पो द्वारा स्कूली बच्चों के लिए व्यक्तित्व विकास कार्यशाला का आयोजन
प्रकाशित: 25-07-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
शहडोल (वीअ)। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे महिला कल्याण संगठन (पो) मुख्यालय द्वारा स्कूली बच्चों के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास एवं आत्मविश्वास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से "स्वयं को सक्षम बनाएं विषय पर एक प्रेरणादायक कार्यशाला का आयोजन नॉर्थ ईस्ट इंस्टीट्यूट (एनईआई) सभागार में किया गया। कार्पाम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए व्यक्तित्व विकास, लक्ष्य निर्धारण एवं सकारात्मक सोच से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन प्राप्त किया। कार्पाम का शुभारंभ पो की अध्यक्षा श्रीमती मीनाक्षी शर्मा ने किया। अपने प्रेरक संबोधन में उन्होंने कहा कि प्रत्येक बालक एवं बालिका में अद्वितीय प्रतिभा और असीम संभावनाएँ निहित होती हैं। आवश्यकता केवल अपनी क्षमताओं को पहचानने, उन्हें निरंतर विकसित करने तथा आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर होने की है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि ईश्वर प्रत्येक व्यक्ति को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर प्रदान करता है। ऐसे में प्रत्येक विद्यार्थी को अपनी योग्यता को निरंतर निखारते हुए हर अवसर का सर्वोत्तम उपयोग करना चाहिए, जिससे वह जीवन में सफलता के नए आयाम स्थापित कर सके। अनिल रामटेके ने प्रेरणादायक प्रसंगों एवं वास्तविक जीवन के उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच अपनाने, चुनौतियों का साहसपूर्वक सामना करने तथा निरंतर सीखते रहने के लिए प्रेरित किया। वहीं शैलेश रामटेके ने टालमटोल की आदत के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए समय प्रबंधन, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण के महत्व को सरल एवं प्रभावी ढंग से समझाया। उन्होंने विद्यार्थियों को सफलता की राह में आने वाली बाधाओं को दूर करने के व्यावहारिक उपाय भी बताए। कार्पाम में बड़ी संख्या में विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की। इस अवसर पर पो की सदस्याएँ, वरिष्ठ उप महाप्रबंधक सुरेश चंद्रा, प्रधान मुख्य सामग्री प्रबंधक एके.मेश्राम सहित अनेक अधिकारीगण भी मौजूद रहे। कार्यशाला के समापन पर उपस्थित विद्यार्थियों एवं अतिथियों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे बच्चों में आत्मविश्वास, सकारात्मक दृष्टिकोण एवं नेतृत्व क्षमता विकसित करने की दिशा में एक अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक प्रयास बताया।