वैश्विक अनश्चितता के बीच शेयर बाजार में मिला-जुला रुख, सेंसेक्स 114 अंक चढ़ा, निफ्टी में गिरावट
प्रकाशित: 14-08-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
मुंबई, (भाषा)। कच्चे तेल के दाम में तेजी और वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता के बीच घरेलू शेयर बाजारों में बृहस्पतिवार को मिला-जुला रुख रहा। मानक सूचकांक बीएसई सेंसेक्स 114 अंक के लाभ में रहा जबकि एनएसई निफ्टी में 40 अंक की गिरावट रही।
कारोबार के अंतिम घंटे में हुई लिवाली से बीएसई सेंसेक्स बढ़त के साथ बंद हुआ। तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 113.61 अंक यानी 0.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,079.96 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह ऊंचे में 78,119.39 अंक तक गया और नीचे में 77,665.89 अंक तक आया। इस तरह कारोबार के दौरान सेंसेक्स में 453.5 अंक का उतार-चढ़ाव रहा। वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 40.10 अंक यानी 0.16 प्रतिशत टूटकर 24,395.85 अंक पर बंद हुआ। यह निफ्टी में लगातार तीसरे दिन की गिरावट है। सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में इंटरग्लोब एविएशन, एनटीपीसी, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, लार्सन एंड टुब्रो, हिंदुस्तान यूनिलीवर और इटर्नल के शेयर लाभ में रहे। दूसरी ओर, नुकसान में रहने वाले शेयरों में आईसीआईसीआई बैंक, टाइटन, रिलायंस इंडस्ट्रीज, अल्ट्राटेक सीमेंट और इन्फोसिस शामिल हैं। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें बाजार के लिए बड़ी चिंता बनी हुई हैं। पश्चिम एशिया में जारी अनिश्चितता के कारण निवेशकों में जोखिम लेने की प्रवृत्ति सीमित बनी हुई है। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 1.44 प्रतिशत टूटकर 87.70 डॉलर प्रति बैरल रहा। एचएसटी वेल्थ के संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) हरिसेल्वन राधाकृष्णन ने कहा, बाजार में मजबूती बनी हुई है, लेकिन उसे दिशा देने वाला कोई बड़ा संकेत नहीं मिल रहा है।
अमेरिका की मौद्रिक नीति में नरमी की उम्मीद से वैश्विक निवेश माहौल बेहतर हुआ है, लेकिन कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और वैश्विक स्तर पर जोखिम घरेलू निवेशकों को सतर्क बनाए हुए हैं।
उन्होंने कहा कि ऊर्जा बाजार को लेकर स्पष्टता आने तक भारतीय शेयर बाजार सीमित दायरे में कारोबार कर सकता है। कंपनियों के तिमाही नतीजे और शेयर विशेष से जुड़े घटनाक्रम बाजार की दिशा को प्रभावित करते रहेंगे।
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की लाभ में रहे, जबकि चीन का शंघाई एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग गिरावट के साथ बंद हुए।
यूरोप के ज्यादातर बाजारों में दोपहर के कारोबार में तेजी का रुख था। वहीं, अमेरिकी बाजारों में बुधवार को अधिकतर बढ़त के साथ बंद हुए।
शेयर बाजार के के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को।,002.50 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे।
इससे पहले, सेसेंक्स मंगलवार को 187.90 अंक टूटकर 77,966.35 अंक पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 35.75 अंक की गिरावट के साथ 24,435.95 अंक पर रहा था।
कारोबार के अंतिम घंटे में हुई लिवाली से बीएसई सेंसेक्स बढ़त के साथ बंद हुआ। तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 113.61 अंक यानी 0.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,079.96 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह ऊंचे में 78,119.39 अंक तक गया और नीचे में 77,665.89 अंक तक आया। इस तरह कारोबार के दौरान सेंसेक्स में 453.5 अंक का उतार-चढ़ाव रहा। वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 40.10 अंक यानी 0.16 प्रतिशत टूटकर 24,395.85 अंक पर बंद हुआ। यह निफ्टी में लगातार तीसरे दिन की गिरावट है। सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में इंटरग्लोब एविएशन, एनटीपीसी, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, लार्सन एंड टुब्रो, हिंदुस्तान यूनिलीवर और इटर्नल के शेयर लाभ में रहे। दूसरी ओर, नुकसान में रहने वाले शेयरों में आईसीआईसीआई बैंक, टाइटन, रिलायंस इंडस्ट्रीज, अल्ट्राटेक सीमेंट और इन्फोसिस शामिल हैं। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें बाजार के लिए बड़ी चिंता बनी हुई हैं। पश्चिम एशिया में जारी अनिश्चितता के कारण निवेशकों में जोखिम लेने की प्रवृत्ति सीमित बनी हुई है। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 1.44 प्रतिशत टूटकर 87.70 डॉलर प्रति बैरल रहा। एचएसटी वेल्थ के संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) हरिसेल्वन राधाकृष्णन ने कहा, बाजार में मजबूती बनी हुई है, लेकिन उसे दिशा देने वाला कोई बड़ा संकेत नहीं मिल रहा है।
अमेरिका की मौद्रिक नीति में नरमी की उम्मीद से वैश्विक निवेश माहौल बेहतर हुआ है, लेकिन कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और वैश्विक स्तर पर जोखिम घरेलू निवेशकों को सतर्क बनाए हुए हैं।
उन्होंने कहा कि ऊर्जा बाजार को लेकर स्पष्टता आने तक भारतीय शेयर बाजार सीमित दायरे में कारोबार कर सकता है। कंपनियों के तिमाही नतीजे और शेयर विशेष से जुड़े घटनाक्रम बाजार की दिशा को प्रभावित करते रहेंगे।
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की लाभ में रहे, जबकि चीन का शंघाई एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग गिरावट के साथ बंद हुए।
यूरोप के ज्यादातर बाजारों में दोपहर के कारोबार में तेजी का रुख था। वहीं, अमेरिकी बाजारों में बुधवार को अधिकतर बढ़त के साथ बंद हुए।
शेयर बाजार के के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को।,002.50 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे।
इससे पहले, सेसेंक्स मंगलवार को 187.90 अंक टूटकर 77,966.35 अंक पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 35.75 अंक की गिरावट के साथ 24,435.95 अंक पर रहा था।