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कोटा में हिजाब पर हंगामा! छात्रा बोली- 'परीक्षा देने से रोक दिया', प्रशासन ने बताया सेंटर पर क्या हुआ

प्रकाशित: 21-01-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
कोटा में हिजाब पर हंगामा! छात्रा बोली- 'परीक्षा देने से रोक दिया', प्रशासन ने बताया सेंटर पर क्या हुआ
राजस्थान के कोटा शहर में शिक्षक भर्ती परीक्षा (REET Mains 2025) के दौरान एक परीक्षा केंद्र पर एक अभ्यर्थी को हिजाब की वजह से रोके जाने का एक मामला सामने आया है. अलीशा नाम की एक छात्रा को कोटा के एक परीक्षा केंद्र पर हिजाब पहनकर परीक्षा देने रोक दिया गया. इसके बाद छात्रा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया जिसमें आरोप लगाया गया कि परीक्षा की गाइडलाइन में हिजाब पर कहीं भी पाबंदी नहीं है लेकिन इसके बावजूद उसे रोककर उसके साथ भेदभाव किया गया. लेकिन प्रशासन ने इस मामले पर सफ़ाई दी है और कहा है कि छात्रा को नियमों के ही तहत रोका गया था.
छात्रा अलीशा ने क्या आरोप लगाए हैं?
राजस्थान के बूंदी जिले के सावतगढ़, हिंडोली क्षेत्र की रहनेवाली छात्रा अलीशा रविवार, 18 जनवरी को अपने पिता के साथ रीट परीक्षा देने कोटा गई थी. उसका सेंटर महावीर नगर एक्सटेंशन स्थित तिलक स्कूल में था. उसकी परीक्षा दोपहर 3 बजे से 5:30 बजे तक थी. वह सेंटर पहले ही पहुंच गई थी लेकिन फिर वहां उसके हिजाब पहनकर परीक्षा केंद्र में जाने को लेकर विवाद हो गया.
छात्रा ने NDTV से बातचीत में बताया कि परीक्षा केंद्र पर मौजूद महिला सुरक्षा कर्मियों ने उसकी पूरी तलाशी ली थी और हिजाब खोलकर भी जांच की गई. लेकिन इसके बावजूद स्कूल की सुपरिंटेंडेंट ने उसे रोक दिया.
उसने कहा, "मुझसे हिजाब हटाने के लिए कहा गया, लेकिन इतने छात्रों के सामने सिर खोलकर परीक्षा देना मेरे लिए अपमानजनक था. यह सिर्फ एक परीक्षा नहीं, मेरे मान-सम्मान और आत्मसम्मान का सवाल था.
अलीशा का आरोप है कि बोर्ड की गाइडलाइंस में साफ लिखा है कि दुपट्टा/चुन्नी पहनकर परीक्षा दी जा सकती है, लेकिन यहां लिखित नियमों को नजरअंदाज कर मौखिक आदेश थोप दिए गए. उसने बताया कि उसके एडमिट कार्ड में लगी फोटो में भी वह हिजाब में ही है, और वह इससे पहले भी आरपीएससी और कर्मचारी चयन बोर्ड की कई परीक्षाएं दे चुकी है पर उसे कभी नहीं रोका गया.
अलीशा ने लगाया कि यह बोर्ड के नियमों का नहीं, बल्कि परीक्षा केंद्र पर मौजूद अधिकारियों की मनमानी का मामला है.
प्रशासन का क्या कहना है?
इस घटना के बारे में कोटा के एडीएम वीरेंद्र यादव ने बताया कि छात्रा को गाइडलाइन के तहत ही परीक्षा केंद्र पर रोका गया.उन्होंने बताया कि उन्हें शाम को जानकारी मिली कि कोटा के तिलक स्कूल सेंटर पर एक बच्ची को हिजाब पहनने के कारण रोका गया है
एडीएम वीरेंद्र यादव ने इस बारे में NDTV से कहा, "मैंने जब सेंटर सुपरिंटेंडेंट से जानकारी ली तो उन्होंने बताया कि उसने हिजाब पहन रखा था. लेकिन कर्मचारी चयन आयोग की गाइडलाइन के अनुसार ऐसे स्कार्फ जिनसे कान और सिर कवर होते हैं, उन्हें पहन परीक्षा देने की अनुमति नहीं है. इसी वजह से उसे समझाने की कोशिश की गई लेकिन वह तैयार नहीं हुई और बिना परीक्षा दिए चली गई."
इस घटना के बारे में यह भी जानकारी सामने आई है कि इसे लेकर छात्रा और केंद्र अधीक्षक के बीच करीब एक घंटे तक बहसबाज़ी हुई. उसके परिवार के लोगों ने भी गुहार लगाया. लेकिन अधीक्षक ने गाइडलाइन का हवाला देकर उसे नहीं जाने दिया. इस दौरान दूसरी महिला परीक्षार्थियों ने भी छात्रा के हिजाब पहनने का यह कहते हुए विरोध किया कि यदि उनके दुपट्टे और चुन्नियां उतरवाई गई हैं तो सबके लिए नियम एक समान होना चाहिए.
हालांकि, इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है. कई अभ्यर्थियों ने इसे अधिकारों का हनन बताते हुए परीक्षा केंद्रों पर एकरूपता और स्पष्ट दिशा-निर्देश लागू करने की मांग की है.