जापान को हराकर भारत एशियाई महिला ािढकेट के सेमीफाइनल में
प्रकाशित: 19-09-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
निशिन, (भाषा)। सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा के हरफनमौला प्रदर्शन और बायें हाथ की स्पिनर श्री चरणी की शानदार गेंदबाजी के दम पर पिछली चैम्पियन भारतीय टीम ने अनुभवहीन जापान को पावार को आठ विकेट से हराकर एशियाई खेलों की महिला ािढकेट स्पर्धा के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया।
श्री चरणी ने 10 रन देकर चार विकेट लिये जो टी20 ािढकेट में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। शेफाली वर्मा ने 13 रन देकर दो विकेट चटकाये। जापान की टीम 19 . 5 ओवर में 57 रन पर आउट हो गई। भारत ने यह लक्ष्य पांच ओवर में हासिल कर लिया। अब भारत का सामना 20 सितंबर को बांग्लादेश से होगा। शेफाली ने 15 गेंद में नाबाद 40 रन बनाये जबकि रिचा घोष ने छह गेंद में 12 रन का योगदान दिया। जापान ने सलामी बल्लेबाज जी कमलिनी और तीसरे नंबर पर उतरी भारती फुलमाली को आउट किया। इससे पहले श्री चरणी की अगुवाई में भारत के अनुभवी स्पिनरों ने जापानी बल्लेबाजों की अनुभवहीनता का पूरा फायदा उठाते हुए उन्हें 57 रन पर आउट कर दिया। पहले गेंदबाजी का फैसला करने वाली भारतीय टीम ने जापान के बल्लेबाजों को हाथ खोलने ही नहीं दिये और पूरी पारी में सिर्फ तीन चौके लगे। जापान के बल्लेबाजों को शीर्ष टीमों से खेलने या नियमित अभ्यास का मौका नहीं मिलता है और उनके लिये टर्न और उछाल लेती पिच पर भारत के गेंदबाजों का सामना कर पाना काफी मुश्किल था।
श्री चरणी ने 10 रन देकर चार विकेट लिये जो टी20 ािढकेट में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। शेफाली वर्मा ने 13 रन देकर दो विकेट चटकाये। जापान की टीम 19 . 5 ओवर में 57 रन पर आउट हो गई। भारत ने यह लक्ष्य पांच ओवर में हासिल कर लिया। अब भारत का सामना 20 सितंबर को बांग्लादेश से होगा। शेफाली ने 15 गेंद में नाबाद 40 रन बनाये जबकि रिचा घोष ने छह गेंद में 12 रन का योगदान दिया। जापान ने सलामी बल्लेबाज जी कमलिनी और तीसरे नंबर पर उतरी भारती फुलमाली को आउट किया। इससे पहले श्री चरणी की अगुवाई में भारत के अनुभवी स्पिनरों ने जापानी बल्लेबाजों की अनुभवहीनता का पूरा फायदा उठाते हुए उन्हें 57 रन पर आउट कर दिया। पहले गेंदबाजी का फैसला करने वाली भारतीय टीम ने जापान के बल्लेबाजों को हाथ खोलने ही नहीं दिये और पूरी पारी में सिर्फ तीन चौके लगे। जापान के बल्लेबाजों को शीर्ष टीमों से खेलने या नियमित अभ्यास का मौका नहीं मिलता है और उनके लिये टर्न और उछाल लेती पिच पर भारत के गेंदबाजों का सामना कर पाना काफी मुश्किल था।