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भगवंत मान सरकार की टैक्स चोरी के विरुद्ध कार्रवाई: हरपाल सिंह चीमा

प्रकाशित: 09-09-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
चंडीगढ़, (पवन आश्री)। टैक्स चोरों को सख्त चेतावनी देते हुए पंजाब के वित्त, योजना, आबकारी एवं कर मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां 22 करोड़ रुपये के जी.एस.टी. (वस्तु एवं सेवा कर) की चोरी के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश करने का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि मंडी गोबिंदगढ़ स्थित एक फर्म के विरुद्ध पंजाब कर विभाग के खुफिया-आधारित ऑपरेशन के परिणामस्वरूप मौके पर 9.50 करोड़ रुपये की नकद बरामदगी हुई है, जो कि टैक्स धोखाधड़ी के विरुद्ध भगवंत मान सरकार की प्रौद्योगिकी-संचालित और जीरो-टॉलरेंस नीति की एक बड़ी सफलता है।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, विभाग द्वारा मेसर्स जगत मेटल्स प्राइवेट लिमिटेड के विरुद्ध सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है। बारीकी से किए गए डेटा विश्लेषण के माध्यम से, हमारे कर अधिकारियों ने पाया कि इस कंपनी ने लगभग 22.53 करोड़ रुपये के इनपुट टैक्स ाsढडिट (आई.टी.सी.) का गलत दावा किया था। हमने पाया कि ये बड़े दावे सीधे तौर पर उन आपूर्तिकर्ताओं से जुड़े थे, जिनके जी.एस.टी. पंजीकरण संबंधित अधिकारियों द्वारा पहले ही रद्द किए जा चुके थे।
वित्त मंत्री ने आगे बताया कि जैसे-जैसे विभाग ने गहराई से जांच की, यह स्पष्ट हो गया कि पूरी सप्लाई चेन ताश के पत्तों के महल की तरह बनी हुई थी। उन्होंने कहा, हमारी जांच से यह सामने आया है कि इस लेन-देन की चेन में बिचौलिए आपूर्तिकर्ताओं ने स्वयं रद्द किए गए डीलरों से भारी आई.टी.सी. प्राप्त किया था। इससे लेन-देन की वास्तविकता पर गंभीर सवाल खड़े हुए और संकेत मिला कि माल की वास्तविक आवाजाही बहुत संदिग्ध थी।
तेज प्रवर्तन कार्रवाई का विवरण देते हुए उन्होंने जोर देकर कहा कि कर विभाग की टीमें राज्य के राजस्व को सुरक्षित करने के लिए दिन-रात एक कर रही हैं। उन्होंने बताया, इन पुख्ता सूचनाओं पर कार्रवाई करते हुए, हमारे विभाग ने 7 सितंबर 2026 को मंडी गोबिंदगढ़ में फर्म के व्यावसायिक परिसर पर सख्त निरीक्षण किया। तलाशी देर रात तक जारी रही। यह महसूस करते हुए कि उनकी चाल समाप्त हो गई है और वे हमारे साक्ष्यों से घिर गए हैं, संबंधित पक्ष ने मौके पर ही 9.50 करोड़ रुपये एस.जी.एस.टी. के रूप में नकद जमा करवा दिए।