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भ्रम ना फैलाएं... लड़की की मौत के मामले में गाजीपुर पुलिस ने आखिर राहुल गांधी से क्यों कहा ऐसा

प्रकाशित: 25-04-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
भ्रम ना फैलाएं... लड़की की मौत के मामले में गाजीपुर पुलिस ने आखिर राहुल गांधी से क्यों कहा ऐसा
यूपी के गाजीपुर में लड़की की मौत का मामला तूल पकड़ता दिख रहा है. स्थिति कितनी नाजुक हो चुकी है इसका अंजादा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि 22 अप्रैल को जब पीड़ित परिवार से मिलने समाजवादी पार्टी के नेता यहां पहुंचे तो उनके ऊपर ग्रामीणों ने पथराव कर दिया. बताया जा रहा है कि जिस लड़की की मौत हुई है वो विश्वकर्मा समाज से आती है. इस मामले को लेकर अब राजनीति भी शुरू होती दिख रही है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मामले को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने दावा किया है कि पीड़िता के साथ रेप हुआ है. हालांकि, राहुल गांधी के इस दावे को लेकर अब गाजीपुर पुलिस ने एक बयान भी जारी कर दिया है. गाजीपुर पुलिस ने अपने बयान में राहुल गांधी से भ्रम ना फैलाने की अपील की है. गाजीपुर पुलिस ने सोशल मीडिया पोस्ट कर कहा है कि कृपया सही तथ्यों से संज्ञानित हों. दिनांक 15.4.2026 की सुबह 5:44 बजे मृतका के पिता ने डायल 112 पर कॉल करके बताया था कि लड़की ने पुल से कूदकर आत्महत्या कर ली है. प्रकरण में मृतका के पिता की तहरीर पर दर्ज एफआईआर में भी रेप का कोई उल्लेख नहीं है.मृतका के पीएम में भी कोई बलात्कार संबंधी तथ्य नहीं आया है.कृपया कोई ऐसी असत्यापित (unverified), तथ्यहीन (wrong) एवं भ्रामक (misleading) अफवाह (rumour) ना फैलाएं जिससे समाज में शांति भंग हो. गाज़ीपुर पुलिस @ghazipurpolice द्वारा इस प्रकरण में हत्या के एक आरोपी एवं पथराव करने वाले 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है एवं और भी गिरफ्तारियां जारी हैं .
आपको बता दें कि गाजीपुर पुलिस के इस पोस्ट से पहले राहुल गांधी ने भी एक सोशल मीडिया पोस्ट किया था. इस पोस्ट में उन्होंने कहा था कि उत्तर प्रदेश के ग़ाज़ीपुर में विश्वकर्मा समाज की एक बेटी के साथ बलात्कार और निर्मम हत्या - और फिर परिवार को FIR दर्ज कराने से रोकने के लिए धमकियाँ, हिंसा. हाथरस, कठुआ, उन्नाव और आज ग़ाज़ीपुर - यह एक पैटर्न है. मणिपुर की बेटी ने न्याय की राह देखते-देखते दम तोड़ दिया.हर बार वही चेहरा - पीड़िता दलित, पिछड़ी, आदिवासी, ग़रीब.हर बार वही सच्चाई - अपराधी को संरक्षण, पीड़ित को प्रताड़ना. हर बार वही चुप्पी - सत्ता की, जिन्हें बोलना चाहिए था.जिस देश और प्रदेश में माँ-बाप को अपनी बेटी की FIR लिखवाने के लिए भीख माँगनी पड़े, उस देश की सरकार को सत्ता में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं.दोषी पुलिस अफ़सरों पर कार्रवाई हो, परिवार को सुरक्षा मिले - उच्च स्तरीय जांच हो और तुरंत न्याय मिले.
15 अप्रैल को नदी से मिला था लड़की का शव
दरअसल, विश्वकर्मा समाज की एक लड़की का शव 15 अप्रैल को नदी से बरामद हुआ. पुलिस ने शव बरामद कर कानूनी कार्रवाई शुरू की. पुलिस ने आत्महत्या मानकर कार्रवाई शुरू की लेकिन मृतका के परिजनों ने हत्या की तहरीर दे दी. पुलिस ने हरिओम पांडे और अभिषेक पांडे पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर दोनों को गिरफ़्तार कर जेल भेज दिया. दोनों आरोपी सवर्ण हैं. इसके बाद समाजवादी पार्टी ने अपना प्रतिनिधिमंडल गाजीपुर भेजा.
22 अप्रैल को गाजीपुर जाते समय सपा नेताओं पर हुआ था हमला
सपा का प्रतिनिधिमंडल 22 अप्रैल को गाजीपुर के करंडा थाना क्षेत्र के कटरिया गांव जा रहा था. तभी स्थानीय लोगों ने इस मामले के राजनीतीकरण का विरोध किया. विरोध तू-तू, मैं-मैं से शुरू होकर हिंसक हो गया. लोगों ने पत्थर फेंके. कुछ स्थानीय और कुछ सपा के नेता पत्थरबाजी में घायल हुए. पुलिसवालों को भी चोटें लगीं. स्थानीय लोगों का दावा है कि वो किसी भी राजनैतिक दल को गांव जाकर राजनीति करने नहीं देना चाहते हैं.