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भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कानून व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल

प्रकाशित: 08-08-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
कुरुक्षेत्र, (प्रकृति आश्री)। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बीजेपी सरकार की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा में सरेआम लूट, डकैती, फिरौती, हत्या, फायरिंग रूटिन बन गई है। दादरी में हुई वारदात ने पूरे प्रदेश में दहशत का माहौल बना दिया है। थाने के सामने बदमाशों ने जिस तरह वारदात को अंजाम दिया, इससे साफ है कि उनमें कानून का कोई डर नहीं बचा है।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा विधायक रामकरण काला द्वारा आयोजित सामाजिक भंडारा प्रोग्राम में पहुंचे और उसके बाद कुरुक्षेत्र में पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि खुद केंद्र सरकार के समाजिक प्रगति सूचकांक ने हरियाणा को देश का सबसे असुरक्षित राज्य घोषित किया है। आज हर नागरिक अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहा है तो उसके लिए प्रदेश की बीजेपी सरकार जिम्मेदार है। मुख्यमंत्री द्वारा कांग्रेस की खेल नीति पर की गई टिप्पणी का जवाब देते हुए भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान लागू नीति की आज भी पूरे देश और पूरी दुनिया में सराहना होती है। क्योंकि यह देश ही नहीं, बल्कि दुनिया में पहली बार कांग्रेस ने किया था कि खेलों में पदक जीतने वाले 17 खिलाड़ियों को सीधे डीएसपी नियुक्त किया गया। इनमें योगेश्वर दत्त, जोगिंदर शर्मा, ममता सौदा, विजेंद्र सिंह समेत तमाम जाति वर्गों व क्षेत्रों के खिलाड़ी शामिल थे। इतना ही नहीं, कांग्रेस सरकार ने पदक विजेता खिलाड़ियों को पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा 5 करोड़ तक के नकद ईनाम की नीति बनाया। साथ ही स्कूली स्तर से खिलाड़ियों को तराशने वाली 20 लाख बच्चों के लिए स्पैट गेम्स प्रतियोगिता शुरू की। छोटे बच्चों के लिए स्कूल और अकेडमी के स्तर पर डाइट भत्ता देना शुरू किया।
इन सबका नतीजा ये रहा कि 2010 कॉमनवेल्थ गेम्स में देश को जो कुल 38 गोल्ड मेडल मिले, उनमें से 22 अकेले हरियाणा के खिलाड़ियों ने जीते।
कॉमनवेल्थ खेलों पर बोलते हुए हुड्डा ने पदक जीतने वाले तमाम खिलाड़ियों को हार्दिक बधाई दी। साथ ही उन्होंने इस बात पर खुशी जाहिर करी कि कांग्रेस सरकार के दौरान जो खेल नीति लागू की गई, जिस तरह खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया गया और स्पोर्ट्स अकैडमी खोलीं गईं, उसके नतीजे बरसों बाद भी देखने को मिल रहे हैं।