दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के लिए विद्यार्थी परिषद व एनएसयूआई ने घोषित किए अपने प्रत्याशी
प्रकाशित: 12-09-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
वीर अर्जुन संवाददाता
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) के आगामी चुनावों के लिए सभी प्रमुख छात्र संगठनों ने पावार को अपने-अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए। इसके साथ ही 18 सितंबर को चार प्रमुख पदों के लिए मुकाबला तय हो गया है।
अध्यक्ष पद के लिए सात उम्मीदवार, उपाध्यक्ष के लिए पांच, सचिव के लिए चार और संयुक्त सचिव के लिए चार उम्मीदवार मैदान में हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने अध्यक्ष पद के लिए यश डबास को उम्मीदवार बनाया है। उनका मुकाबला नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के विजय शंकर मीणा से होगा।
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के गठबंधन ने अध्यक्ष पद के लिए अनन्या रतूड़ी, उपाध्यक्ष के लिए अक्षत शिखर, सचिव के लिए स्टैंजिन डेसक्यॉन्ग और संयुक्त सचिव के लिए बी. परीजात को उम्मीदवार बनाया है।
एबीवीपी ने उपाध्यक्ष पद के लिए इशु मौर्य, सचिव पद के लिए रिया छावड़ी और संयुक्त सचिव पद के लिए लक्ष्य राज सिंह को उम्मीदवार बनाया है। एबीवीपी के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार डबास दिल्ली के कंझावला के रहने वाले हैं और फिलहाल बौद्ध अध्ययन विभाग में पढ़ाई कर रहे हैं। वह अंतरराष्ट्रीय स्तर के टेनिस खिलाड़ी हैं और स्पेन, ऑस्ट्रेलिया तथा सर्बिया में आईटीएफ प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुके हैं। एबीवीपी ने पावार को बताया कि उन्होंने विश्वविद्यालय स्तर की प्रतियोगिताओं में दिल्ली विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व भी किया है। वाराणसी के रहने वाले मौर्य कैंपस लॉ सेंटर में कानून की पढ़ाई कर रहे हैं और 2021 से एबीवीपी से जुड़े हैं। वह सत्यवती कॉलेज (प्रात:) इकाई के अध्यक्ष और स्टूडेंट्स फॉर सेवा के सह-संयोजक रह चुके हैं। श्री अरबिंदो कॉलेज में बीए प्रोग्राम चौथे वर्ष की छात्रा छावड़ी इंटर-कॉलेज स्तर की बास्केटबॉल खिलाड़ी रही हैं, जबकि सिंह कैंपस लॉ सेंटर में कानून की पढ़ाई कर रहे हैं। एबीवीपी के अनुसार, सिंह ने एशियाई खेलों और विश्व चैंपियनशिप में हैंडबॉल में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। एनएसयूआई ने अध्यक्ष पद के लिए मीणा, उपाध्यक्ष के लिए वीर चतरथ, सचिव के लिए नम्रता चौधरी और संयुक्त सचिव के लिए गोपाल चौधरी को उम्मीदवार बनाया है। संगठन ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि उसका अभियान ''छात्रों के हितों को सबसे पहले रखने'' और दिल्ली विश्वविद्यालय को ''समृद्ध, सुरक्षित एवं बेहतर'' बनाने पर केंद्रित होगा। एनएसयूआई ने एक बयान में कहा कि मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले मीणा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है और बौद्ध अध्ययन विभाग में दाखिला लिया है। संगठन ने कहा कि शैक्षणिक और छात्रों से जुड़े मुद्दों की अच्छी समझ रखने वाले मीणा छात्र अधिकारों, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व से जुड़े मुद्दों पर सािढय रूप से काम करते रहे हैं। एनएसयूआई के अनुसार, दिल्ली के रहने वाले चतरथ भी बौद्ध अध्ययन विभाग से एमए की पढ़ाई कर रहे हैं। चौधरी ने दिल्ली विश्वविद्यालय के एसपीएम कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है और मीणा तथा चतरथ की तरह वह भी बौद्ध अध्ययन की छात्रा हैं। मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले गोपाल चौधरी ने दिल्ली विश्वविद्यालय के सत्यवती कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है और वह भी बौद्ध अध्ययन में एमए कर रहे हैं। एनएसयूआई ने एक बयान में कहा कि एनएसयूआई के संयुक्त सचिव पद के उम्मीदवार गोपाल चौधरी छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सािढय रूप से काम कर रहे हैं और कैंपस में बेहतर शैक्षणिक व लोकतांत्रिक माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। आइसा-एसएफआई गठबंधन ने अपने उम्मीदवारों को "वैकल्पिक राजनीति" का प्रतिनिधित्व करने वाला बताया और कहा कि वे छात्रों की अगुवाई वाला डूसू बनाने तथा राजनीति में "धनबल एवं बाहुबल" का विरोध करने की कोशिश करेगा। गठबंधन के अनुसार, आइसा की सदस्य रतूड़ी यौन उत्पीड़न और कैंपस में जवाबदेही जैसे मुद्दों को लेकर छात्र आंदोलनों में शामिल रही हैं। आइसा से जुड़े शिखर मोतीलाल नेहरू कॉलेज के छात्र हैं। गठबंधन ने बताया कि वह जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों में भी शामिल रहे हैं। हिंदू कॉलेज में एमएससी गणित की प्रथम वर्ष की छात्रा डेसक्यॉन्ग पहले रामजस कॉलेज छात्र संघ की उपाध्यक्ष रह चुकी हैं। वहीं, हंसराज कॉलेज में एमए अंग्रेजी के प्रथम वर्ष के छात्र परीजात साहित्यिक और थिएटर गतिविधियों में शामिल रहे हैं। इन उम्मीदवारों की घोषणा दिल्ली विश्वविद्यालय के मुख्य चुनाव अधिकारी द्वारा पावार को नामांकन पत्रों की जांच और नामांकन वापस लेने की प्रािढया के बाद उम्मीदवारों की सूची जारी किए जाने के बाद हुई।
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) के आगामी चुनावों के लिए सभी प्रमुख छात्र संगठनों ने पावार को अपने-अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए। इसके साथ ही 18 सितंबर को चार प्रमुख पदों के लिए मुकाबला तय हो गया है।
अध्यक्ष पद के लिए सात उम्मीदवार, उपाध्यक्ष के लिए पांच, सचिव के लिए चार और संयुक्त सचिव के लिए चार उम्मीदवार मैदान में हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने अध्यक्ष पद के लिए यश डबास को उम्मीदवार बनाया है। उनका मुकाबला नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के विजय शंकर मीणा से होगा।
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के गठबंधन ने अध्यक्ष पद के लिए अनन्या रतूड़ी, उपाध्यक्ष के लिए अक्षत शिखर, सचिव के लिए स्टैंजिन डेसक्यॉन्ग और संयुक्त सचिव के लिए बी. परीजात को उम्मीदवार बनाया है।
एबीवीपी ने उपाध्यक्ष पद के लिए इशु मौर्य, सचिव पद के लिए रिया छावड़ी और संयुक्त सचिव पद के लिए लक्ष्य राज सिंह को उम्मीदवार बनाया है। एबीवीपी के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार डबास दिल्ली के कंझावला के रहने वाले हैं और फिलहाल बौद्ध अध्ययन विभाग में पढ़ाई कर रहे हैं। वह अंतरराष्ट्रीय स्तर के टेनिस खिलाड़ी हैं और स्पेन, ऑस्ट्रेलिया तथा सर्बिया में आईटीएफ प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुके हैं। एबीवीपी ने पावार को बताया कि उन्होंने विश्वविद्यालय स्तर की प्रतियोगिताओं में दिल्ली विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व भी किया है। वाराणसी के रहने वाले मौर्य कैंपस लॉ सेंटर में कानून की पढ़ाई कर रहे हैं और 2021 से एबीवीपी से जुड़े हैं। वह सत्यवती कॉलेज (प्रात:) इकाई के अध्यक्ष और स्टूडेंट्स फॉर सेवा के सह-संयोजक रह चुके हैं। श्री अरबिंदो कॉलेज में बीए प्रोग्राम चौथे वर्ष की छात्रा छावड़ी इंटर-कॉलेज स्तर की बास्केटबॉल खिलाड़ी रही हैं, जबकि सिंह कैंपस लॉ सेंटर में कानून की पढ़ाई कर रहे हैं। एबीवीपी के अनुसार, सिंह ने एशियाई खेलों और विश्व चैंपियनशिप में हैंडबॉल में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। एनएसयूआई ने अध्यक्ष पद के लिए मीणा, उपाध्यक्ष के लिए वीर चतरथ, सचिव के लिए नम्रता चौधरी और संयुक्त सचिव के लिए गोपाल चौधरी को उम्मीदवार बनाया है। संगठन ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि उसका अभियान ''छात्रों के हितों को सबसे पहले रखने'' और दिल्ली विश्वविद्यालय को ''समृद्ध, सुरक्षित एवं बेहतर'' बनाने पर केंद्रित होगा। एनएसयूआई ने एक बयान में कहा कि मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले मीणा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है और बौद्ध अध्ययन विभाग में दाखिला लिया है। संगठन ने कहा कि शैक्षणिक और छात्रों से जुड़े मुद्दों की अच्छी समझ रखने वाले मीणा छात्र अधिकारों, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व से जुड़े मुद्दों पर सािढय रूप से काम करते रहे हैं। एनएसयूआई के अनुसार, दिल्ली के रहने वाले चतरथ भी बौद्ध अध्ययन विभाग से एमए की पढ़ाई कर रहे हैं। चौधरी ने दिल्ली विश्वविद्यालय के एसपीएम कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है और मीणा तथा चतरथ की तरह वह भी बौद्ध अध्ययन की छात्रा हैं। मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले गोपाल चौधरी ने दिल्ली विश्वविद्यालय के सत्यवती कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है और वह भी बौद्ध अध्ययन में एमए कर रहे हैं। एनएसयूआई ने एक बयान में कहा कि एनएसयूआई के संयुक्त सचिव पद के उम्मीदवार गोपाल चौधरी छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सािढय रूप से काम कर रहे हैं और कैंपस में बेहतर शैक्षणिक व लोकतांत्रिक माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। आइसा-एसएफआई गठबंधन ने अपने उम्मीदवारों को "वैकल्पिक राजनीति" का प्रतिनिधित्व करने वाला बताया और कहा कि वे छात्रों की अगुवाई वाला डूसू बनाने तथा राजनीति में "धनबल एवं बाहुबल" का विरोध करने की कोशिश करेगा। गठबंधन के अनुसार, आइसा की सदस्य रतूड़ी यौन उत्पीड़न और कैंपस में जवाबदेही जैसे मुद्दों को लेकर छात्र आंदोलनों में शामिल रही हैं। आइसा से जुड़े शिखर मोतीलाल नेहरू कॉलेज के छात्र हैं। गठबंधन ने बताया कि वह जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों में भी शामिल रहे हैं। हिंदू कॉलेज में एमएससी गणित की प्रथम वर्ष की छात्रा डेसक्यॉन्ग पहले रामजस कॉलेज छात्र संघ की उपाध्यक्ष रह चुकी हैं। वहीं, हंसराज कॉलेज में एमए अंग्रेजी के प्रथम वर्ष के छात्र परीजात साहित्यिक और थिएटर गतिविधियों में शामिल रहे हैं। इन उम्मीदवारों की घोषणा दिल्ली विश्वविद्यालय के मुख्य चुनाव अधिकारी द्वारा पावार को नामांकन पत्रों की जांच और नामांकन वापस लेने की प्रािढया के बाद उम्मीदवारों की सूची जारी किए जाने के बाद हुई।