स्वदेशी को बढ़ावा देने के लिए भाजपा का 3 माह तक आत्मनिर्भर भारत अभियान
प्रकाशित: 26-09-2025 | लेखक: संपादक
वीर अर्जुन संवाददाता नईं दिल्ली। भारतीय जनता पाटा (भाजपा) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारत के खिलाफ हाल ही में टैरिफ वृद्धि के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए 25 सितंबर से 25 दिसंबर, 2025 तक तीन महीने का ’आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान’ शुरू करेगी। पाटा का राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सांसद अरुण सिह ने हां तो निर्भर भारत अभियान के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि मेक इन इंडिया के 11 साल पूरे होने के अवसर पर शुरू किया जा रहा यह अभियान हमारे प्रणेता पाटा के संस्थापक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जन्म जयंती से लेकर अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म जयंती तक तीन महीने तक ठआत्मनिर्भर भारतठ
और ठहर घर स्वदेशीठ अभियान चलेगा। इस दौरान पाटा कार्यंकर्ता और पदाधिकारी देशभर में स्वदेशी उत्पादों के उपयोग और आत्मनिर्भर भारत के लिए जनजागरण करेंगे।
अभियान का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत बनाने के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना है। इस अभियान में गांवों को भी आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया जाएगा ताकि देश समग्र रूप से आत्मनिर्भर बन सके। भाजपा महासचिव अरुण सिह ने इस योजना की जानकारी दी है और कहा कि स्वदेशी को केवल वस्तुओं तक सीमित न रखते हुए भाषा, संस्वृति और रीति-रिवाजों से जोड़ना भी जरूरी है। अरुण सिह ने इसके साथ ही स्पष्ट किया कि स्वदेशी के उपयोग का मतलब विदेशी का विरोध नहीं बल्कि उन वस्तुओं के प्रयोग को बढ़ावा देना है जिनका उत्पादन भारत में हो रहा है या जिन वस्तुओं के उत्पादन में भारतीयों के पसीने की खुशबू शामिल है। इस अभियान के तहत वोकल फॉर लोकल को देशव्यापी रूप से बढ़ावा दिया जाएगा। भाजपा महासचिव अरुण सिह को इस अभियान की पूरी ि़जम्मेदारी सौंपी गईं है। इस अभियान में सरकारी निकाय, स्थानीय स्वशासी संस्थाएँ, उदृाोग एवं व्यापार संगठन, सामाजिक समूह, सांस्वृतिक नेता, युवा एवं महिला संगठन और प्रभावशाली व्यत्ति शामिल होंगे।इस अभियान में व्यापार और उदृाोग सम्मेलन, प्रभातपेरी, मशाल रैली, युवा मेले, किसान मार्च, आध्यात्मिक सभाएं, महिला बैठवें, एमएसएमईं सम्मेलन, आउटरीच कार्यांम और संवाद सत्र सहित कईं प्रकार की गतिविधियां शामिल होंगी।हर जिले में 15-20 दिनों की ’आत्मनिर्भर भारत संकल्प रथ यात्रा’ भी आयोजित की जाएगी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उत्पादों और सेवाओं को बढ़ावा देना होगा। यह पहल अमेरिका द्वारा भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के निर्णय के बाद, प्रधानमंत्री मोदी द्वारा महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता पर नए सिरे से जोर दिए जाने की पृष्ठभूमि में की गईं है।इस साल के स्वतंत्रता दिवस के भाषण में, प्रधानमंत्री मोदी ने आत्मनिर्भरता की पुऱजोर वकालत की। उन्होंने कहा कि ऊर्जा स्वतंत्रता और महत्वपूर्ण खनिजों में आत्मनिर्भरता भारत के लिए आवश्यक है।उन्होंने कहा था, ठकल तक जिस बात पर ़ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाता था, वो आज वेंद्र में आ गईं है। महत्वपूर्ण खनिजों में आत्मनिर्भरता हमारे लिए भी बहुत ़जरूरी है। चाहे ऊर्जा क्षेत्र हो, उदृाोग क्षेत्र हो, रक्षा क्षेत्र हो या कोईं अन्य तकनीकी क्षेत्र हो, आज महत्वपूर्ण खनिज तकनीकी रूप से बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, और इसीलिए हमने नेशनल ािटिकल मिशन शुरू किया है।
1200 से ़ज्यादा स्थानों पर अन्वेषण अभियान चल रहे हैं, और हम महत्वपूर्ण खनिजों में भी आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
और ठहर घर स्वदेशीठ अभियान चलेगा। इस दौरान पाटा कार्यंकर्ता और पदाधिकारी देशभर में स्वदेशी उत्पादों के उपयोग और आत्मनिर्भर भारत के लिए जनजागरण करेंगे।
अभियान का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत बनाने के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना है। इस अभियान में गांवों को भी आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया जाएगा ताकि देश समग्र रूप से आत्मनिर्भर बन सके। भाजपा महासचिव अरुण सिह ने इस योजना की जानकारी दी है और कहा कि स्वदेशी को केवल वस्तुओं तक सीमित न रखते हुए भाषा, संस्वृति और रीति-रिवाजों से जोड़ना भी जरूरी है। अरुण सिह ने इसके साथ ही स्पष्ट किया कि स्वदेशी के उपयोग का मतलब विदेशी का विरोध नहीं बल्कि उन वस्तुओं के प्रयोग को बढ़ावा देना है जिनका उत्पादन भारत में हो रहा है या जिन वस्तुओं के उत्पादन में भारतीयों के पसीने की खुशबू शामिल है। इस अभियान के तहत वोकल फॉर लोकल को देशव्यापी रूप से बढ़ावा दिया जाएगा। भाजपा महासचिव अरुण सिह को इस अभियान की पूरी ि़जम्मेदारी सौंपी गईं है। इस अभियान में सरकारी निकाय, स्थानीय स्वशासी संस्थाएँ, उदृाोग एवं व्यापार संगठन, सामाजिक समूह, सांस्वृतिक नेता, युवा एवं महिला संगठन और प्रभावशाली व्यत्ति शामिल होंगे।इस अभियान में व्यापार और उदृाोग सम्मेलन, प्रभातपेरी, मशाल रैली, युवा मेले, किसान मार्च, आध्यात्मिक सभाएं, महिला बैठवें, एमएसएमईं सम्मेलन, आउटरीच कार्यांम और संवाद सत्र सहित कईं प्रकार की गतिविधियां शामिल होंगी।हर जिले में 15-20 दिनों की ’आत्मनिर्भर भारत संकल्प रथ यात्रा’ भी आयोजित की जाएगी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उत्पादों और सेवाओं को बढ़ावा देना होगा। यह पहल अमेरिका द्वारा भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के निर्णय के बाद, प्रधानमंत्री मोदी द्वारा महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता पर नए सिरे से जोर दिए जाने की पृष्ठभूमि में की गईं है।इस साल के स्वतंत्रता दिवस के भाषण में, प्रधानमंत्री मोदी ने आत्मनिर्भरता की पुऱजोर वकालत की। उन्होंने कहा कि ऊर्जा स्वतंत्रता और महत्वपूर्ण खनिजों में आत्मनिर्भरता भारत के लिए आवश्यक है।उन्होंने कहा था, ठकल तक जिस बात पर ़ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाता था, वो आज वेंद्र में आ गईं है। महत्वपूर्ण खनिजों में आत्मनिर्भरता हमारे लिए भी बहुत ़जरूरी है। चाहे ऊर्जा क्षेत्र हो, उदृाोग क्षेत्र हो, रक्षा क्षेत्र हो या कोईं अन्य तकनीकी क्षेत्र हो, आज महत्वपूर्ण खनिज तकनीकी रूप से बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, और इसीलिए हमने नेशनल ािटिकल मिशन शुरू किया है।
1200 से ़ज्यादा स्थानों पर अन्वेषण अभियान चल रहे हैं, और हम महत्वपूर्ण खनिजों में भी आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।