बिहार में धर्मेद्र प्रधान पािम बंगाल में भूपेंद्र यादव और तमिलनाडु में बैजयंत पांडा को मिली चुनाव की कमान
प्रकाशित: 26-09-2025 | लेखक: संपादक
वीर अर्जुन संवाददाता नईं दिल्ली। 2024 के चुनाव के बाद से आव्रामक मुद्रा में आए मुख्य विपक्षी पाटा कांग्रेस द्वारा वोट चोरी का मुद्दा जोर शोर से उठाए जाने के बाद नवंबर में होने जा रहे हैं बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सत्ता को बरकरार रखने के लिए भाजपा ने एक बार पुन: अपने सबसे अनुभवी और भरोसेमंद नेता धर्मेद्र प्रधान को बिहार विधानसभा चुनाव का जिम्मा सौंपा है। पाटा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने वेंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान को जहां बिहार का चुनाव प्रभार सौंपा है वहीं दूसरी तरफ गुजरात में अपने नेतृत्व के करिश्मे के बदौलत राज्य विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने वाले वेंद्रीय जल शत्ति मंत्री सी आर पाटिल और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्यं को धर्मेद्र प्रधान की मदद के लिए चुनाव सह प्रभारी नियुत्त किया गया है।
इसके साथ ही पाटा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भाजपा के भविष्य की सबसे बड़ी ताबीर माने जाने वाले पािम बंगाल और तमिलनाडु के लिए भी चुनाव प्रभारी की नियुत्ति की घोषणा कर दी है। पािम बंगाल में चुनाव का जिम्मा संगठन के एक अन्य धुरंधर वेंद्रीय वन पर्यांवरण मंत्री भूपेंद्र यादव के वंधों पर डाला गया है तो वही तमिलनाडु का प्रभार पाटा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं लोकसभा सांसद बैजयंत पांडा को दिया गया है। पािम बंगाल में भूपेंद्र यादव की मदद के लिए पूवरेत्तर भारत के भाजपा के बड़े चेहरों में गिने जाने वाले त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं लोकसभा सांसद विप्लव वुमार देव को लगाया गया है तो वहीं तमिलनाडु में पांडा के साथ दक्षिणी राज्य में कमल खिलाने की जिम्मेदारी वेंद्रीय विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल के वंधों पर सौंपी गईं है।
तमिलनाडु और पािम बंगाल में तो चुनाव अगले साल होने हैं लेकिन बिहार में चुनाव की घोषणा एक दो ह़फ्ते के भीतर ही किए जाने की संभावना है। तमिलनाडु और पािम बंगाल में भाजपा के लिए सत्ता भले ही अभी दूर की कौड़ी बनी हुईं है लेकिन उसकी असली परीक्षा बिहार में होनी है।
भाजपा को भी इस बात का भली भांति एहसास है इसीलिए उसने चुनाव प्रभारीयों की नियुत्ति में भी जातिगत समीकरण का पूरा ख्याल रखा है। पाटा के बिहार चुनाव के प्रभारी धर्मेद्र प्रधान जहां पिछड़ा वर्ग से आते हैं वहीं वेंद्रीय जल शत्ति मंत्री कर सीआर पाटील अगड़े वर्ग से आते हैं तो वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्यं अति पिछड़ा समुदाय से आते हैं।
इसके साथ ही पाटा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भाजपा के भविष्य की सबसे बड़ी ताबीर माने जाने वाले पािम बंगाल और तमिलनाडु के लिए भी चुनाव प्रभारी की नियुत्ति की घोषणा कर दी है। पािम बंगाल में चुनाव का जिम्मा संगठन के एक अन्य धुरंधर वेंद्रीय वन पर्यांवरण मंत्री भूपेंद्र यादव के वंधों पर डाला गया है तो वही तमिलनाडु का प्रभार पाटा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं लोकसभा सांसद बैजयंत पांडा को दिया गया है। पािम बंगाल में भूपेंद्र यादव की मदद के लिए पूवरेत्तर भारत के भाजपा के बड़े चेहरों में गिने जाने वाले त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं लोकसभा सांसद विप्लव वुमार देव को लगाया गया है तो वहीं तमिलनाडु में पांडा के साथ दक्षिणी राज्य में कमल खिलाने की जिम्मेदारी वेंद्रीय विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल के वंधों पर सौंपी गईं है।
तमिलनाडु और पािम बंगाल में तो चुनाव अगले साल होने हैं लेकिन बिहार में चुनाव की घोषणा एक दो ह़फ्ते के भीतर ही किए जाने की संभावना है। तमिलनाडु और पािम बंगाल में भाजपा के लिए सत्ता भले ही अभी दूर की कौड़ी बनी हुईं है लेकिन उसकी असली परीक्षा बिहार में होनी है।
भाजपा को भी इस बात का भली भांति एहसास है इसीलिए उसने चुनाव प्रभारीयों की नियुत्ति में भी जातिगत समीकरण का पूरा ख्याल रखा है। पाटा के बिहार चुनाव के प्रभारी धर्मेद्र प्रधान जहां पिछड़ा वर्ग से आते हैं वहीं वेंद्रीय जल शत्ति मंत्री कर सीआर पाटील अगड़े वर्ग से आते हैं तो वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्यं अति पिछड़ा समुदाय से आते हैं।