राजकीय इंटर कॉलेज में बाल अधिकार और बाल संरक्षण पर विधिक जागरूकता कार्पाम आयोजित
प्रकाशित: 19-09-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
लखनऊ,(वीअ)। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ द्वारा जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष श्री मलखान सिंह के मार्गदर्शन तथा प्रभारी सचिव श्रीमती शोभा भाटी के निर्देशन में आज राजकीय इंटर कॉलेज, निशातगंज में बाल अधिकार और बच्चों को मैत्रीपूर्ण विधिक सेवाएं एवं उनके संरक्षण पर जागरूकता कार्पाम आयोजित किया गया। कार्पाम का संचालन पराविधिक स्वयं सेवक श्री दयाराम मौर्य ने किया। इसमें पीईएस श्री सौरभ प्रताप सिंह, प्रधानाचार्य श्रीमती रेणू मिश्रा, शिक्षक-शिक्षिकाओं सहित 54 छात्रों ने प्रतिभाग किया। श्री दयाराम मौर्य ने बताया कि कार्पाम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को उनके विधिक एवं संवैधानिक अधिकारों, निशुल्क विधिक सहायता तथा बाल संरक्षण कानूनों के प्रति जागरूक करना था। नालसा की बच्चों को मैत्रीपूर्ण विधिक सेवाएं एवं उनके संरक्षण योजना के प्रमुख प्रावधानों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।
विद्यार्थियों को शिक्षा का अधिकार, बाल श्रम प्रतिषेध एवं विनियमन, बाल विवाह प्रतिषेध, पॉक्सो अधिनियम, किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, साइबर सुरक्षा, गुड टच-बैड टच, बाल हेल्पलाइन 1098 तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से मिलने वाली निशुल्क विधिक सहायता की जानकारी दी गई। बताया गया कि शोषण, हिंसा, उत्पीड़न, भेदभाव अथवा विधिक समस्या पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ सहायता के लिए सदैव उपलब्ध है।
विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए प्रश्न पूछे, जिनके सरल उत्तर दिए गए। छात्र-छात्राओं से कानून का सम्मान करने, अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति सजग रहने तथा समाज में विधिक जागरूकता का संदेश प्रसारित करने का आह्वान किया गया।
विद्यार्थियों को शिक्षा का अधिकार, बाल श्रम प्रतिषेध एवं विनियमन, बाल विवाह प्रतिषेध, पॉक्सो अधिनियम, किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, साइबर सुरक्षा, गुड टच-बैड टच, बाल हेल्पलाइन 1098 तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से मिलने वाली निशुल्क विधिक सहायता की जानकारी दी गई। बताया गया कि शोषण, हिंसा, उत्पीड़न, भेदभाव अथवा विधिक समस्या पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ सहायता के लिए सदैव उपलब्ध है।
विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए प्रश्न पूछे, जिनके सरल उत्तर दिए गए। छात्र-छात्राओं से कानून का सम्मान करने, अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति सजग रहने तथा समाज में विधिक जागरूकता का संदेश प्रसारित करने का आह्वान किया गया।