राजस्थान के नागौर में विस्फोटकों का बड़ा जखीरा बरामद, 9550 KG अमोनियम नाइट्रेट के साथ एक आरोपी गिरफ्तार
प्रकाशित: 26-01-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
राजस्थान के नागौर जिले में पुलिस ने गणतंत्र दिवस से ठीक पहले एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है. थाना थांवला क्षेत्र के हरसोर गांव में पुलिस ने एक खेत में बने मकान पर छापा मारकर भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की है. इस कार्रवाई में करीब 9,550 किलो अमोनियम नाइट्रेट जब्त किया गया है, जो 187 बोरियों में भरा हुआ था. इसके अलावा मौके से बड़ी संख्या में डेटोनेटर और फ्यूज वायर भी मिले हैं, जिनका इस्तेमाल विस्फोट करने में किया जाता है. इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है, क्योंकि इससे बड़े पैमाने पर नुकसान हो सकता था.
एक आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में सुलेमान खान (उम्र करीब 50–58 वर्ष) नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो हरसोर गांव का ही रहने वाला है. आरोपी के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. पुलिस के अनुसार, शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि वह वैध और अवैध माइनिंग से जुड़े लोगों को विस्फोटक सामग्री सप्लाई करता था.
जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने बताया कि स्पेशल टीम को विस्फोटक होने की गोपनीय सूचना मिली थी. पहले जानकारी की पुष्टि की गई, फिर योजना बनाकर आरोपी के ठिकाने पर छापेमारी की गई. इस मामले की सूचना केंद्रीय एजेंसियों को भी दी गई है, जो आगे जांच में शामिल होंगी.
जांच में जुटी पुलिस
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह विस्फोटक कहां से लाया गया था और इसका इस्तेमाल कहां किया जाना था. विस्फोटक अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर गहन जांच की जा रही है.
हाल ही में टोंक जिले में पकड़ा गया था विस्फोटक
गौरतलब है कि इससे पहले भी राजस्थान के टोंक जिले में 150 किलो अमोनियम नाइट्रेट पकड़ा गया था, जिसे खाद की बोरियों में छिपाकर ले जाया जा रहा था. जांच में सामने आया था कि ऐसे विस्फोटक गैर-कानूनी माइनिंग और आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल किए जाते हैं. इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक का मिलना सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर मामला है. फिलहाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां हर पहलू से जांच कर रही हैं ताकि किसी भी बड़ी साजिश को समय रहते रोका जा सके.
एक आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में सुलेमान खान (उम्र करीब 50–58 वर्ष) नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो हरसोर गांव का ही रहने वाला है. आरोपी के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. पुलिस के अनुसार, शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि वह वैध और अवैध माइनिंग से जुड़े लोगों को विस्फोटक सामग्री सप्लाई करता था.
जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने बताया कि स्पेशल टीम को विस्फोटक होने की गोपनीय सूचना मिली थी. पहले जानकारी की पुष्टि की गई, फिर योजना बनाकर आरोपी के ठिकाने पर छापेमारी की गई. इस मामले की सूचना केंद्रीय एजेंसियों को भी दी गई है, जो आगे जांच में शामिल होंगी.
जांच में जुटी पुलिस
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह विस्फोटक कहां से लाया गया था और इसका इस्तेमाल कहां किया जाना था. विस्फोटक अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर गहन जांच की जा रही है.
हाल ही में टोंक जिले में पकड़ा गया था विस्फोटक
गौरतलब है कि इससे पहले भी राजस्थान के टोंक जिले में 150 किलो अमोनियम नाइट्रेट पकड़ा गया था, जिसे खाद की बोरियों में छिपाकर ले जाया जा रहा था. जांच में सामने आया था कि ऐसे विस्फोटक गैर-कानूनी माइनिंग और आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल किए जाते हैं. इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक का मिलना सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर मामला है. फिलहाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां हर पहलू से जांच कर रही हैं ताकि किसी भी बड़ी साजिश को समय रहते रोका जा सके.