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पंजाब पुलिस ने 39,000 से अधिक जन-जागरूकता बैठकों के माध्यम से ‘युद्ध नशों विरुद्ध' अभियान को हर गांव और हर वर्ग तक पहुंचाया

प्रकाशित: 08-08-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
चंडीगढ़, (पवन आश्री)।मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में चलाए जा रहे ‘युद्ध नशों विरुद्ध' अभियान को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से पंजाब पुलिस ने 1 मार्च, 2025 को अभियान शुरू होने के बाद से पूरे राज्य में 39,000 से अधिक जन-जागरूकता बैठकों का आयोजन किया है। यह व्यापक जन-संपर्क कार्पाम कानून लागू करने वाली एजेंसियों और आम जनता के बीच की दूरी को कम करते हुए पंजाब के नशा विरोधी अभियान का एक मजबूत स्तंभ बनकर उभरा है।
पंजाब पुलिस नशा तस्करों और नशे के सौदागरों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है तथा इसके जन-जागरूकता कार्पाम ने लोगों की सािढय भागीदारी को प्रोत्साहित करते हुए ‘युद्ध नशों विरुद्ध' अभियान को जन आंदोलन का रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस बात पर जोर देते हुए कि नशों के विरुद्ध लड़ाई पूरे समाज की साझी भागीदारी से ही जीती जा सकती है, पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने कहा, “नशों विरुद्ध लड़ाई केवल कानून लागू करने से नहीं जीती जा सकती।
पंजाब पुलिस जहां नशा तस्करों और संगठित गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, वहीं स्थायी सफलता तभी संभव है, जब समाज रोकथाम और जागरूकता के प्रयासों में बराबर का भागीदार बने। हमारी जन-जागरूकता पहलें पुलिस और जनता के बीच विश्वास को मजबूत कर रही हैं, नागरिकों को नशों से संबंधित गतिविधियों की जानकारी देने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं तथा ऐसा वातावरण तैयार कर रही हैं, जिसमें लोग नशे की बुराई के विरुद्ध डटकर खड़े हों।'' 5 अगस्त, 2026 तक पंजाब पुलिस ने स्कूलों, कॉलेजों तथा अन्य शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थियों को नशों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने तथा साथियों के दबाव का सामना करने संबंधी जानकारी देने के उद्देश्य से विद्यार्थियों के साथ 10,605 बैठकें की हैं। विद्यार्थियों को नशों से संबंधित किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस को देने के लिए भी प्रेरित किया गया। इसके अतिरिक्त 3,303 संपर्क बैठकों का आयोजन किया गया, जो मुख्य रूप से युवाओं पर केंद्रित थीं, क्योंकि वे नशे की लत के सबसे अधिक जोखिम वाले वर्गों में शामिल हैं। इन बैठकों के माध्यम से युवाओं को पुलिस अधिकारियों, सामुदायिक नेताओं तथा स्थानीय प्रतिनिधियों के साथ सीधे संवाद करने का अवसर मिला। इन संवादों के दौरान नशों से संबंधित भ्रांतियों को दूर करने के साथ-साथ नशा मुक्ति, पुनर्वास और रोकथाम संबंधी जानकारी भी दी गई। इस जन-जागरूकता कार्पाम में ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों की अभूतपूर्व भागीदारी देखने को मिली है। ग्रामीण क्षेत्रों की ग्राम रक्षा समितियों (वीडीसी) तथा शहरी क्षेत्रों की वार्ड रक्षा समितियों के सदस्यों के साथ 25,328 से अधिक बैठकें आयोजित की गई हैं। यह पंजाब सरकार की प्रत्येक गांव और प्रत्येक वार्ड को नशा मुक्त बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।