हम किसानों के हितों की रक्षा और खेती को लाभकारी बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
प्रकाशित: 19-09-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
चंडीगढ़, (पवन आश्री)। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज किसानों के हितों की रक्षा करने और कृषि को आधुनिक एवं लाभकारी व्यवसाय बनाने के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए स्पष्ट किया कि पंजाब के बहुमूल्य जल संसाधनों के संबंध में राज्य के रुख से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। पंजाब कृषि विश्वविद्यालय में किसान मेले के दौरान संबोधित करते हुए उन्होंने नहरी सिंचाई के अधीन क्षेत्र को 88 प्रतिशत तक बढ़ाने, 14,000 किलोमीटर भूमिगत पाइपलाइनें बिछाने (वर्ष के अंत तक और 7,000 किलोमीटर का लक्ष्य) तथा इसके परिणामस्वरूप भूजल स्तर में हुए सुधार के बारे में विस्तार से बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पी.ए.यू. के बीज अनुसंधान केंद्र को मजबूत कर रही है, बागवानी में 1,300 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है और देश में सबसे अधिक 416 रुपये प्रति क्विंटल गन्ने का भाव सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने केंद्र से वैकल्पिक फसलों के लिए लाभकारी एम.एस.पी. तथा पराली जलाने से रोकने के लिए किसानों को वित्तीय सहायता देने की अपील भी की। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने यह भी आश्वासन दिया कि खरीफ खरीद सीजन के दौरान किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदा और समय पर उठाया जाएगा। एक्स पर पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पी.ए.यू. में किसान मेले में शामिल हुआ और प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया। पंजाब के लिए यह बहुत गर्व की बात है कि कृषि विश्वविद्यालय दुनिया के शीर्ष 100 विश्वविद्यालयों में शामिल हुआ है। खेती को लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए हमने नहरी पानी का उपयोग 88 प्रतिशत तक बढ़ाया है। 14,000 किलोमीटर पाइपें बिछाने से राज्य में भूजल स्तर पांच मीटर तक ऊपर आया है।
किसानों की सुविधा के लिए अब खेतों में दिन के समय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। हमारे किसानों की मेहनत के कारण हमें इस बार भी धान की बंपर पैदावार की पूरी उम्मीद है। इंकलाब जिंदाबाद।'' पंजाब कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित किसान मेले में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब भारत में हरित ाढांति का सृजनकर्ता रहा है, जिसने देश को अनाज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। देश को खाद्यान्न की कमी वाले देश से अधिशेष देश में बदलने में पंजाब कृषि विश्वविद्यालय का योगदान सराहनीय है।'' मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के मेहनती और दृढ़ इच्छाशक्ति वाले किसानों ने पी.ए.यू. के कृषि वैज्ञानिकों के सक्षम मार्गदर्शन में राज्य की उपजाऊ मिट्टी और जल संसाधनों का उचित उपयोग करके देश की तस्वीर बदल दी थी। उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार कृषि को आधुनिक और लाभकारी बनाने के लिए ठोस प्रयास कर रही है, ताकि खुशहाली प्रत्येक किसान तक पहुंच सके।
किसानों की सुविधा के लिए अब खेतों में दिन के समय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। हमारे किसानों की मेहनत के कारण हमें इस बार भी धान की बंपर पैदावार की पूरी उम्मीद है। इंकलाब जिंदाबाद।'' पंजाब कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित किसान मेले में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब भारत में हरित ाढांति का सृजनकर्ता रहा है, जिसने देश को अनाज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। देश को खाद्यान्न की कमी वाले देश से अधिशेष देश में बदलने में पंजाब कृषि विश्वविद्यालय का योगदान सराहनीय है।'' मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के मेहनती और दृढ़ इच्छाशक्ति वाले किसानों ने पी.ए.यू. के कृषि वैज्ञानिकों के सक्षम मार्गदर्शन में राज्य की उपजाऊ मिट्टी और जल संसाधनों का उचित उपयोग करके देश की तस्वीर बदल दी थी। उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार कृषि को आधुनिक और लाभकारी बनाने के लिए ठोस प्रयास कर रही है, ताकि खुशहाली प्रत्येक किसान तक पहुंच सके।