ब्रिक्स देश स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाएंः गोयल
प्रकाशित: 12-09-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
विशेष प्रतिनिधि
नई दिल्ली। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ब्रिक्स के सदस्य देशों से अपनी भुगतान प्रणालियों को आपस में जोड़ने, स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा देने और दुनियाभर में डिजिटल व्यापार को अधिक सुलभ बनाने का पावार को आग्रह किया।
ब्रिक्स बिजनेस फोरम 2026 के उद्घाटन सत्र को यहां संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। भारत का यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) सालाना 250 अरब से अधिक लेनदेन का आंकड़ा पार कर चुका है, जो दुनियाभर में लेनदेन की संख्या के हिसाब से आधे से अधिक है। उन्होंने कहा, आज इसे (यूपीआई को) 11 देशों में भी स्वीकार किया जाता है और मैं ब्रिक्स के सदस्य देशों तथा साझेदार देशों से आग्रह करूंगा कि वे हमारी भुगतान प्रणालियों को आपस में जोड़ें, एक-दूसरे की स्थानीय मुद्राओं में व्यापार करें, डिजिटल व्यापार को वैश्विक बनाएं और भविष्य की उभरती प्रौद्योगिकियों के लिए मिलकर काम करें। बिजनेस फोरम दो दिवसीय ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर आयोजित किया गया। भारत शनिवार से इस शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। यह सम्मेलन रूस-पोन युद्ध, अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में अवरोध और अमेरिकी प्रशासन की शुल्क नीतियों से उत्पन्न एवं बढ़ती वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच हो रहा है। गोयल ने साथ ही कहा कि साझेदार देशों के बीच व्यापार गहरा एवं मजबूत होना चाहिए तथा आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता होनी चाहिए, ताकि किसी भी समय व्यापार सदस्य देशों में से किसी की भी वृद्धि और लोगों के कल्याण में बाधा न बने। उन्होंने कहा, हमें कच्चे माल और महत्वपूर्ण खनिजों समेत एक-दूसरे के उत्पादों के लिए अपने बाजार खोलने चाहिए। हमारी आपूर्ति श्रृंखलाएं तभी मजबूत होंगी जब वे दोनों दिशाओं में चलेंगी। मंत्री ने कहा कि गैर-शुल्क उपायों से निर्यात लागत बढ़ती है, जो शुल्क उपायों से होने वाली लागत से भी अधिक होती है। उन्होंने कारोबारियों के लिए बाजार तक पहुंच को आसान और सुगम बनाने का आह्वान किया। गोयल ने कहा, मैं ब्रिक्स के सदस्य देशों और साझेदार देशों से आग्रह करता हूं कि वे अपने बाजार खोलें तथा साथ ही नियामकीय प्रािढयाओं को सरल बनाने एवं माल की खेप को तेजी से मंजूरी देने में सहयोग करें। उन्होंने खाद्य सुरक्षा के हित में ब्रिक्स देशों के किसानों के लिए मिलकर समाधान विकसित करने के लिए कृषि-प्रौद्योगिकी स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने का भी आह्वान किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा, आइए, वास्तविक अर्थों में एक-दूसरे के लिए अपने सेवा बाजार खोलें। पेशेवरों को सीमाओं के पार आसानी से आने-जाने दें और एक-दूसरे की पेशेवर योग्यताओं को मान्यता देना आसान बनाएं। उन्होंने कहा कि कृषि, दवा, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक, वाहन, वाहन कलपुर्जे और सेवाओं समेत क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं। सत्र को संबोधित करते हुए रूस के आर्थिक विकास मंत्री मैक्सिम रेशेतनिकोव ने कहा कि ब्रिक्स देश वैश्विक अर्थव्यवस्था के एक चौथाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं और सतत भविष्य के लिए एक मजबूत आवाज हैं।
नई दिल्ली। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ब्रिक्स के सदस्य देशों से अपनी भुगतान प्रणालियों को आपस में जोड़ने, स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा देने और दुनियाभर में डिजिटल व्यापार को अधिक सुलभ बनाने का पावार को आग्रह किया।
ब्रिक्स बिजनेस फोरम 2026 के उद्घाटन सत्र को यहां संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। भारत का यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) सालाना 250 अरब से अधिक लेनदेन का आंकड़ा पार कर चुका है, जो दुनियाभर में लेनदेन की संख्या के हिसाब से आधे से अधिक है। उन्होंने कहा, आज इसे (यूपीआई को) 11 देशों में भी स्वीकार किया जाता है और मैं ब्रिक्स के सदस्य देशों तथा साझेदार देशों से आग्रह करूंगा कि वे हमारी भुगतान प्रणालियों को आपस में जोड़ें, एक-दूसरे की स्थानीय मुद्राओं में व्यापार करें, डिजिटल व्यापार को वैश्विक बनाएं और भविष्य की उभरती प्रौद्योगिकियों के लिए मिलकर काम करें। बिजनेस फोरम दो दिवसीय ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर आयोजित किया गया। भारत शनिवार से इस शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। यह सम्मेलन रूस-पोन युद्ध, अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में अवरोध और अमेरिकी प्रशासन की शुल्क नीतियों से उत्पन्न एवं बढ़ती वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच हो रहा है। गोयल ने साथ ही कहा कि साझेदार देशों के बीच व्यापार गहरा एवं मजबूत होना चाहिए तथा आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता होनी चाहिए, ताकि किसी भी समय व्यापार सदस्य देशों में से किसी की भी वृद्धि और लोगों के कल्याण में बाधा न बने। उन्होंने कहा, हमें कच्चे माल और महत्वपूर्ण खनिजों समेत एक-दूसरे के उत्पादों के लिए अपने बाजार खोलने चाहिए। हमारी आपूर्ति श्रृंखलाएं तभी मजबूत होंगी जब वे दोनों दिशाओं में चलेंगी। मंत्री ने कहा कि गैर-शुल्क उपायों से निर्यात लागत बढ़ती है, जो शुल्क उपायों से होने वाली लागत से भी अधिक होती है। उन्होंने कारोबारियों के लिए बाजार तक पहुंच को आसान और सुगम बनाने का आह्वान किया। गोयल ने कहा, मैं ब्रिक्स के सदस्य देशों और साझेदार देशों से आग्रह करता हूं कि वे अपने बाजार खोलें तथा साथ ही नियामकीय प्रािढयाओं को सरल बनाने एवं माल की खेप को तेजी से मंजूरी देने में सहयोग करें। उन्होंने खाद्य सुरक्षा के हित में ब्रिक्स देशों के किसानों के लिए मिलकर समाधान विकसित करने के लिए कृषि-प्रौद्योगिकी स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने का भी आह्वान किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा, आइए, वास्तविक अर्थों में एक-दूसरे के लिए अपने सेवा बाजार खोलें। पेशेवरों को सीमाओं के पार आसानी से आने-जाने दें और एक-दूसरे की पेशेवर योग्यताओं को मान्यता देना आसान बनाएं। उन्होंने कहा कि कृषि, दवा, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक, वाहन, वाहन कलपुर्जे और सेवाओं समेत क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं। सत्र को संबोधित करते हुए रूस के आर्थिक विकास मंत्री मैक्सिम रेशेतनिकोव ने कहा कि ब्रिक्स देश वैश्विक अर्थव्यवस्था के एक चौथाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं और सतत भविष्य के लिए एक मजबूत आवाज हैं।