एनटीए के 47 अधिकारी बर्खास्त किए गए
प्रकाशित: 25-07-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
नई दिल्ली, (भाषा)। नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया और कुछ के खिलाफ कानूनी तथा आपराधिक कार्रवाई की जायेगी। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
यह कदम उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी को पंचायती राज मंत्रालय भेजे जाने के एक दिन बाद उ"ाया गया है। एक वरिष्" अधिकारी ने कहा, एनटीए में व्यापक बदलाव किए जाने की तैयारी है और आगे भी कई सुधारात्मक कदम उ"ाए जाएंगे। कम से कम 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया गया है और उनमें से कुछ के खिलाफ कानूनी तथा आपराधिक कार्वाई शुरू की जाएगी। प्रश्नपत्र लीक और सीबीएसई के डिजिटल मूल्यांकन में आई गड़बड]ियों को लेकर पैदा हुए छात्रों के आक्रोश के कारण शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ कार्वाई का सिलसिला शुरू हो गया है। प्रदर्शनकारी और विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
एनटीए ने महाप्रबंधक स्तर पर पेशेवर नियुक्तियों के एक समूह के लिए विज्ञापन जारी किए हैं और अलग से संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के प्रतिभा सेतु पोर्टल के माध्यम से 16 युवा पेशेवरों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की है। अधिकारी ने कहा कि आने वाले कुछ हफ्तों में उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के अनुसार एनटीए के दस अलग-अलग कार्यक्षेत्रों में और लोगों की भर्ती की जायेगी।
ऐसे में एजेंसी के ढांचे और कार्यप्रणाली में व्यापक बदलाव की प्रािढया शुरू की गई है। शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यह कार्रवाई एनटीए के संपूर्ण पुनर्गठन (ओवरहॉल) की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, ताकि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और जवाबदेह बनाया जा सके।
इससे पहले सूत्रों के हवाले से सामने आया था कि सरकार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को स्वीकार नहीं करेगी। नीट पेपर लीक को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और विपक्ष की ओर से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के बीच सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि वह इस मांग को स्वीकार नहीं करेगी।
यह कदम उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी को पंचायती राज मंत्रालय भेजे जाने के एक दिन बाद उ"ाया गया है। एक वरिष्" अधिकारी ने कहा, एनटीए में व्यापक बदलाव किए जाने की तैयारी है और आगे भी कई सुधारात्मक कदम उ"ाए जाएंगे। कम से कम 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया गया है और उनमें से कुछ के खिलाफ कानूनी तथा आपराधिक कार्वाई शुरू की जाएगी। प्रश्नपत्र लीक और सीबीएसई के डिजिटल मूल्यांकन में आई गड़बड]ियों को लेकर पैदा हुए छात्रों के आक्रोश के कारण शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ कार्वाई का सिलसिला शुरू हो गया है। प्रदर्शनकारी और विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
एनटीए ने महाप्रबंधक स्तर पर पेशेवर नियुक्तियों के एक समूह के लिए विज्ञापन जारी किए हैं और अलग से संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के प्रतिभा सेतु पोर्टल के माध्यम से 16 युवा पेशेवरों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की है। अधिकारी ने कहा कि आने वाले कुछ हफ्तों में उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के अनुसार एनटीए के दस अलग-अलग कार्यक्षेत्रों में और लोगों की भर्ती की जायेगी।
ऐसे में एजेंसी के ढांचे और कार्यप्रणाली में व्यापक बदलाव की प्रािढया शुरू की गई है। शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यह कार्रवाई एनटीए के संपूर्ण पुनर्गठन (ओवरहॉल) की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, ताकि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और जवाबदेह बनाया जा सके।
इससे पहले सूत्रों के हवाले से सामने आया था कि सरकार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को स्वीकार नहीं करेगी। नीट पेपर लीक को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और विपक्ष की ओर से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के बीच सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि वह इस मांग को स्वीकार नहीं करेगी।