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गौशालाओं की आत्मनिर्भरता का नया मंत्र, गोबर से ऊर्जा, गोमूत्र से मूल्यवर्धन और नवाचार से आय

प्रकाशित: 25-07-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
लखनऊ,(वीअ)। गौशालाओं को संरक्षण केंद्रों से आगे बढ़ाकर आत्मनिर्भरता, रोजगार और ग्रामीण उद्यमिता के केंद्रों के रूप में विकसित करने की दिशा में आज उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के सभागार, इन्दिरा भवन, लखनऊ में उद्यमियों, नवाचारी किसानों, गोसेवी संस्थाओं, गोसेवियों एवं गौशाला संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण संवाद आयोजित किया गया।
संवाद में उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री श्याम बिहारी गुप्त, मा0 सदस्य श्री राजेश सिंह सेंगर, श्री दीपक गोयल एवं श्री रमाकांत उपाध्याय सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञ, उद्यमी एवं नवाचारी प्रतिनिधि उपस्थित रहे। संवाद का मुख्य बिन्दु इस बात पर रहा कि गौशालाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए गोवंश से जुड़े प्रत्येक संसाधन का वैज्ञानिक एवं व्यावसायिक मूल्यवर्धन कैसे किया जाए। इसमें दूध, गोबर और गोमूत्र को अलग-अलग उत्पाद के रूप में नहीं, बल्कि एक समग्र गो आधारित गरमाई अर्थव्यवस्था के हिस्से के रूप में विकसित करने पर विचार किया गया। सचिव श्री पुरीष कुमार ने गौशालाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता का विस्तृत राजस्व मॉडल प्रस्तुत करते हुए बताया कि यदि लगभग 200 गायों वाली गौशाला में दूध, गोबर और गोमूत्र के वैज्ञानिक मूल्यवर्धन के साथ बायोगैस, जैविक खाद, प्राकृतिक कृषि इनपुट एवं अन्य गो आधारित उत्पादों से जुड़ी नवाचारी गतिविधियां संचालित की जाएं, तो एक सुव्यवस्थित मॉडल के माध्यम से ?2 करोड़ तक की संभावित वार्षिक आय सृजित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि गौशालाओं को केवल अनुदान आधारित व्यवस्था के बजाय उत्पादन, मूल्यवर्धन, ब्रांडिंग और बाजार से जोड़कर राजस्व उत्पन्न करने वाले उद्यम के रूप में विकसित करने की आवश्यकता है। संवाद में बनासकांठा, गुजरात की गोमूत्र डेयरी के श्री देवाराम पुरोहित ने अपना प्रेरणादायी अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि गुजरात के अबाला गांव में गोमूत्र के संग्रहण और वैज्ञानिक प्रसंस्करण को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़कर प्राकृतिक कृषि के लिए उपयोगी उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इस पहल के माध्यम से स्थानीय ग्रामीण परिवारों को आय का अवसर मिलने के साथ प्राकृतिक एवं रसायन मुक्त कृषि को भी बढ़ावा मिल रहा है। श्री शैलेन्द्र प्रताप सिंह, पूर्व पुलिस उपाधीक्षक एवं श्री ग्राम धाम गौशाला, सिद्धपुरा, लखनऊ के संचालक ने गौशाला में विकसित बैल-आधारित विद्युत उत्पादन मॉडल की जानकारी साझा की।