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इस साल दिल्ली में पूर्वोत्तर के लोगों पर हमले की तीन घटनाएं हुईं

प्रकाशित: 09-09-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
वीर अर्जुन संवाददाता
नई दिल्ली। दिल्ली में इस साल पूर्वोत्तर के लोगों के खिलाफ कथित नस्लीय टिप्पणी या हिंसा की कम से कम तीन घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें एक मणिपुरी संगीतकार की हत्या भी शामिल है। इन घटनाओं ने राष्ट्रीय राजधानी में उनकी सुरक्षा और भेदभाव को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। ताजा मामला 54 वर्षीय मणिपुरी संगीतकार सी. पाम सिंह का है, जिनकी दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के किलोकरी गांव में सोमवार तड़के सामान पहुंचाने का काम करने वालों और ढाबा कर्मचारियों के एक समूह ने कथित तौर पर पीट-पीट कर हत्या कर दी।
पुलिस ने मामले के सिलसिले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है और एक नाबालिग को पकड़ा है। पुलिस ने कहा कि शुरुआती जांच में पता चला है कि सिंह ने अपने अपार्टमेंट के बाहर समूह द्वारा कथित तौर पर शोर मचाने, शराब पीने और उपद्रव करने पर आपत्ति जताई थी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस हमले के पीछे कोई नस्लीय मंशा थी।सिंह की मौत ने पूर्वोत्तर समुदाय के सदस्यों में चिंता पैदा कर दी है। उनका आरोप है कि नस्लीय टिप्पणी और भेदभाव दिल्ली में उनके रोजमर्रा की जिदंगी का हिस्सा बने हुए हैं। सिंह की इमारत में रहने वाली मणिपुर की एक महिला ने कहा कि उन्होंने घर के बाहर देर रात कुछ लोगों को किसी का पीछा करते देखा था। उन्होंने कहा, मैंने कुछ लोगों को एक व्यक्ति के पीछे भागते देखा। मुझे अंदाजा नहीं था कि वे कौन थे क्योंकि बाहर अंधेरा था। वे उसे गाली दे रहे थे और डर के कारण व देर रात होने की वजह से मैंने अपना दरवाजा बंद कर लिया। महिला ने सिंह को विनम्र और मृदुभाषी बताया। उन्होंने दावा किया कि पूर्वोत्तर के रहने वालों को अक्सर नस्लीय उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा, हम हमेशा यहां नस्लवाद का सामना करते हैं। कई लोग हमें चीनी या मोमो कहते हैं। हम भारतीय हैं और हमें गर्व महसूस होता है। बाकी लोग हमें भारतीय क्यों नहीं मानते?'नॉर्थ ईस्ट इंडिया फोरम अगेंस्ट रेसिज्म' के सदस्यों ने आरोप लगाया कि सिंह की हत्या नस्लीय हिंसा से जुड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह राजधानी में पूर्वोत्तर के लोगों के साथ किए जाने वाले भेदभाव को दर्शाती है। फोरम के एक सदस्य ने कहा, लोग सुरक्षा के लिए दिल्ली आते हैं। क्या यह वही भारत है जिसमें हम रहना चाहते हैं, जहां नागरिक अपने परिवारों के साथ शांति का जीवन नहीं जी सकते? इससे पहले इस साल आठ मार्च को, एक मणिपुरी महिला ने आरोप लगाया था कि मालवीय नगर के एक पार्क में उसके और उसकी सहेली पर अश्लील व नस्लीय टिप्पणियां की गईं और इसपर आपत्ति जताने पर लड़कों के एक समूह ने उस पर बेल्ट से हमला किया और चाकू से वार किया। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज की और चार नाबालिगों को पकड़ा। इस घटना से कुछ दिन पहले मालवीय नगर में रहने वाली अरुणाचल प्रदेश की तीन महिलाओं ने आरोप लगाया था कि उनके किराए के फ्लैट में मरम्मत कार्य को लेकर हुए विवाद के दौरान उनके पड़ोसियों ने उन पर नस्लीय फब्तियां कसीं और अपमानजनक टिप्पणियां कीं।