वर्षों से राष्ट्र की सेवा में समर्पित Virarjun अर्जुनस्य प्रतिज्ञे द्वे, न दैन्यं, न पलायनम् ।

महिला जनप्रतिनिधि बदलाव की शिल्पकार : सीएम सैनी

प्रकाशित: 09-09-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
चंडीगढ़, (पवन आश्री)। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि महिला जनप्रतिनिधि बदलाव की केवल साक्षी नहीं, बल्कि बदलाव की शिल्पकार हैं। महिलाएं जब निर्णय लेने की प्रािढया में भागीदारी करती हैं तो उनकी आवाज के साथ परिवार, समाज और राष्ट्र की आकांक्षाएं भी निर्णय के केंद्र तक पहुंचती हैं। महिला जनप्रतिनिधियों की सािढय और प्रभावी भागीदारी लोकतंत्र को अधिक संवेदनशील, समावेशी और जवाबदेह बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी मंगलवार को फरीदाबाद स्थित सूरजकुंड में राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘एप घ्s A ण्प्aहा श्aव' कार्पाम के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर बल्लभगढ़ विधायक श्री मूलचंद शर्मा, बड़खल विधायक श्री धनेश अदलखा, नगर निगम महापौर प्रवीण बत्रा जोशी, हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन श्रीमती उषा प्रियदर्शिनी, ओडिशा विधानसभा की स्पीकर सुरमा पाढ़ी भी मौजूद रहे। कार्यशाला में 20 राज्यों तथा 2 केन्द्र शासित प्रदेशों की महिला विधायक एवं विधान परिषद सदस्य शामिल हुईं। इस दौरान विभिन्न विषयों पर विचार-मंथन, नवाचार, विधायी कार्यप्रणाली, नेतृत्व, संवाद, नीति निर्माण और जनप्रतिनिधियों की प्रभावी भूमिका से जुड़े विभिन्न सत्र आयोजित किए गए।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजय राहटकर तथा आयोग की पूरी टीम का विशेष रूप से आभार व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि महिला जनप्रतिनिधियों के विधायी ज्ञान, नेतृत्व क्षमता, संवाद कौशल और नीति निर्माण में प्रभावी भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में आयोग का यह प्रयास सराहनीय है। उन्होंने कहा कि कार्यशाला की थीम अपने आप में एक शक्तिशाली संदेश देती है। यह केवल एक शीर्षक नहीं, बल्कि एक विचार और संकल्प है कि महिलाएं बदलाव की साक्षी नहीं, बल्कि उसकी शिल्पकार हैं। उन्होंने कहा कि महिला जनप्रतिनिधि केवल अपने निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व नहीं करतीं, बल्कि वे समाज को दिशा देने वाली शक्ति, लोकतंत्र को संवेदनशील बनाने वाली आवाज और देश के भविष्य को आकार देने वाली नेतृत्व क्षमता का प्रतिनिधित्व करती हैं।
सूरजकुंड की ऐतिहासिक भूमि पर महिला जनप्रतिनिधियों का स्वागत मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने देश के विभिन्न राज्यों से आई महिला विधायकों का हरियाणा की ऐतिहासिक एवं पवित्र भूमि पर स्वागत और अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि यह वही भूमि है, जहां से भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र की पवित्र धरती पर मानव समाज को कर्म, ज्ञान और कर्तव्य का संदेश दिया। हरियाणा की इस ऐतिहासिक भूमि पर देश के विभिन्न राज्यों की महिला जनप्रतिनिधियों का एक साथ आना भारत की लोकतांत्रिक विविधता, नारी शक्ति और राष्ट्र निर्माण के सामूहिक संकल्प का जीवंत संगम है। उन्होंने कहा कि पिछले दो दिनों में विभिन्न राज्यों से आई महिला जनप्रतिनिधियों ने अपने अनुभव, विचार और कार्यप्रणालियां साझा की हैं। अलग-अलग राज्यों में किए जा रहे सफल नवाचार दूसरे राज्यों के लिए प्रेरणा बन सकते हैं। अच्छी कार्यप्रणाली किसी सीमा में बंधी नहीं रहती, बल्कि एक-दूसरे से सीखने के माध्यम से सुशासन को मजबूत करती है।
विधायक की भूमिका जनता की आवाज को नीति में बदलने कीः मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विधानसभा केवल कानून बनाने का स्थान नहीं है, बल्कि यह जनता की आवाज को नीति में बदलने का महत्वपूर्ण मंच है। एक प्रभावी विधायक की पहचान केवल इस बात से नहीं होती कि वह सदन में कितना बोलता है, बल्कि इससे होती है कि वह कितनी गहराई से विषयों को समझता है, तथ्यों का कितनी मजबूती से अध्ययन करता है और जनसमस्याओं के कितने व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन क्षेत्र की समस्याओं को तथ्यों के साथ सदन में उठाना, विधेयकों पर गंभीरता से चर्चा करना और सरकार से जवाबदेही सुनिश्चित करना एक सजग जनप्रतिनिधि का मूल दायित्व है। महिला विधायक की भूमिका इससे भी व्यापक है, क्योंकि जब एक महिला विधायक सदन में बोलती है तो उसकी आवाज में केवल एक निर्वाचन क्षेत्र की अपेक्षाएं नहीं होतीं, बल्कि उस मां की चिंता, बेटी के सपने और महिलाओं के संघर्ष एवं आकांक्षाओं की आवाज भी शामिल होती है।
महिला जनप्रतिनिधियों की प्रभावी भागीदारी लोकतंत्र को बनाती है अधिक संवेदनशील, समावेशी और जवाबदेह- मुख्यमंत्रीः मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जब महिलाओं की आवाज निर्णय प्रािढया में शामिल होती है तो नीतियों में संवेदना, निर्णयों में समावेशिता और शासन में न्याय की भावना मजबूत होती है। महिलाओं की भागीदारी केवल लोकतंत्र की तस्वीर नहीं बदलती, बल्कि लोकतंत्र के चरित्र को भी मजबूत करती है। उन्होंने कहा कि जब किसी गांव की महिला सरपंच निर्णय लेने की मेज तक पहुंचती है तो केवल एक महिला उस मेज तक नहीं पहुंचती, बल्कि उसके साथ उस गांव की हजारों महिलाओं की आवाज भी पहुंचती है। इसी सोच के साथ हरियाणा में पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देकर उनकी भागीदारी को मजबूत किया गया है। उन्होंने कहा कि देश की आधी आबादी की प्रभावी भागीदारी के बिना विकास की तस्वीर पूरी नहीं हो सकती। गांव की बेटी और बहू आज परिवार के साथ-साथ पूरे गांव के विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। जहां महिला नेतृत्व होता है, वहां पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जवाबदेही को बढ़ावा मिलता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को मिला नया आत्मविश्वास मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले एक दशक में महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए अनेक योजनाएं और नीतियां लागू की गई हैं। जन-धन खातों से लेकर मुद्रा योजना, उज्ज्वला योजना और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर काम हुआ है। उन्होंने कहा कि जब महिला आर्थिक रूप से मजबूत होती है, उसकी शिक्षा आगे बढ़ती है और उसे अपने निर्णय लेने की क्षमता मिलती है, तभी महिला सशक्तिकरण वास्तव में धरातल पर दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लंबे समय से लंबित महिला आरक्षण से जुड़े ऐतिहासिक निर्णय को आगे बढ़ाते हुए ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के माध्यम से महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को नई दिशा दी है। यह महिलाओं को निर्णय लेने की प्रािढया में अधिक प्रभावी भागीदारी देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
हरियाणा में महिला सशक्तिकरण के लिए हुई अनेक पहल मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं और बेटियों के आर्थिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। ‘दीनदयाल लाडो लक्ष्मी' योजना के तहत बहन-बेटियों को हर माह 2,100 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।