑनलाइन सुरक्षा के महत्व को उजागर करने वाले साइबर अपराध जागरूकता पर आकर्षक नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए गए। कार्पाम का प्राथमिक उद्देश्य त्योहारों के दौरान बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर एकत्रित होने वाले बड़े जनसमूह तक महत्वपूर्ण साइबर सुरक्षा संदेशों का प्रसार करना था। नागरिकों को सतर्क रहने, व्यक्तिगत या संवेदनशील जानकारी ऑनलाइन साझा करने से बचने और साइबर अपराध से संबंधित घटनाओं की सूचना संबंधित अधिकारियों को तुरंत देने की सलाह दी गई। यह शहरव्यापी अभियान दिल्ली पुलिस द्वारा साइबर अपराध से निपटने के लिए चलाए जा रहे निरंतर प्रयासों का एक हिस्सा है, जिसका नेतृत्व दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा कर रहे हैं। हाल ही में, दिल्ली पुलिस ने कई साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्पाम आयोजित किए हैं, जो डिजिटल क्षेत्र में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की उसकी प्रतिबद्धता को दोहराते हैं।
युवा ाढांति सेना ने शालिनी सिंह के नेतृत्व में ‘सक्षम एनसीआर योजना'का शुभारंभ किया
नोएडा ,(वीअ)। आज युवा ाढांति सेना की वार्षिक बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता डॉ. पीयूष द्विवेदी ने की। बैठक में संगठन की आगामी दो वर्षों की कार्ययोजना तैयार की गई तथा सामाजिक सरोकारों को केंद्र में रखते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इस अवसर पर शालिनी सिंह के नेतृत्व में “सक्षम एनसीआर योजना'' का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस योजना के अंतर्गत एनसीआर क्षेत्र के विद्यालयों, रेस्टोरेंट्स, सार्वजनिक स्थलों, शौचालयों, पार्कों एवं सरकारी भवनों को दिव्यांगजनों के लिए सुलभ बनाया जाएगा। इसके लिए आवश्यकतानुसार रैम्प्स एवं अन्य सहायक संरचनाएं विकसित की जाएंगी। बैठक में एनसीआर के पैरा एथलीट्स को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर भी सहमति बनी। साथ ही फरवरी माह में आयोजित होने वाले पैरा स्पोर्ट्स महाकुंभ को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। युवा ाढांति सेना द्वारा युवाओं में नशे के विरुद्ध जन-जागरूकता अभियान चलाने का भी निर्णय लिया गया, जिसका नेतृत्व संगठन के उपाध्यक्ष विक्की चौधरी करेंगे।
बैठक के दौरान संगठन विस्तार करते हुए ओमवीर यादव एवं रणपाल अवाना द्वारा निम्न पदाधिकारियों की घोषणा की गई जिसमें लोकेश चौहान को चेयरमैन, गौरव मेहरोत्रा को वित्त सलाहकार, के. पी. चौहान को महासचिव, डॉ. प्रदीप चौहान, सुनैना सिंह, मनीष श्रीवास्तव को उपाध्यक्ष, अनूप चतुर्वेदी, पाम यादव, संतोष त्रिपाठी, और बाबू प्रधान को सचिव बनाया गया।
शालिनी सिंह ने बताया कि सक्षम एनसीआर योजना के माध्यम से हमारा लक्ष्य दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। जब तक हमारे सार्वजनिक स्थल सभी के लिए सुलभ नहीं होंगे, तब तक समावेशी विकास की कल्पना अधूरी रहेगी।
सेना के अध्यक्ष अविनाश सिंह ने कहा कि युवा ाढांति सेना केवल एक संगठन नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का संकल्प है। आने वाले दो वर्षों में हम दिव्यांग सशक्तिकरण, खेल, युवा जागरूकता और नशा मुक्ति जैसे विषयों पर ठोस और प्रभावी कार्य करेंगे।
इस अवसर पर दीपक शंखधर, मुंदर पहलवान, प्रेरित, दीक्षांत आदि मौजूद थे।
युवा ाढांति सेना ने शालिनी सिंह के नेतृत्व में ‘सक्षम एनसीआर योजना'का शुभारंभ किया
नोएडा ,(वीअ)। आज युवा ाढांति सेना की वार्षिक बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता डॉ. पीयूष द्विवेदी ने की। बैठक में संगठन की आगामी दो वर्षों की कार्ययोजना तैयार की गई तथा सामाजिक सरोकारों को केंद्र में रखते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इस अवसर पर शालिनी सिंह के नेतृत्व में “सक्षम एनसीआर योजना'' का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस योजना के अंतर्गत एनसीआर क्षेत्र के विद्यालयों, रेस्टोरेंट्स, सार्वजनिक स्थलों, शौचालयों, पार्कों एवं सरकारी भवनों को दिव्यांगजनों के लिए सुलभ बनाया जाएगा। इसके लिए आवश्यकतानुसार रैम्प्स एवं अन्य सहायक संरचनाएं विकसित की जाएंगी। बैठक में एनसीआर के पैरा एथलीट्स को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर भी सहमति बनी। साथ ही फरवरी माह में आयोजित होने वाले पैरा स्पोर्ट्स महाकुंभ को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। युवा ाढांति सेना द्वारा युवाओं में नशे के विरुद्ध जन-जागरूकता अभियान चलाने का भी निर्णय लिया गया, जिसका नेतृत्व संगठन के उपाध्यक्ष विक्की चौधरी करेंगे।
बैठक के दौरान संगठन विस्तार करते हुए ओमवीर यादव एवं रणपाल अवाना द्वारा निम्न पदाधिकारियों की घोषणा की गई जिसमें लोकेश चौहान को चेयरमैन, गौरव मेहरोत्रा को वित्त सलाहकार, के. पी. चौहान को महासचिव, डॉ. प्रदीप चौहान, सुनैना सिंह, मनीष श्रीवास्तव को उपाध्यक्ष, अनूप चतुर्वेदी, पाम यादव, संतोष त्रिपाठी, और बाबू प्रधान को सचिव बनाया गया।
शालिनी सिंह ने बताया कि सक्षम एनसीआर योजना के माध्यम से हमारा लक्ष्य दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। जब तक हमारे सार्वजनिक स्थल सभी के लिए सुलभ नहीं होंगे, तब तक समावेशी विकास की कल्पना अधूरी रहेगी।
सेना के अध्यक्ष अविनाश सिंह ने कहा कि युवा ाढांति सेना केवल एक संगठन नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का संकल्प है। आने वाले दो वर्षों में हम दिव्यांग सशक्तिकरण, खेल, युवा जागरूकता और नशा मुक्ति जैसे विषयों पर ठोस और प्रभावी कार्य करेंगे।
इस अवसर पर दीपक शंखधर, मुंदर पहलवान, प्रेरित, दीक्षांत आदि मौजूद थे।